भीलवाड़ा जिले में सात दिन से लापता फाइनेंसर का शव कुएं में मिला। तारबंदी वाले पोल से हाथ-पैर बांधकर कुएं में फेंका गया था। मुंह पर भी कपड़ा बंधा था। रविवार सुबह कुएं में शव देख ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने एसडीआरएफ टीम और क्रेन की मदद से श
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मृतक की पहचान बागोर थाना क्षेत्र के बावलास गांव निवासी फाइनेंसर शोभाराम जैन (78) के रूप में हुई। बुजुर्ग 19 जुलाई से लापता थे, 22 जुलाई को परिजनों ने थाने में गुमशुदगी दर्ज करवाई थी। शव का पोस्टमॉर्टम करवाया गया।

क्रेन की मदद से कुएं से शव को बाहर निकाला गया।
सिरियारी गए थे दर्शन करने मृतक शोभाराम जैन के बेटे भैरूलाल ने बताया- मैं अपने छोटे भाई के साथ मुंबई में रहता हूं। मेरे पिता गांव में अकेले ही रहते थे। मां की मौत हो चुकी है। पिता जी गांव के लोगों के साथ 19 जुलाई को पाली के प्रसिद्ध जैन तीर्थ सिरियारी गए थे। वहां दर्शन करने के बाद वे अकेले घर के लिए रवाना हुए, लेकिन घर नहीं पहुंचे।
सूचना मिलने पर मैं 22 जुलाई को मुंबई से अपने गांव पहुंचा। काफी तलाश करने के बाद भी जब पिता जी का कोई सुराग नहीं मिला तो मैंने बागोर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। इसके बाद से ही पुलिस तलाश में जुटी थी।
सीमेंट के पोल से बांधकर कुएं में डाला पुलिस ने बताया सुबह मदनपुर गांव के पास सड़क किनारे स्थित कुएं में शव तैरता देख ग्रामीणों ने सूचना दी। करीब 2 बजे मौके पर पहुंची पुलिस ने SDRF टीम और क्रेन की मदद से शव को बाहर निकाला। तब पता चला कि शोभाराम के हाथ-पैर बांध कर सीमेंट के पोल से बांध दिया गया था, जिससे कि शव पानी के ऊपर न आ सके।

जब शव बाहर निकाला गया तो पता चला कि हाथ-पैर खंभे से बंधे हुए थे। मुंह पर भी कपड़ा बांधा गया था।
पैसों के लेन-देन को लेकर हत्या की आशंका थानाधिकारी बच्छ राज ने बताया- शुरुआती जांच में सामने आया कि मृतक शोभाराम जैन क्षेत्र में लोगों को ब्याज पर रुपए देते थे। ऐसे में पैसों के लेन-देन के विवाद में हत्या होने की आशंका है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट सहित अन्य सबूतों के आधार पर साजिश का खुलासा हो सकेगा। मृतक के 2 बेटे भैरूलाल और कमल है, भैरूलाल 22 जुलाई से ही पिता की तलाश कर रहा था। वहीं पिता की हत्या की खबर सुनते ही छोटा बेटा भी मुंबई से भीलवाड़ा के लिए रवाना हो गया।