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4 वार्डों में 1500 से ज्यादा वोटर इधर से उधर: महापौर नीरज पाल और कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुकेश चंद्राकर ने लगाया मतदाता सूची में गड़बड़ी का आरोप - durg-bhilai News

October 27, 2026

भिलाई42 मिनट पहलेलेखक: निर्मल साहू

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  • घर वही, पता वही पर सूची से परिवार गायब

नगरीय निकाय चुनाव से पहले जारी हुई भिलाई और रिसाली की प्रारंभिक मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोप लग रहे हैं। भिलाई शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर और महापौर नीरज पाल ने आरोप लगाया कि भिलाई के तीन और रिसाली के एक वार्ड को मिलाकर करीब 1500 मतदाताओं के नाम अपने मूल पते से कटकर दूसरे वार्डों में पहुंच गए हैं। कहीं पूरा का पूरा मतदान केंद्र बदल गया, तो कहीं पीढ़ियों से रह रहे परिवारों के नाम ही गायब हैं। बिना जनगणना और नए परिसीमन के पड़ोसी वार्ड के मतदाताओं की इस अवैध एंट्री से वार्ड का चुनावी और सामाजिक संतुलन पूरी तरह बिगड़ गया है।

चंद्राकर का सीधा आरोप है कि 10-20 नामों में गलती मानवीय हो सकती है, लेकिन सैकड़ों की तादाद में वोटों का उलटफेर कोई सामान्य चूक नहीं बल्कि सोची-समझी साजिश है। महापौर नीरज पाल ने सवाल उठाया कि जब 2011 के बाद नई जनगणना नहीं हुई और 2020 के बाद कोई परिसीमन नहीं हुआ, तो फिर अफसरों ने वार्डों के जनगणना ब्लॉक मर्जी से कैसे बदल दिए? इसी मनमानी के चलते इस बार वार्डों का आरक्षण गणित भी बिगड़ गया है। नेताओं की आशंका है कि यह आंकड़ा कई गुना बढ़ सकता है।

  • वार्ड 60 सेक्टर-5: महापौर नीरज पाल के अपने वार्ड 60 सेक्टर-5 में सबसे हैरान करने वाला आंकड़ा सामने आया है। एसआईआर के बाद इस वार्ड में मतदाताओं की कुल संख्या करीब 2300 दर्ज थी। नई सूची आई तो यह आंकड़ा सीधे उछलकर 2820 पर पहुंच गया। अचानक 520 मतदाता बढ़ने पर जब पड़ताल की गई, तो पता चला कि बगल के वार्ड 59 के मतदाताओं को वार्ड 60 में जोड़ दिया गया है।
  • वार्ड 12 बजरंगपारा कोहका : कोहका के वार्ड 12 बजरंगपारा में करीब 250 पुराने मतदाताओं को उनके वार्ड से बेदखल कर वार्ड 11 टाटा लाइन में डाल दिया है। नई सूची में सालों से यहां रह रहे पूर्व पार्षद शोभूराम साहू, जागेश्वरी साहू, भरत साहू, भुवनलाल और शंकरलाल के नाम अपने ही वार्ड से नदारद हैं। यही हाल अग्रवाल परिवार का भी है, जहां विजय, मुरारी और दिनेश अग्रवाल के नाम शिफ्ट कर दिए गए।
  • वार्ड 9 राजीव नगर सुपेला : सुपेला के वार्ड 9 राजीव नगर में गड़बड़ी और चौंकाने वाला है। यहां करीब 500 मतदाताओं के नाम इधर-उधर हुए हैं। हद तो तब हो गई जब एक पूरा मतदान केंद्र ही बदल दिया गया और उसके सभी 300 वोटरों के नाम वार्ड 10 लक्ष्मी नगर में दर्ज हो गए। इतना ही नहीं, वार्ड 11 फरीद नगर क्षेत्र के करीब 500 मतदाताओं के नाम वार्ड 9 में दिखाई दे रहे हैं। जबकि मुरुम खदान इलाके के मतदाताओं को वार्ड 11 में जोड़ दिया गया है।
  • रिसाली वार्ड 25 आशीष नगर : रिसाली नगर निगम के वार्ड 25 आशीष नगर में रहने वाले लोगों के लिए यह सूची किसी पहेली जैसी बन गई है। यहां रहने वाले परिवारों के नाम वार्ड 23, 24 और 26 में बिखेर दिए गए हैं। आशीष नगर के सीएल शर्मा, अर्चना शर्मा, रमेश चंद्रा, नरेश पटेल और उषा तिवारी के पूरे के पूरे परिवार वार्ड 25 की लिस्ट से बाहर हैं। हैरानी की बात यह है कि आशीष नगर पश्चिम की सड़क नंबर 3 के एक भी नागरिक का नाम इस वार्ड में नहीं बचा है।

खेल या लापरवाही?

निर्वाचन शाखा के तकनीकी जानकारों के अनुसार इस व्यापक गड़बड़ी के पीछे दो प्रमुख तकनीकी वजहें हो सकती हैं:

1. बीएलओ के आधार पत्र की गड़बड़ी: विधानसभा मतदाता सूची से नगरीय निकाय की सूची तैयार करते समय बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) द्वारा तैयार आधार पत्र में सरल क्रमांक तय करने में चूक हुई हो।

2. ऑपरेटर द्वारा अनुभाग विभाजन में गलती: एक मतदान केंद्र में कई अनुभाग होते हैं, जो अलग-अलग वार्डों के दायरे में आते हैं। डाटा एंट्री और वार्ड विभाजन के दौरान ऑपरेटर ने अनुभागों को गलत वार्डों में मैप कर दिया हो।

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