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प्रॉपर्टी डीलर की पिटाई से आहत रिटायर्ड पुलिसकर्मी ने की आत्महत्या: सोनीपत में सुसाइड नोट में लिखा- मेरे 22 लाख हड़पे, मांगने पर प्रताड़ना किया - Haribhoomi

September 12, 2026

घर के रोशनदान से फंदा लगाकर आत्महत्या की। घटना के समय परिजन दवा लेने गए थे। सुसाइड नोट में प्रॉपर्टी डीलर पर दफ्तर बुलाकर मारपीट करने और झूठे केस में फंसाने की धमकी देने की बात लिखी है।

Retired Police Officer Suicide

सोनीपत में पोस्टमॉर्टम हाउस पर पहुंचे परिजन।

  • Published: 12 Sep 2026, 03:09 PM IST
  • Last Updated: 12 Sep 2026, 04:12 PM IST

हरियाणा के सोनीपत जिले में हरियाणा पुलिस के सेवानिवृत्त ईएसआई (ESI) जय सिंह (60 वर्ष) ने अपने घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक का शव घर के दरवाजे के ऊपर बने रोशनदान से लटका हुआ मिला। जिस वक्त यह घटना हुई, उस समय परिवार के सदस्य दवाई लेने अस्पताल गए हुए थे। घर लौटने पर जब परिजनों ने उनका शव लटका देखा तो घर में कोहराम मच गया। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस और फोरेंसिक विभाग की टीमों ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया। 

दवा लेने बाहर गए थे परिजन, घर लौटने पर मिला शव
सेवानिवृत्त पुलिसकर्मी जय सिंह करीब 2 साल पहले पानीपत पुलिस से ईएसआई के पद से रिटायर हुए थे। सेवामुक्त होने के बाद से वे अपने गांव में रहकर खेती-बाड़ी का काम देख रहे थे। उनके परिवार में दो बेटे और एक बेटी हैं। बड़ा बेटा गौरव मजदूरी करता है, जबकि छोटा बेटा नितिन दमकल विभाग (फायर ब्रिगेड) में सेवाएं दे रहा है।

शुक्रवार सुबह 10:30 बजे के करीब परिवार के लोग दवाई लेने के लिए बाहर गए हुए थे और जय सिंह घर पर अकेले थे। दोपहर लगभग 1 बजे जब परिजन वापस लौटे, तो घर का मुख्य द्वार खुला हुआ था। अंदर जाकर तलाश करने पर जय सिंह रोशनदान में बंधी रस्सी के सहारे फंदे पर लटके मिले।

सुसाइड नोट में 22 लाख रुपये का जिक्र और मारपीट का आरोप
पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। इस पत्र में जय सिंह ने गांव के ही सत्ते नामक एक प्रॉपर्टी डीलर पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोपी का जीटी रोड पर जैन कॉलेज के पास कार्यालय है। सुसाइड नोट के मुताबिक, जय सिंह ने एक प्लॉट खरीदने के लिए डीलर को 22 लाख रुपये की रकम दी थी।

जब काम नहीं हुआ, तो वे अपने पैसे वापस मांगने लगे। पीड़ित कई बार अपने रुपयों के लिए आरोपी के दफ्तर के चक्कर लगा चुके थे। आरोप है कि एक दिन आरोपी ने उन्हें दफ्तर बुलाकर उनके साथ गाली-गलौज की, मारपीट की और उल्टे किसी झूठे केस में फंसाने की धमकी भी दी। इसी शारीरिक व मानसिक प्रताड़ना से आहत होकर उन्होंने यह खौफनाक कदम उठाया।

पुलिस ने दर्ज किया केस, छानबीन जारी
जांच अधिकारी नरेश कुमार ने बताया कि पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्रित कर लिए हैं और सुसाइड नोट को अपने कब्जे में ले लिया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 के तहत आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि नामजद आरोपी सत्ते कौन है और उसने 22 लाख रुपये कब और किस एवज में लिए थे। मारपीट और धमकी देने के दावों की भी पड़ताल की जा रही है। शनिवार को पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है।