world-news

दिल्ली में जिनपिंग की रहस्यमयी कार पर 'काला कवर', आखिर क्या छिपा रहा चीन?

September 12, 2026

दिल्ली में जिनपिंग की रहस्यमयी कार पर 'काला कवर', आखिर क्या छिपा रहा चीन?

Sep 12, 2026 03:45 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली

Follow us on Google News

share

दिल्ली पहुंचे चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की सिक्रेट Hongqi N701 लिमोजीन कार को काले कवर से ढंककर ले जाया गया। इस रिपोर्ट में जानें चीनी राष्ट्रपति की इस कार पर काले कवर का रहस्य…

दिल्ली में जिनपिंग की रहस्यमयी कार पर 'काला कवर', आखिर क्या छिपा रहा चीन?

दिल्ली पहुंचे चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की खास और रहस्यमयी कार को काले कवर से ढंककर ले जाया गया।

दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स समिट में पहुंचे चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की बेहद खास और रहस्यमयी Hongqi N701 लिमोजीन कार को काले कवर से ढंककर सड़कों पर ले जाया गया, जिसकी तस्वीरें वायरल हो गई हैं। Hongqi N701 चीन की खास बुलेटप्रूफ और बख्तरबंद कार है। इस कार की तकनीक बेहद गुप्त रखी गई है। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग अपनी विदेश यात्राओं में इसी कार का इस्तेमाल करते हैं। इस रिपोर्ट में जानें चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की बेहद खास और रहस्यमयी Hongqi N701 के बारे में...

गाड़ियों की तस्वीरें और वीडियो वायरल

गौरतलब है कि दिल्ली में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के सरकारी काफिले की गाड़ियों को मोटे काले कवर से ढंककर ले जाया जा रहा था। खास तरह के काले कवर से ढकी हुई गाड़ियों की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए हैं। इससे लोगों की जिज्ञासा बढ़ गई कि आखिर गाड़ियों को काले कवर में ढककर क्यों ले जाया जा रहा था।

जिनपिंग की खास सिक्रेट कार

गौर करने वाली बात यह भी कि चीनी राष्ट्रपति के काफिले की गाड़ियों को लोगों की नजरों से बचाने की कोशिशें की गई थीं। खासतौर पर चर्चा चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की बेहद सिक्रेट और मजबूत Hongqi N701 लिमोजीन कार की हो रही है। चीनी राष्ट्रपति की गाड़ियों को उनके आने से पहले ही भारत पहुंचा दिया गया था जैसा कि विदेश यात्राओं के दौरान उनकी खास गाड़ियों के मामले में आम तौर पर होता है।

क्यों काले कवर में ढकी शी की कार?

विदेश यात्राओं के दौरान सरकारी गाड़ियों को ढंककर रखना मुख्य रूप से सुरक्षा और लॉजिस्टिक्स का मामला होता है। राष्ट्रपति की गाड़ियों को अक्सर अलग से भेजा जाता है और वे दौरे पर आने वाले नेता से पहले ही मेजबान देश पहुंच सकती हैं।

…ताकि बनी रहे

'हिन्दुस्तान टाइम्स' की रिपोर्ट के मुताबिक, चीनी राष्ट्रपति की गाड़ियों को कार्गो विमान से उतार कर ले जाते समय बेहद सतर्कता बरती जाती है। इन गाड़ियों की गोपनीयता को बनाए रखने के लिए भी आमतौर पर मजबूत शीट या तिरपाल से कवर किया जाता है। सूत्रों की मानें तो ऐसा अनावश्यक दिखावे को रोकने के लिए किया जाता है ताकि तस्वीरें सीमित रहें। एक वजह यह भी कि धूल, बारिश, धूप और अन्य तरह के नुकसान से बचाने के लिए भी ऐसा किया जाता है।

सुरक्षा के लिहाज से लगाए जाते हैं कवर

सूत्रों की मानें तो ये खास कवर गाड़ियों को अच्छी हालत में रखने में मदद करते हैं। इस कवायद को सुरक्षा इंतजामों का हिस्सा माना जाना चाहिए। हालांकि इस नजारे ने कौतूहल पैदा किया है कि काले रंग के कवर के नीचे मौजूद गाड़ी कोई सामान्य लिमोजीन कार नहीं है।

जिनपिंग की सिक्रेट लिमोजीन Hongqi N701

चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की कार Hongqi N701 है जो चीनी ब्रांड Hongqi की बनाई एक खास लिमोजीन है। इसके नाम का मतलब 'रेड फ्लैग' है। Hongqi N701 कोई आम कार नहीं है। इसे खास तौर पर चीनी राष्ट्रपति के लिए ही बनाया गया है। इसकी विस्तृत जानकारियां सिक्रेट रखी गई हैं। यह कार लगभग 5.5 मीटर यानी करीब 18 फीट लंबी है। जब यह सड़क पर दौड़ती है तो दुनिया के दमदार शख्सियत की मौजूदगी का एहसास कराती है।

मजबूत सुरक्षा कवच से लैस

रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह कार बहुत मजबूत सुरक्षा कवच से लैस है। इसमें बुलेट-प्रूफ ग्लास, खास सुरक्षित पहिए और टायर लगे हैं। मजबूत बॉडीवर्क से लैस यह कार धमाकों और केमिकल हमलों से भी सुरक्षा देती है। इसकी कई जानकारियों के बारे में कंपनी ने कभी कोई पुष्टि नहीं की। इसमें 6.0-लीटर का V12 इंजन लगा है जो लगभग 408 हॉर्सपावर की ताकत देता है। यह जानकारी भी सिक्रेट ही है। इसे आधिकारिक तौर पर आम नहीं किया गया है।

इन वजहों से भी खास

इस कार का डिजाइन भी बेहद खास है। इसके सुरक्षा कवच (आर्मर) और अन्य सुरक्षा उपकरणों के बारे में बहुत कम जानकारी उपलब्ध है। इन तमाम खूबियों के चलते सुरक्षा मामलों पर नजर रखने वालों के बीच यह कार बेहद दिलचस्प बनी हुई है। चीनी राष्ट्रपति रूस, अमेरिका, हांगकांग और मिस्र जैसे देशों की यात्राओं पर इसे साथ ले जा चुके हैं। यह गाड़ी विदेशी लग्जरी ब्रांड पर निर्भर रहने के बजाय चीन में ही बने वाहन पर चीनी नेतृत्व की पसंद को भी दिखाती है।

लेखक के बारे में

Krishna Bihari Singh

कृष्ण बिहारी सिंह वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम का हिस्सा (दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान और गुजरात )

संक्षिप्त विवरण

कृष्ण बिहारी सिंह पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। कृष्ण बिहारी सिंह लाइव हिन्दुस्तान में कार्यरत हैं। वह स्टेट टीम के साथ काम कर रहे हैं। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय मीडिया जगत में केबी उपनाम से चर्चित हैं। यूपी के मऊ जिले से ताल्लुक रखने वाले केबी महाराष्ट्र और हरियाणा में पत्रकारिता कर चुके हैं। मौजूदा वक्त में वह दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय हैं।

विस्तृत बायो

परिचय और अनुभव: कृष्ण बिहारी सिंह लोकमत, आज समाज, राष्ट्रीय सहारा, अमर उजाला और दैनिक जागरण अखबार में विभिन्न पदों पर काम कर चुके हैं। उन्होंने साल 2019 में जागरण डॉट कॉम से डिजिटल मीडिया में कदम रखा। कृष्ण बिहारी सिंह मौजूदा वक्त में भारत के प्रसिद्ध समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) की स्टेट टीम में डिप्टी चीफ एडिटर (कंटेंट क्रिएटर) के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि: लॉ (एलएलबी) और साइंस (बी.एससी, बायोलॉजी) से ग्रेजुएट कृष्ण बिहारी सिंह ने महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए और एमफिल किया है। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय राजनीति और वैश्विक मामलों के साथ विधि विषय की गहरी समझ रखते हैं। अखबार से लेकर टेलीविजन और अब डिजिटल मीडिया के बदलावों के साक्षी रहे कृष्ण बिहारी सिंह पाठकों की पसंद और बदलते ट्रेंड को बारीकी से समझते हैं।

रिपोर्टिंग एवं विशेषज्ञता: कृष्ण बिहारी सिंह राजनीति, जिओ पॉलिटिक्स, जन सरोकार और क्राइम की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। कृष्ण बिहारी सिंह ने अब तक विभिन्न मीडिया संस्थानों में नेशनल, इंटरनेशनल, बिजनेस, रिसर्च एवं एक्सप्लेनर और संपादकीय टीमों के साथ लंबे समय तक काम किया है। यही वजह है कि खबर के पीछे छिपे एजेंडे की समझ रखने वाले केबी समसामयिक घटनाक्रमों पर गहरा विश्लेषण करते हैं।

पत्रकारिता का उद्देश्य: कृष्ण बिहारी सिंह 'राष्ट्र प्रथम' की भावना के साथ काम करते हैं। केबी का मानना है कि एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी उसका राष्ट्र और लोक कल्याण है। केबी खबरों को पहले प्रमाणिकता की कसौटी पर कसते हैं, फिर आम जनमानस की भाषा में उसे परोसने का काम करते हैं। केबी का मानना है कि रिपोर्टिंग का उद्देश्य पाठकों को न केवल सूचना देना वरन उन्हें सही और असल जानकारी देना है।

और पढ़ें