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बिना टेंडर 3 गुना दाम पर खरीदे वॉटर कूलर-आरओ: कृषि उपज मंडियों में गड़बड़ी, 30 करोड़ रुपए का घोटाला - Bhopal News

September 11, 2026

भोपाल21 मिनट पहलेलेखक: भीम सिंह मीणा

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महंगे दामों पर खरीदे गए वाटर कूलर भी टूटे-फूटे पड़े हैं।  रायसेन कृषि उपज मंडी की तस्वीर। - Dainik Bhaskar

महंगे दामों पर खरीदे गए वाटर कूलर भी टूटे-फूटे पड़े हैं। रायसेन कृषि उपज मंडी की तस्वीर।

मप्र की कृषि उपज मंडियों में आरओ और वॉटर कूलर की खरीदी में बड़ा अंतर सामने आया है। मंडियों ने एक्वासॉफ्ट कंपनी से एक वॉटर कूलर 4.98 लाख और एक आरओ 4.99 लाख रुपए में खरीदा। जबकि जेम पोर्टल पर इसी क्षमता और तकनीकी विशेषताओं वाले दूसरे प्रमुख ब्रांडों के दाम इससे काफी कम हैं।

एक्वासॉफ्ट का 500 एलपीएच (लीटर प्रति घंटे) का आरओ करीब 5 लाख रुपए में पंजीकृत है, जबकि यूरेका फोर्ब्स का अधिकतम रेट 3.41 लाख, ब्लू स्टार का 1.65 लाख, केंट का 1.30 लाख और वोल्टास का 98 हजार रुपए है। प्रदेश में 557 कृषि उपज मंडियां हैं। इनमें वर्ष 2017 से अब तक कम से कम एक आरओ और एक वॉटर कूलर खरीदा गया है। इस तरह 1100 से अधिक नग की खरीदी हुई है। इस हिसाब से मंडियों ने करीब 55.58 करोड़ रुपए का भुगतान किया। अनुमान है कि बाजार दर की तुलना में हुई इस अतिरिक्त खरीदी में 30 करोड़ रुपए से ज्यादा की गड़बड़ी हुई।

इन मंडियों के मामले आए सामने : अब तक धार, जावरा, सेंधवा, बदनावर, टीकमगढ़, नरसिंहपुर, पचोर, सनावद, सांवेर, बैरसिया, निवाड़ी, पिपरिया, देवास, नरसिंहगढ़, सीहोर, औबेदुल्लागंज, कटनी, खरगापुर, सागर, बंडा, हटा, दमोह, जबलपुर, छिंदवाड़ा, ग्वालियर, गुना, अशोकनगर, श्योपुर, धामनोद मंडियों के मामले सामने आ चुके हैं। इनमें से कटनी मंडी के ऑडिटर ने भुगतान राशि की मंजूरी यह कहते हुए रोक दी की, जिस वैरायटी का वाटर कूलर कंपनी ने लगाया है उस वैरायटी का वॉटर कूलर मार्केट में काफी कम कीमत में मिल रहा है।

98 हजार में मिलता, 5 लाख में खरीदा टेंडर के बजाय अलग-अलग ऑर्डर वॉटर कूलर और आरओ प्लांट की केंद्रीयकृत खरीदी के बजाय मंडियों से ऑर्डर दिलाए गए। मंडियों ने ओपन टेंडर के बजाय जेम पोर्टल से कैरी सॉफ्ट लिमिटेड से अनुबंध कर सप्लाई ली। कंपनी हर साल मेंटेनेंस राशि भी वसूल रही है। अप्रैल 2026 में विभागीय ऑडिट में खुलासा हुआ। ढाई लाख रुपए से अधिक की खरीदी जेम पोर्टल पर टेंडर से होनी थी। मंडियों ने 5-5 लाख रुपए के आरओ व वॉटर कूलर खरीदे।

हम सख्त कार्रवाई करेंगे : मंडी बोर्ड मंडियों का अलग बजट होता है और खरीदी स्थानीय स्तर पर होती है। इस तरह की धांधली चल रही है तो निश्चित तौर पर कार्रवाई करेंगे।' - कुमार पुरुषोत्तम, मैनेजिंग डायरेक्टर, मंडी बोर्ड

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