बालाघाट जिले में पिछले दो दिनों से लगातार बारिश का दौर जारी है। बीते 24 घंटे में तहसीलवार 36 से 145 मिमी तक बारिश दर्ज की गई। लगातार बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया है। खैरलांजी क्षेत्र के दैतबर्रा-मंगलेगांव मार्ग पर पुल तथा वारासिवनी-लालबर
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टोंडिया नाले में बढ़ा पानी, ढाबे में घुसा
टोंडिया नाले का जलस्तर बढ़ने से एक ढाबे में पानी घुस गया। प्रशासन की ओर से आवागमन बंद किए जाने के बावजूद कुछ लोग जोखिम लेकर नाला पार करते नजर आए। ऐसे में नदी-नालों और पुल-पुलियों के पास लोगों के पहुंचने से हादसे का खतरा बना हुआ है।

दैतबर्रा-मंगलेगांव समेत कई मार्गों पर पानी बढ़ा।

लगातार बारिश से नदी-नाले उफान पर है।
30 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अनुमान
कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक धर्मेंद्र अगासे के अनुसार, भारत मौसम विज्ञान विभाग के भोपाल स्थित क्षेत्रीय कार्यालय के पूर्वानुमान में 29 जुलाई को भारी और 30 जुलाई को बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इस दौरान आकाशीय बिजली गिरने के साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने का भी अनुमान है।
प्रशासन ने नदी-नालों से दूर रहने की अपील की
जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बारिश के दौरान नदी-नालों में बाढ़ आने या पुल-पुलियों के ऊपर पानी बहने की स्थिति में उन्हें पार करने का प्रयास न करें। पानी का स्तर कम होने तक सुरक्षित स्थान पर रहने की सलाह दी गई है। आपात स्थिति में कलेक्ट्रेट कंट्रोल रूम के फोन नंबर 07632-240102 पर संपर्क किया जा सकता है।

बीते 24 घंटे में बालाघाट में 145 मिमी बारिश
कार्यालय अधीक्षक भू-अभिलेख के आंकड़ों के अनुसार, बीते 24 घंटे में बालाघाट तहसील में 145 मिमी, वारासिवनी में 137, बैहर में 58, लांजी में 70, कटंगी में 44, किरनापुर में 45, खैरलांजी में 36, लालबर्रा में 69, बिरसा में 71, परसवाड़ा में 78 और तिरोड़ी में 56 मिमी बारिश दर्ज की गई।
2025 की तुलना वाले आंकड़ों की पुष्टि जरूरी
1 जून से 29 जुलाई तक बालाघाट तहसील में 789 मिमी, वारासिवनी में 752, बैहर में 632, लांजी में 585, कटंगी में 453, किरनापुर में 705, खैरलांजी में 345, लालबर्रा में 588, बिरसा में 463, परसवाड़ा में 529 और तिरोड़ी में 561 मिमी वर्षा दर्ज की गई है।
पिछले वर्ष की इसी अवधि के बारिश के आंकड़े भी कॉपी में दिए गए हैं, लेकिन वर्तमान और पिछले वर्ष के कुल औसत की तुलना में इकाई संबंधी स्पष्टता जरूरी है। इसी तरह कॉपी में “22 मिलीमीटर औसत वर्षा” और कुछ जगह “इंच” में दिए गए आंकड़े अन्य आंकड़ों से मेल नहीं खाते। प्रकाशन से पहले इन आंकड़ों की आधिकारिक रिकॉर्ड से पुष्टि जरूरी है।