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'जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट करने वाले छात्रों का हिसाब होगा',सच में PM मोदी में कहा ऐसा? वायरल वीडियो की सच्चाई

August 1, 2026

Time Published: Saturday, August 1, 2026, 16:49 [IST]

दिल्ली के जंतर-मंतर पर हाल ही में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो को शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जंतर-मंतर पर नीट (NEET) पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले छात्रों और जेन-जी (Gen-Z) को सीधे चेतावनी दी है और उनसे 'कड़ा हिसाब' चुकता करने की बात कही है।

इस दावे ने इंटरनेट पर भारी खलबली मचा दी है। वीडियो ठीक वैसे ही रील फॉर्म में जैसे पीएम मोदी छात्रों को संबोधित करने के लिए बना रहे हैं। लेकिन क्या वाकई पीएम मोदीने ऐसा कोई बयान दिया है या फिर यह सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही एक और भ्रामक खबर है? आइए इस पूरे मामले की पड़ताल करते हैं और सच सामने लाते हैं।

PM Modi Deepfake Video Fact Check

दावा: PM मोदी ने कहा- 'आंदोलन करने वाले छात्रों से लिया जाएगा कड़ा हिसाब'

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दावा किया जा रहा है कि पीएम मोदी ने चेतावनी देते हुए कहा, ''जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट करने वाले छात्रों से कड़ा हिसाब लिया जाएगा।'' लेकिन सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावे पूरी तरह से फर्जी और भ्रामक हैं। पीएम नरेंद्र मोदी ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों को कोई धमकी या 'कड़ा हिसाब' लेने की बात नहीं कही है। पीएम मोदी का ये वीडियो डीपफेक और AI के इस्तेमाल से बनाया गया है। लेकिन इसे इतनी चालकी से बनाया गया है कि कोई आम नागरिक इसको देखकर सच भी समझ सकता है।

लेकिन सच ये है कि पीएम मोदी ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम रील में एक बेहद नरम और अभिभावक जैसा रुख अपनाया है। पीएम मोदी के अधिकारिक सोशल हैंडल पर जारी किए गए वीडियो में वो कहते हैं,

"बचपन में गलतियां होती हैं और यह गलतियों को सुधारने का मौका भी होता है। ये भटके हुए बच्चे हैं और इन्हें सही राह दिखाने का समय है। मैं इन्हें दिल से माफ करना चाहता हूं। अगर हमारे दांत जीभ को काट लें तो हम दांतों को तोड़ नहीं देते, क्योंकि दोनों हमारे अपने हैं। ये युवा भी हमारे अपने ही बच्चे हैं।"

पीएम मोदी ने साफ किया था कि भले ही जंतर-मंतर पर उन्हें और उनकी दिवंगत मां को अपशब्द कहे गए हों, लेकिन वह युवाओं को अपनाकर उन्हें सही दिशा में ले जाना चाहते हैं। 'कड़ा हिसाब' लेने वाला दावा पूरी तरह से मनगढ़ंत है।

PIB फैक्ट चेक का बड़ा खुलासा: पाकिस्तान से फैलाया जा रहा डीपफेक

प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) की फैक्ट चेक यूनिट ने भी साफ किया है कि पीएम मोदी 'छात्रों से कड़ा हिसाब' लेने वाला वीडियो पूरी तरह फर्जी और डिजिटल तरीके से छेड़छाड़ (Deepfake) करके बनाया गया है। कुछ पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा अकाउंट्स इस वीडियो को इस दावे के साथ शेयर कर रहे हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही है।

PIB ने इस दावे को पूरी तरह गलत बताया है। फैक्ट चेक में कहा गया है कि पीएम मोदी ने छात्रों को लेकर ऐसा कोई बयान नहीं दिया। PIB ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एडिटेड या डीपफेक वीडियो पर भरोसा न करें और सिर्फ आधिकारिक स्रोतों से ही जानकारी की पुष्टि करें।

पड़ताल से साफ है कि पीएम मोदी द्वारा 'कड़ा हिसाब' लेने वाला दावा पूरी तरह झूठ है। पीएम मोदी ने जंतर-मंतर की घटना पर छात्रों को माफ करने और उन्हें सही रास्ता दिखाने की बात कही थी। सोशल मीडिया पर सनसनी फैलाने के लिए उनके बयान को तोड़-मरोड़कर या फर्जी दावों के साथ शेयर किया जा रहा है।

किसके लिए थी 'हिसाब चुकता' करने की चेतावनी?

वायरल क्लिप में जिस 'कड़े हिसाब' या कार्रवाई का जिक्र जोड़कर छात्रों को डराया जा रहा है, वह बात पीएम मोदी ने प्रदर्शनकारी छात्रों के लिए नहीं, बल्कि पेपर लीक माफिया के लिए कही थी।

पेपर लीक माफिया पर पीएम मोदी ने कहा था, "परीक्षा में तकनीक का सही इस्तेमाल बेहद जरूरी है। देश के मासूम बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी पेपर लीक माफिया या गिरोह को बख्शा नहीं जाएगा। उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।"

उस संबोधन में पीएम मोदी ने भारत की परीक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और मजबूत बनाने के लिए उठाए जा रहे कदमों का जिक्र किया था।

पीएम मोदी ने कहा था,

"हम एक भरोसेमंद शिक्षा प्रणाली बनाने के लिए लगातार काम कर रहे हैं। राज्य और केंद्र सरकारें लंबे समय से पेपर लीक की समस्या झेल रही थीं, जिससे बच्चों का भविष्य अधर में लटक जाता था। शिक्षा सुधार हम सभी के लिए जरूरी है।"

तथ्यों के विश्लेषण से साफ होता है कि पीएम मोदी ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों को कोई धमकी नहीं दी है। पाकिस्तान में बैठे प्रोपेगेंडा हैंडलर्स ने पीएम मोदी के माफियाओं के खिलाफ दिए गए बयान को एडिट करके डीपफेक बनाया और उसे छात्रों के खिलाफ इस्तेमाल किया। यह वायरल दावा 100% फर्जी है।

Fact Check

दावा

दावा: PM मोदी ने वीडियो में कहा- 'जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वाले छात्रों से लेंगे कड़ा हिसाब!'

नतीजा

फैक्ट: ये दावा पूरी तरह फर्जी और भ्रामक है। पीएम मोदी मे पेपर लीक माफियाओं के खिलाफ हिसाब लेने की बात कही है।

Rating

Mostly False