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25 साल की उम्र में बस 10,200 रुपये की SIP, 45 तक 1 करोड़! 10 साल की देरी पड़ेगी कितनी भारी?

September 4, 2026

Sep 04, 2026 01:24 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान

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मुख्य बातें

  • हर कोई चाहता है कि भविष्य के लिए उसके पास एक बड़ा फंड हो
  • किसी के लिए यह बच्चों की पढ़ाई का खर्च है तो किसी के लिए रिटायरमेंट की तैयारी
  • अगर आपका टारगेट 45 साल की उम्र तक 1 करोड़ रुपये का फंड तैयार करना है, तो इसके लिए बहुत बड़ी रकम से शुरुआत करना जरूरी नहीं है
SIP

आपका टारगेट 45 साल की उम्र तक 1 करोड़ रुपये का फंड तैयार करना है?

हर कोई चाहता है कि भविष्य के लिए उसके पास एक बड़ा फंड हो। किसी के लिए यह बच्चों की पढ़ाई का खर्च है तो किसी के लिए रिटायरमेंट की तैयारी। अगर आपका टारगेट 45 साल की उम्र तक 1 करोड़ रुपये का फंड तैयार करना है, तो इसके लिए बहुत बड़ी रकम से शुरुआत करना जरूरी नहीं है। असली फर्क इस बात से पड़ता है कि आप निवेश कितनी जल्दी शुरू करते हैं। म्यूचुअल फंड में एसआईपी (SIP) यानी सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान इसके लिए एक फेमस तरीका है। इसमें हर महीने एक तय रकम निवेश की जाती है, जिससे नियमित निवेश की आदत बनती है और लंबे समय में कंपाउंडिंग का फायदा मिल सकता है।

25 की उम्र में शुरू करें तो हर महीने 10,200 रुपये

मान लीजिए आपकी उम्र 25 साल है और आप 45 की उम्र तक 1 करोड़ रुपये का फंड बनाना चाहते हैं। अगर एसआईपी पर औसतन 12% सालाना रिटर्न मानें, तो आपको हर महीने करीब 10,200 रुपये निवेश करने होंगे। 20 साल तक यह निवेश जारी रखने पर आपकी कुल जमा रकम करीब 26.48 लाख रुपये होगी, जबकि अनुमानित रिटर्न करीब 76.42 लाख रुपये हो सकता है। यानी लंबे समय में कंपाउंडिंग आपके निवेश को करीब 1 करोड़ रुपये तक पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभा सकती है।

30 साल की उम्र में शुरुआत तो एसआईपी होगी 20,500 रुपये

अब मान लीजिए आपने निवेश 30 साल की उम्र में शुरू किया। आपके पास टारगेट पूरा करने के लिए सिर्फ 15 साल बचेंगे। ऐसे में हर महीने करीब 20,500 रुपये की एसआईपी करनी होगी। इस दौरान आपकी अपनी जेब से करीब 36.90 लाख रुपये निवेश होंगे और अनुमानित रिटर्न करीब 65.51 लाख रुपये हो सकता है। यानी सिर्फ 5 साल की देरी से ही हर महीने निवेश की रकम लगभग दोगुनी हो जाती है।

35 की उम्र में शुरू किया तो 44,000 रुपये हर महीने

अगर निवेश शुरू करने की उम्र 35 साल हो गई, तो 45 साल की उम्र तक 1 करोड़ रुपये का टारगेट पाने के लिए हर महीने करीब 44,000 रुपये की एसआईपी करनी होगी। यहां निवेश का पीरियड सिर्फ 10 साल रह जाता है। इस दौरान कुल करीब 52.80 लाख रुपये निवेश करने होंगे और अनुमानित रिटर्न करीब 48.41 लाख रुपये हो सकता है। यानी उम्र बढ़ने के साथ टारगेट हासिल करने के लिए अपनी जेब से ज्यादा पैसा लगाना पड़ता है।

10 साल की देरी का इतना बड़ा असर

इन आंकड़ों से साफ है कि निवेश में समय कितना महत्वपूर्ण है। 25 साल की उम्र में शुरुआत करने वाले व्यक्ति को हर महीने करीब 10,200 रुपये लगाने हैं, जबकि 35 साल की उम्र में शुरुआत करने वाले को करीब 44,000 रुपये की एसआईपी करनी होगी। यानी सिर्फ 10 साल की देरी से मंथली निवेश की जरूरत चार गुने से भी ज्यादा हो जाती है।

हालांकि, यहां 12% सालाना रिटर्न सिर्फ एक अनुमान है। म्यूचुअल फंड बाजार से जुड़े होते हैं और इनमें रिटर्न की गारंटी नहीं होती। वास्तविक रिटर्न बाजार के प्रदर्शन के हिसाब से कम या ज्यादा हो सकता है। इसलिए निवेश का फैसला अपनी आमदनी, जोखिम लेने की क्षमता और फाइनेंशियल टारगेट को ध्यान में रखकर करना चाहिए।