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विभागों में तालमेल की कमी से एक और नुकसान: 48 करोड़ में क्लीयर होगी 97 करोड़ के 2 ब्रिज की साइट, इतने में तो एक ब्रिज और बन जाता - Indore News

September 11, 2026

इंदौर38 मिनट पहलेलेखक: संदीप पारे

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रिंग रोड, जहां दोनों ब्रिज बनेंगे, वहां बड़ी संख्या में पेड़ों की शिफ्टिंग भी होगी। - Dainik Bhaskar

रिंग रोड, जहां दोनों ब्रिज बनेंगे, वहां बड़ी संख्या में पेड़ों की शिफ्टिंग भी होगी।

रोबोट और रेडिसन चौराहे पर फ्लायओवर के लिए ट्रांसप्लांट व शिफ्ट करना होंगे 1950 पेड़, हटाना होगी लगभग 500 मीटर पानी, सीवरेज की लाइनें व बिजली का हाइटेंशन नेटवर्क

शहर के सबसे अहम एमआर-10, एमआर-9 और पूर्वी रिंग रोड के क्रॉसिंग पर ट्रैफिक जाम से लोगों को राहत दिलाने के लिए 97 करोड़ रुपए की लागत से दो ब्रिज बनाए जा रहे हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि साइट क्लीयर करने में ही आईडीए को 48 करोड़ रुपए की राशि अलग से खर्च करना होगी, जो मूल निर्माण लागत का लगभग 55 फीसदी है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि मेट्रो निर्माण और ड्रेनेज-पानी की लाइनें डालते समय विभागों के बीच समन्वय होता, तो इतने बजट में एक और चौराहे पर फ्लायओवर बन जाता। फिजिबिलिटी स्टडी के बाद रोबोट चौराहे पर रिंग रोड के दोनों ओर व रेडिसन चौराहे पर एक तरफ की ग्रीन बेल्ट को मर्ज कर ब्रिज बनाने का निर्णय लिया गया।

विस्तृत कार्ययोजना में सामने आया कि ग्रीन बेल्ट के पेड़, यूटिलिटी और बिजली की बड़ी लाइनें मुख्य बाधा हैं। इस शिफ्टिंग व अन्य व्यय को मिलाकर आईडीए ने रोबोट (95.20 करोड़) और रेडिसन (77 करोड़) के लिए कुल 175 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति ली है।

18 से 24 महीने की निर्माण अवधि आठ महीने शिफ्टिंग में ही बीतेंगे सिंहस्थ में 18 से 20 महीने बचे हैं, जबकि ब्रिज को बनने में 18 से 24 महीने लगेंगे। अगले 6 से 8 महीने केवल पेड़ ट्रांसप्लांट करने और यूटिलिटी लाइनें शिफ्ट करने में ही निकल जाएंगे, जिसके बाद ही मुख्य निर्माण शुरू हो पाएगा। नगर निगम व बिजली कंपनी को होगा 45 करोड़ का भुगतान : ग्रीन बेल्ट का उपयोग करने से रोबोट चौराहे से 1350 और रेडिसन चौराहे से 650 से अधिक (कुल 2000) छोटे-बड़े पेड़ों को ट्रांसप्लांट किया जाएगा। नगर निगम से मिले एस्टीमेट के अनुसार इस पर 6 करोड़ रुपए खर्च होंगे। 400 से 500 मीटर लंबी पानी, ड्रेनेज व पीएनजी लाइनों को शिफ्ट करने में निगम को 22 करोड़ और रिंग रोड की 132 KVA हाइटेंशन लाइनों को हटाने के लिए बिजली कंपनी को 17 करोड़ रुपए की लागत आएगी।

लागत और शिफ्टिंग खर्च रोबोट चौराहा फ्लायओवर लंबाई : 500 मीटर लागत : 50 करोड़ रुपए पेड़ ट्रांसप्लांट-शिफ्ट : 4 करोड़ रुपए यूटिलिटी शिफ्टिंग : 15 करोड़ रुपए इलेक्ट्रिक लाइन : 12 करोड़ रुपए रेडिसन चौराहा फ्लायओवर लंबाई : 600 मीटर लागत : 47 करोड़ रुपए पेड़ ट्रांसप्लांट-शिफ्ट : 2 करोड़ रुपए यूटिलिटी चार्जेस : 9.5 करोड़ रुपए इलेक्ट्रिक लाइन : 5.5 करोड़ रुपए

मेट्रो ट्रैक बनाते समय ही ध्यान देना चाहिए था -प्रो. संदीप नारूलकर, इन्फ्रास्ट्रक्चर विशेषज्ञ मेट्रो का ट्रैक बना, रिंग के आसपास यूटिलिटी लाइनें डाली तब ही यदि इस पर विचार कर लेते तो अतिरिक्त राशि खर्च होने से बच सकती थी। शहर में विकास एजेंसियों के बीच समन्वय की कमी है।

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