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सीएस की कमेटी की मंजूरी: 218 करोड़ में बनेगा प्रशासनिक कॉरिडोर; बदले में सरकार देगी 3.36 हेक्टेयर जमीन - Bhopal News

October 27, 2026

भोपाल में नया कलेक्ट्रेट भवन बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। सरकार ने इसके निर्माण के लिए ₹218 करोड़ के ठेके को मंजूरी दे दी है। इस व्यवस्था में सरकार निर्माण के लिए खुद रकम खर्च करने के बजाय 3 जगहों की 33,600 वर्गमीटर जमीन निर्माण कंपनी को देगी। बदले

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  • 7 मंजिला भवन में कलेक्ट्रेट, संभागायुक्त, आईजी और एसडीएम के दफ्तर होंगे; पार्किंग व ऑडिटोरियम भी

सरकार ने इन जमीनों की शुरुआती कीमत 257 करोड़ रखी थी। 5 कंपनियों ने बोली लगाई और सबसे ज्यादा बोली ₹288 करोड़ की लगी। यानी शुरुआती कीमत से ₹31 करोड़ ज्यादा की पेशकश मिली। इस व्यवस्था में कंपनी को जमीन मिलेगी, जहां वह मकान, दुकान बना सकेगी। मौजूदा कलेक्ट्रेट परिसर का दायरा करीब 41 हजार वर्ग मीटर है।

एक ही जगह मिलेंगे बड़े सरकारी दफ्तर

नया प्रशासनिक भवन 7 मंजिल का होगा। इसमें कलेक्ट्रेट, संभागायुक्त कार्यालय, आईजी कार्यालय, शहर और बैरागढ़ के एसडीएम कार्यालय और लोक सेवा केंद्र समेत कई सरकारी दफ्तर होंगे। इससे लोगों को अलग-अलग सरकारी कामों के लिए अलग-अलग परिसरों में जाने की जरूरत कम हो सकती है। परियोजना में कई मंजिलों वाली पार्किंग, ऑडिटोरियम अन्य सुविधाएं बनाई जाएंगी।

पुराने कलेक्ट्रेट समेत 3 जगह की भूमि देंगे

निर्माण करने वाली कंपनी को 3 सरकारी परिसरों की जमीन दी जाएगी। इनमें मौजूदा कलेक्ट्रेट परिसर, बैरागढ़ के एसडीएम कार्यालय और शहर के एसडीएम कार्यालय की जमीन शामिल है। तीनों का कुल क्षेत्रफल 33,600 वर्गमीटर यानी 3.36 हेक्टेयर है। जमीन की शुरुआती कीमत करीब ₹257 करोड़ तय की गई थी। 5 कंपनियों ने इसके लिए बोली लगाई और सबसे ऊंची बोली ₹288 करोड़ की रही।

चार साल तक विवादों में फंसा रहा प्रोजेक्ट... नए कलेक्ट्रेट भवन की योजना 4 साल तक विवादों में रही। शुरुआत में हाउसिंग बोर्ड ने इसे प्रोफेसर्स कॉलोनी में बनाने की योजना तैयार की थी। जनवरी 2023 में पहला प्रस्ताव उच्चस्तरीय समिति के सामने रखा गया। इसके बाद नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल यानी एनजीटी में इस योजना को चुनौती दी गई। प्रेजेंटेशन के अनुसार, कानूनी लड़ाई के बाद प्रोफेसर्स कॉलोनी में निर्माण की मंजूरी मिली। लेकिन बाद में सांसद आलोक शर्मा ने वहां बड़े सरकारी दफ्तर शिफ्ट करने पर आपत्ति जताई। उनका कहना था कि पुराने भोपाल से बड़े सरकारी कार्यालयों के बाहर जाने से क्षेत्र प्रभावित होगा।

इसके बाद प्रोफेसर्स कॉलोनी वाला प्रस्ताव रद्द कर दिया गया और हाउसिंग बोर्ड ने मौजूदा कलेक्ट्रेट परिसर में ही नया भवन बनाने की योजना तैयार की। अब निर्माण के ठेके को मंजूरी मिलने के बाद काम आगे बढ़ने की उम्मीद है। हाउसिंग बोर्ड के अधिकारियों के मुताबिक, ठेके की प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण करने वाली कंपनी को काम शुरू करने का आदेश दिया जाएगा। इसके बाद एक महीने में निर्माण शुरू होने की उम्मीद है।