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20 कॉटेज की सितंबर 2023 में रजिस्ट्री: IAS शिखर, IPS पत्नी प्रशाखा, दोनों बेटों और सास-ससुर ने 2.5 साल खरीदे 40 विला और कॉटेज - Udaipur News

October 27, 2026

राजस्थान कैडर के सीनियर आईएएस शिखर अग्रवाल, उनकी आईपीएस पत्नी प्रशाखा माथुर, दोनों बेटों और सास-ससुर ने ढाई साल के भीतर एक ही कंपनी से 40 विला-कॉटेज खरीदे हैं। भास्कर की पड़ताल में सामने आया कि अलवर के अजबगढ़ में 20 विला की मार्च 2026 और उदयपुर के बुझड़

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शिखर अग्रवाल वर्तमान में राजस्थान सरकार में अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस) हैं। उनके पास उद्योग, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग, सरकारी उपक्रम, दिल्ली-मुंबई औद्योगिक कॉरिडोर और निवेश एवं प्रवासी राजस्थानी मामलों के विभाग हैं। वे रीको अध्यक्ष और राजसिको अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक और भिवाड़ी एकीकृत विकास प्राधिकरण में विशेषाधिकारी भी हैं। इससे पहले अग्रवाल मुख्यमंत्री के एसीएस थे। उनकी आईपीएस पत्नी प्रशाखा माथुर प्रदेश की अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) हैं। वे फिलहाल योजना, आधुनिकीकरण व कल्याण का काम देख रही हैं।

बंपर रिटर्न…... 6.15 करोड़ रुपए में खरीदे, उसी कंपनी को 1.80 करोड़ सालाना की लीज पर दे दिए

बुझड़ा के अनंता रिसॉर्ट में शिखर और प्रशाखा ने 10-10 विला 15-15 लाख में खरीदे, जबकि अजबगढ़ के अनंता रिसॉर्ट में दोनों के 8 विला की रजिस्ट्री 16.5-16.5 लाख रुपए में हुई। अजबगढ़ के रिसॉर्ट में बेटे शिप्रांस ने 3 विला 14-14 लाख और दूसरे बेटे प्रशिख ने 1 विला 16.5 लाख व 4 विला की खरीद 15-15 लाख रुपए में की। अजबगढ़ में ही सास मंजुला व ससुर रघुवंश नारायण माथुर ने संयुक्त रूप से 4 विला 16.5-16.5 लाख रुपए में खरीदे। यानी सभी 40 विला-कॉटेज को खरीदने में 6 करोड़ 16.5 लाख रुपए खर्च हुए। ये सभी विला-कॉटेज जिस गोयल फैशन्स कंपनी से खरीदे गए, उसे ही लीज पर दे दिए गए। बुझड़ा के 20 कॉटेज 4 लाख रुपए प्रति कॉटेज और अजबगढ़ के 20 विला 5 लाख रुपए प्रति विला सालाना के हिसाब से कंपनी को लीज पर दिए गए। यानी हर साल लीज से मिलने वाली रकम 1.80 करोड़ रुपए है।

दोनों की सेल व लीज डीड साथ-साथ रजिस्टर्ड हुईं

40 कॉटेज-विला की सेल व लीज डीड साथ-साथ रजिस्टर्ड हुईं। बुझड़ा के कॉटेज की डीड 29 सितंबर 2023 को उप पंजीयक कार्यालय बारापाल में रजिस्टर्ड हुईं। अजबगढ़ के विला की डीड की रजिस्ट्री 27 मार्च 2026 को उप पंजीयक कार्यालय प्रतापगढ़ में हुई। शिखर, प्रशाखा, सास मंजुला व ससुर रघुवंश नारायण माथुर ने रजिस्ट्री कराई। दोनों बेटों की रजिस्ट्री पावर ऑफ अटॉर्नी से प्रशाखा ने कराई।

शिखर-प्रशाखा के नाम 28 विला, IPR में 14 ही

शिखर-प्रशाखा के नाम बुझड़ा और अजबगढ़ में कुल 28 विला-कॉटेज हैं, लेकिन सालाना इम्मूवेबल प्रॉपर्टी रिटर्न (आईपीआर) में 14 ही दर्ज हैं। शिखर ने अपने सभी 14 विला-कॉटेज की जानकारी इसी साल 7 जनवरी को भरे आईपीआर में दी है, लेकिन प्रशाखा द्वारा 8 जनवरी 2026 को भरे आईपीआर में प्रॉपर्टी की सूचना शून्य है, जबकि बुझड़ा और अजबगढ़ में उन्होंने 14 विला-कॉटेज खरीदे हैं।

हमने खरीद की पूरी जानकारी रिटर्न और IPR में दे रखी है

“हां, हमने बुझड़ा और अजबगढ़ में विला-कॉटेज खरीदे हैं। हमने इनकी खरीद की पूरी जानकारी आईपीआर और रिटर्न में दे रखी है। प्रशाखा के आईपीआर में भी इनकी जानकारी मेंशन हैं, अटैच गलत जगह हो गए इसलिए दूसरी जगह दिखा रहा है। बच्चों ने अपने-अपने हिसाब से लिए हैं।” –शिखर अग्रवाल