जिस तरह नीलबड़-रातीबड़ में रोड के एक ओर अफसरों की जमीन वाले मेंडोरा-मेंडोरी (एलडीआर) में ज्यादा एफएआर और दूसरी ओर कृषि क्षेत्र रखा गया है, वैसा ही गुराड़ीघाट में भी सामने आया है। गुराड़ीघाट में 4 अप्रैल 2022 को 50 अफसरों ने एक दिन में 2.023 हेक्टेयर कृष
.
अब मास्टर प्लान में आसपास का पूरा क्षेत्र आवासीय कर दिया गया है। जबकि इसी से सटे रतनपुर को कृषि में रखा है। रतनपुर 2011 से निगम सीमा में शामिल है। इसके विरोध में जितेंद्र परमार समेत 28 लोगों ने आपत्ति लगाई है। इनका कहना है, पूरा क्षेत्र आवासीय हो। ड्राफ्ट पर अब तक 386 आपत्तियां दर्ज हुई हैं।
- बैरागढ़ कलां, भैंसाखेड़ी, भौंरी और मीरपुर के ग्रामीणों ने बीआईजेड-2 पर आपत्ति दी है। उनका कहना है कि सीहोर बायपास के 80% क्षेत्र में कॉलोनियां और स्कूल-कॉलेज हैं। इन गांवों को बीआईजेड-2 व ग्रीन बेल्ट के बजाय आवासीय-व्यावसायिक अनुमति दी जाए।
- पूर्व कांग्रेसी नेता नरेश ज्ञानचंदानी ने संत हिरदाराम नगर को पूरा कमर्शियल करने की मांग की है। उन्होंने फंदा के गांवों को आवासीय, बड़े तालाब से 50 मीटर बाद मिक्स लैंड यूज और तालाब किनारे अहमदाबाद की तर्ज पर रिवर फ्रंट का सुझाव दिया है।
15 साल से रतनपुर नगर निगम सीमा में...उसे खेती के लिए छोड़ा, सड़क पार आवासीय कर दी
सड़क स्कूल के सामने ले आए
बिलखिरिया में 3 साल से प्रस्तावित 24 मीटर सड़क को नए ड्राफ्ट में पास के एक स्कूल के मुख्य द्वार के सामने से घुमाकर निकाला गया है। भूस्वामियों व ग्रामीणों ने इस पर आपत्ति दी है। उनका कहना है, जमीन खरीदते समय शुल्क देकर लैंडयूज कमर्शियल कराया था, नए ड्राफ्ट में आवासीय कर दिया।
रोड को 60 मी. करने की मांग
खजूरी कलां में पूर्व प्रस्तावित 24 मीटर सड़क को 18 मीटर करने पर आपत्ति दी गई है। इसे 60 मीटर करने की मांग है। वहीं राजहर्ष कॉलोनी सेक्टर-सी 1982-83 से टीएंडसीपी अनुमोदित है और यहां 100 से 150 पक्के मकान हैं। इसे ग्रीन बेल्ट में रखा गया है। आवासीय करने की मांग है।
643 एकड़ जमीन डूब क्षेत्र में
लहारपुर में पूर्व पार्षद महेंद्र सिंह परमार और किसानों ने आपत्ति दी है। उनके अनुसार 1994 में बांध का काम पूरा हो गया था और गेट नहीं लगाए गए, इसलिए केवल 61 एकड़ जमीन डूब में आती है। इसके बावजूद 643.19 एकड़ डूब क्षेत्र में है, जिससे बैंक लोन व बीमा लाभ नहीं मिल रहा।
दूसरी ओर टीपीएस स्कीम से डेवलपमेंट संभव होगा…
हमने मास्टर प्लान के 14वें चैप्टर में स्पष्ट किया है कि 45 मीटर से चौड़ी सड़क के दोनों ओर डेवलपमेंट का प्रावधान है। इसमें वेस्टर्न बायपास का दोनों ओर का हिस्सा भी शामिल है। दूसरी ओर टीपीएस स्कीम के तहत डेवलपमेंट संभव होगा।। - नीरज आनंद लिखार, संयुक्त संचालक, (टीएंडसीपी)