राजस्थान में साइबर अटैक के खतरे के चलते सरकारी ई-मेल व्यवस्था तीन दिन से बंद है। इससे प्रदेश के 41 जिलों के कलेक्टर-एसपी समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों का विभागीय संवाद प्रभावित हो रहा है। rajasthan.gov.in जैसे डोमेन से जुड़े 59 हजार से
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एसबीआई में डेटा लीक के बाद सरकारी ई-मेल की सुरक्षा जांच, CERT-In करेगी ऑडिट
एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ने बताया कि CERT-In यानी इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम से सेफ्टी ऑडिट करवाई जा रही है। यह भारत सरकार की राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा नोडल एजेंसी है। जो देश में साइबर हमलों, डेटा लीक, फिशिंग और रैनसमवेयर जैसी घटनाओं से निपटना इसकी प्रमुख जिम्मेदारी है। यह साइबर सुरक्षा संबंधी घटनाओं का विश्लेषण कर बचाव के उपाय सुझाती है। साथ ही, सरकारी विभागों, कंपनियों और इंटरनेट उपयोगकर्ताओं को संभावित साइबर खतरों के प्रति सतर्क करने के लिए अलर्ट और सुरक्षा सलाह जारी करती है। प्रशासनिक स्तर पर यह कदम देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) में डेटा लीक के प्रकरण के बाद उठाया गया है।
गोपनीय रिपोर्ट भेजने की चुनौती
पंचायतीराज चुनाव के दौरान जिला निर्वाचन अधिकारियों, कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों और संबंधित विभागों के बीच सूचनाओं का लगातार आदान-प्रदान जरूरी है। चुनावी तैयारियों, प्रशिक्षण, मतदान केंद्रों की व्यवस्था, पुलिस बल की तैनाती, कानून-व्यवस्था और संवेदनशील क्षेत्रों की रिपोर्ट समय पर भेजनी होती है। ई-मेल बंद होने से दस्तावेज भेजने, निर्देशों की प्रतियां पहुंचाने और जवाबी रिपोर्ट लेने में परेशानी हो सकती है। वैकल्पिक माध्यमों से काम चलाने पर संदेश मिलने की पुष्टि और व्यवस्थित रिकॉर्ड रखने की जिम्मेदारी भी बढ़ गई है।
टीम काम कर रही है, जल्द सिस्टम सुधरेगा
सवाल: सरकारी ई-मेल बंद है, क्या कारण हैं? जवाब: साइबर अटैक के खतरे से बचाव के लिए सावधानी बरती जा रही है। इस वजह से ई-मेल बंद हैं। सवाल: क्या कोई साइबर अटैक हुआ है? जवाब: ऐसा नहीं है। सर्वर पर साइबर अटैक का खतरा था। राज्य का पुराना और नया डेटा सुरक्षित है। बचाव के लिए यह कदम उठाया गया है। सवाल: परेशानी कब तक दूर होगी? जवाब: जयपुर में तकनीकी टीमें काम कर रही हैं। जल्द ही सिस्टम दुरुस्त हो जाएगा। देवेश बाड़मेरा, एडिशनल डायरेक्टर, डीओआईटी