मध्यप्रदेश में पुलिस ने अवैध एमडी (मेफेड्रोन) ड्रग्स बनाने वाली फैक्ट्री का बड़ा खुलासा किया है। कार्रवाई के दौरान तस्करों ने पुलिस पर 8 से 10 राउंड फायरिंग की, लेकिन जवाबी फायरिंग के बीच अंधेरे का फायदा उठाकर तीनों आरोपी फरार हो गए। मौके से 325 किलो
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शनिवार-रविवार की रात मंदसौर जिले के सीतामऊ थाना क्षेत्र के मानपुरा गांव में खेत के बीच संचालित इस अवैध फैक्ट्री पर पुलिस ने दबिश दी। पुलिस के मुताबिक जब्त एमडीसी, एचसीएल, ब्रोमो समेत अन्य रसायनों से 100 से 150 किलो एमडी ड्रग्स तैयार की जा सकती थी। इसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 100 से 150 करोड़ रुपए आंकी गई है। प्रारंभिक जांच में जब्त स्कॉर्पियो-एन भी चोरी की होने की बात सामने आई है।

एक बिना नंबर की स्कॉर्पियो भी बरामद की गई, जो चोरी की बताई जा रही है।
घेराबंदी की, भागते समय खेत में फंसी स्कॉर्पियो
पुलिस को सूचना मिली थी कि मानपुरा-बड़ावदी रोड स्थित पानी की टंकी के पास खेत में बड़े पैमाने पर सिंथेटिक ड्रग्स तैयार की जा रही है। इसके बाद सीतामऊ थाना पुलिस ने विशेष टीम के साथ इलाके की घेराबंदी की। पुलिस पहुंची तो आरोपी स्कॉर्पियो-एन से भागने लगे, लेकिन वाहन खेत में धंस गया। इसके बाद उन्होंने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षा और आरोपियों को पकड़ने के लिए जवाबी फायरिंग की, लेकिन तीनों आरोपी खेतों के रास्ते निकल गए।

एसपी ने बताया कि आरोपी लगातार जगह बदलकर सिंथेटिक ड्रग्स का निर्माण कर रहे थे।
फैक्ट्री राजस्थान शिफ्ट करने की थी तैयारी
पुलिस ने मौके से इलेक्ट्रॉनिक तराजू, गैस भट्टी, इलेक्ट्रिक हीटगन, मोटर लगे ड्रम, प्लास्टिक कंटेनर, स्टील के बर्तन, टिश्यू रोल और अन्य उपकरण जब्त किए हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी लगातार जगह बदलकर सिंथेटिक ड्रग्स तैयार कर रहे थे। वे फैक्ट्री को राजस्थान के बजरंगगढ़ इलाके में शिफ्ट करने की तैयारी में थे, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने दबिश दे दी।
तीन आरोपियों पर केस, राजस्थान कनेक्शन की जांच
मामले में दिलीप गायरी, गोविंद गायरी (दोनों निवासी मानपुरा) और पिंटू सिंह सिसौदिया (निवासी बजरंगगढ़, राजस्थान) के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट, बीएनएस और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। तीनों की तलाश में पुलिस की विशेष टीमें लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। पुलिस राजस्थान कनेक्शन और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी जांच कर रही है।

जब्त केमिकल की कीमत करीब 100 से 150 करोड़ रुपए आंकी जा रही है।
एसपी बोले- जिले में पकड़ी गई चौथी एमडी फैक्ट्री
एसपी विनोद कुमार मीना ने बताया कि मंदसौर में यह चौथी एमडी ड्रग्स फैक्ट्री पकड़ी गई है। जिले में सिंथेटिक ड्रग्स के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। जब्त सामग्री की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं।

मानपुरा की इस फैक्ट्री को राजस्थान के बजरंगगढ़ क्षेत्र में शिफ्ट करने की तैयारी थी।
क्या है मेफेड्रोन
मेफेड्रोन एक मनोविकार नाशक पदार्थ है जो एनडीपीएस एक्ट 1985 में लिस्टेड है, यह समाज के लिए एक गंभीर खतरा है। माना जाता है कि यह कोकीन और एम्फैटेमिन के उपयोग के समान प्रभाव पैदा करता है।