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25 सितंबर से दौड़ेंगी 350 नई बसें, 2031 तक 1.40 लाख बसों का लक्ष्य: हर विधानसभा में बनेगा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, जानें बड़े फैसले - Haribhoomi

September 22, 2026

मध्यप्रदेश में 25 सितंबर से भोपाल में 350 बसों के साथ सुगम परिवहन योजना शुरू होगी। 2031 तक 1.40 लाख बसों का लक्ष्य है। हर विधानसभा में मुख्यमंत्री स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स भी बनाए जाएंगे।

cm mohan yadav

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  • Published: 22 Sep 2026, 02:59 PM IST
  • Last Updated: 22 Sep 2026, 02:59 PM IST

भोपाल। मध्यप्रदेश में सार्वजनिक परिवहन और खेल सुविधाओं को लेकर मंगलवार की कैबिनेट बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए। सुगम परिवहन योजना के तहत 25 सितंबर से भोपाल में 350 बसों की शुरुआत होगी, जबकि सरकार ने वर्ष 2031 तक प्रदेश में करीब 1.40 लाख बसों को इस व्यवस्था से जोड़ने का लक्ष्य रखा है।

योजना में ई-बसों को प्राथमिकता देने के साथ सीसीटीवी, जीपीएस और अन्य आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके अलावा प्रदेश की हर विधानसभा में मुख्यमंत्री स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाने की योजना को भी आगे बढ़ाया गया है।

इन परिसरों में इनडोर-आउटडोर खेल सुविधाओं के साथ एयर एम्बुलेंस के लिए हेलीपैड भी बनाया जाएगा।

भोपाल से शुरू होगी सुगम परिवहन योजना

कैबिनेट बैठक में परिवहन विभाग ने सुगम परिवहन योजना का प्रेजेंटेशन दिया। योजना का उद्देश्य यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी, सुविधा और उचित टिकट व्यवस्था उपलब्ध कराना है।

25 सितंबर को भोपाल से 350 बसों को हरी झंडी दिखाकर योजना की शुरुआत की जाएगी। कार्यक्रम में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के शामिल होने की संभावना है।

योजना में यात्रियों की मॉनिटरिंग पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। बसों में सीसीटीवी कैमरे, जीपीएस और अन्य आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल होगा। ई-बसों को प्राथमिकता दी जाएगी, वहीं मौजूदा पुरानी बसों को भी नई व्यवस्था के साथ समायोजित करने की योजना है।

2031 तक 1.40 लाख बसों का लक्ष्य

सरकार ने वर्ष 2031 तक करीब 1,40,000 बसें सुगम परिवहन व्यवस्था से जोड़ने का लक्ष्य रखा है। बसों के संचालन के लिए पीपीपी मॉडल अपनाया जाएगा।

बसों को सड़कों पर खड़ा करने के बजाय निर्धारित डिपो में रखने की व्यवस्था विकसित की जाएगी, जिससे सड़क पर अनावश्यक दबाव कम करने और संचालन को व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी।

सुगम परिवहन योजना को मध्यप्रदेश के साथ छत्तीसगढ़ में भी लागू करने की तैयारी है। मध्यप्रदेश में इसकी शुरुआत भोपाल से की जा रही है।

हर विधानसभा में बनेगा मुख्यमंत्री स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स

कैबिनेट में खेल सुविधाओं के विस्तार को लेकर भी बड़ा निर्णय सामने आया। प्रदेश की हर विधानसभा में मुख्यमंत्री स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स विकसित किए जाएंगे। इनमें इनडोर और आउटडोर दोनों तरह की खेल सुविधाएं होंगी।

प्रत्येक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के लिए 10 एकड़ से अधिक जमीन की जरूरत होगी और करीब 7 करोड़ रुपये की लागत से परिसर विकसित किया जाएगा। यहां खिलाड़ियों के लिए प्रशिक्षकों की व्यवस्था के साथ परिसर के रखरखाव की व्यवस्था भी की जाएगी। इसके लिए सरकार ने करीब 960 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।

एयर एम्बुलेंस के लिए हेलीपैड भी

स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की योजना में एक नई व्यवस्था के तौर पर एयर एम्बुलेंस सेवा के लिए हेलीपैड बनाने का प्रावधान किया जा रहा है। सरकार के अनुसार यह प्रदेश में खेल परिसरों के विकास के साथ आपातकालीन सेवाओं को जोड़ने का नया प्रयोग होगा।

कैबिनेट में बताया गया कि वर्तमान में करीब 140 विधानसभा क्षेत्रों में पर्याप्त खेल सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। नए स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के जरिए इन क्षेत्रों में खेल का बुनियादी ढांचा विकसित किया जाएगा।

इंदौर में मेडिकल की 63 सीटें बढ़ीं

  • कैबिनेट ने इंदौर में मेडिकल शिक्षा से जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए 63 मेडिकल सीटों की वृद्धि को स्वीकृति दी है।
  • इसके अलावा अलग-अलग विभागों से जुड़े 9061 करोड़ रुपये के कार्यों की निरंतरता को भी मंजूरी दी गई है।
  • पार्वती नदी परियोजना से 40 हजार हेक्टेयर सिंचाई क्षेत्र बढ़ेगा
  • कैबिनेट ने पार्वती नदी से जुड़ी सिंचाई परियोजना के कार्यों को भी आगे बढ़ाने का निर्णय लिया।
  • परियोजना से करीब 40 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा बढ़ने की उम्मीद है।
  • वहीं, नीमच-जावद क्षेत्र से जुड़े 4157 करोड़ रुपये के कार्यों की निरंतरता को भी मंजूरी दी गई है।
  • ग्राम न्यायालय और ई-डिजिटल इंडिया योजनाओं को भी मंजूरी
  • विधि विभाग से जुड़े प्रस्तावों में ग्राम न्यायालय योजना, उच्च न्यायालय से संबंधित कार्य और ई-डिजिटल इंडिया सहित अन्य योजनाओं की निरंतरता को मंजूरी देने का निर्णय लिया गया है।
  • इस तरह मंगलवार की कैबिनेट बैठक में परिवहन, खेल, चिकित्सा, सिंचाई और न्याय व्यवस्था से जुड़े कई प्रस्तावों पर फैसले लिए गए।