world-news

Ayah Shah Assembly Caste Equations: अयाह शाह का जातिगत गणित 2027

September 11, 2026

Ayah Shah Assembly Caste Equations में निषाद, अनुसूचित जाति, क्षत्रिय, ब्राह्मण, पाल, लोधी, प्रजापति, यादव, मुस्लिम और वैश्य मतदाता चुनावी नतीजे की प्रमुख सामाजिक धुरियां हैं। पुराने चुनावी आकलनों में अनुसूचित जाति मतदाता करीब 60 हजार, निषाद करीब 34 हजार और ब्राह्मण व क्षत्रिय करीब 35-35 हजार बताए गए थे। 2026 की अंतिम मतदाता सूची में अयाह शाह विधानसभा का वास्तविक वोटर बेस 2,51,626 है।

अयाह शाह विधानसभा संख्या 241 है और यह फतेहपुर लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। सीट सामान्य श्रेणी की है। वर्तमान विधायक भाजपा के विकास गुप्ता हैं, जिन्होंने 2022 में समाजवादी पार्टी के विशंभर प्रसाद निषाद को 13,006 वोट से हराया था। 2024 लोकसभा चुनाव में भी अयाह शाह विधानसभा खंड में भाजपा आगे रही, लेकिन SP से उसकी बढ़त घटकर सिर्फ 4,530 वोट रह गई।

उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों के चुनावी परिणाम काफी हद तक जटिल जातिगत समीकरणों और ‘सोशल इंजीनियरिंग’ पर निर्भर करते हैं, जिन्हें आगामी 2027 के चुनाव की दिशा तय करने में एक निर्णायक मोड़ माना जा रहा है।

राज्य के सभी 75 जिलों में चलाए गए विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) के तहत मतदाता सूचियों का अंतिम प्रकाशन किया गया है, जिससे कुल मतदाताओं की संख्या में बदलाव दर्ज हुआ हैं।

फतेहपुर जिले के   अयाह शाह  विधानसभा के 2012 से 2022 तक का तुलनात्मक विश्लेषण में बदलाव दर्ज हुआ है। उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों के 2007 से 2022 तक के चुनावी इतिहास, विजेता-उपविजेता प्रत्याशियों और मत प्रतिशत के तुलनात्मक विश्लेषण के लिए मदद ली जा सकती है।

अयाह शाह विधानसभा एक नजर में

विवरणजानकारी
विधानसभाअयाह शाह
विधानसभा संख्या241
जिलाफतेहपुर
लोकसभा क्षेत्रफतेहपुर
आरक्षणसामान्य
वर्तमान विधायकविकास गुप्ता
पार्टीभाजपा
2026 कुल मतदाता2,51,626
SIR से पहले मतदाताकरीब 2,78,688
SIR में शुद्ध कमी27,062
कमीकरीब 9.71%
2022 विजेताविकास गुप्ता, BJP
2022 उपविजेताविशंभर प्रसाद निषाद, SP
2022 जीत का अंतर13,006 वोट
2024 लोकसभा खंड में BJP वोट67,820
2024 SP वोट63,290
2024 BSP वोट15,354
2024 BJP की बढ़त4,530 वोट
प्रमुख सामाजिक समूहनिषाद, SC, क्षत्रिय, ब्राह्मण, पाल, लोधी, प्रजापति, यादव, मुस्लिम

2026 की अंतिम मतदाता सूची में फतेहपुर जिले की छह विधानसभा सीटों में अयाह शाह का वोटर बेस सबसे छोटा है। जिले में कुल मतदाता संख्या करीब 17.36 लाख है।

Ayah Shah Assembly Caste Equations: निषाद-OBC और दलित वोट सबसे अहम

Ayah Shah Assembly Caste Equations की सबसे बड़ी विशेषता मजबूत ग्रामीण OBC आधार है। निषाद, लोधी, पाल और प्रजापति जैसे समुदाय लंबे समय से चुनावी राजनीति में महत्वपूर्ण माने जाते हैं। इनमें निषाद मतदाताओं की भूमिका खास तौर पर यमुना पट्टी के गांवों में प्रभावशाली रही है।

पुराने आकलन में निषाद मतदाता करीब 34 हजार बताए गए थे। इसके साथ अनुसूचित जाति का बड़ा आधार, क्षत्रिय-ब्राह्मण सवर्ण वोट और यादव-मुस्लिम मतदाता सीट को बहुस्तरीय बनाते हैं।

यही वजह है कि अयाह शाह में किसी एक जाति का वोट चुनाव जिताने के लिए पर्याप्त नहीं होता। जीत का रास्ता कम से कम तीन बड़े सामाजिक समूहों के प्रभावी गठजोड़ से निकलता है।

अयाह शाह विधानसभा का संकेतात्मक जातिगत समीकरण

पुराने चुनावी आकलनों के आधार पर अयाह शाह की सामाजिक तस्वीर मोटे तौर पर इस प्रकार रही है:

जाति/समुदायपुराना संकेतात्मक अनुमान
अनुसूचित जातिकरीब 60,000
क्षत्रियकरीब 35,000
ब्राह्मणकरीब 35,000
निषादकरीब 34,000
वैश्यकरीब 20,000
यादवकरीब 20,000
मुस्लिमकरीब 20,000
कुर्मीकरीब 10,000
पाल, लोधी, प्रजापति व अन्य OBCमहत्वपूर्ण उपस्थिति
2026 आधिकारिक कुल मतदाता2,51,626

यह तालिका 2026 की आधिकारिक जाति-वार मतदाता सूची नहीं है। अलग-अलग पुराने चुनावी आकलनों में सामाजिक समूहों की संख्या अलग मिलती है और कुछ OBC श्रेणियां आपस में ओवरलैप भी कर सकती हैं। इसलिए इन आंकड़ों को जोड़कर वर्तमान कुल जातिवार वोटर संख्या निकालना उचित नहीं होगा।

इन अनुमानों का उपयोग केवल यह समझने के लिए किया जाना चाहिए कि किन समुदायों का राजनीतिक प्रभाव अपेक्षाकृत अधिक रहा है।

अयाह शाह वोटर लिस्ट 2026 में 2,51,626 मतदाता

2027 के चुनावी गणित में सबसे बड़ा नया बदलाव 2026 की अंतिम मतदाता सूची है।

SIR से पहले अयाह शाह का वोटर बेस करीब 2,78,688 था। अंतिम सूची में यह घटकर 2,51,626 रह गया। यानी 27,062 मतदाताओं की शुद्ध कमी दर्ज हुई।

मतदाता सूचीसंख्या
SIR से पहलेकरीब 2,78,688
2026 अंतिम मतदाता2,51,626
शुद्ध कमी27,062
कमीकरीब 9.71%

यह बदलाव 2022 के 13,006 वोट के जीत अंतर और 2024 के 4,530 वोट के BJP-SP अंतर—दोनों से बड़ा है।

इसका अर्थ यह नहीं है कि हटे मतदाता किसी एक पार्टी या जाति से जुड़े थे। लेकिन 2027 में पुराने बूथवार वोट बैंक की गणना नई मतदाता सूची के अनुसार फिर करनी होगी।

निषाद वोट क्यों बना हुआ है निर्णायक?

अयाह शाह का बड़ा इलाका यमुना पट्टी से जुड़ा है और निषाद समाज की ग्रामीण क्षेत्रों में मजबूत मौजूदगी है। पुराने चुनावी आकलन इस समुदाय की संख्या करीब 34 हजार बताते हैं।

2012 में भाजपा ने हीरालाल निषाद को उम्मीदवार बनाया था। 2022 में समाजवादी पार्टी ने विशंभर प्रसाद निषाद पर दांव लगाया और उन्हें 58,225 वोट मिले।

इतना वोट केवल निषाद समुदाय से नहीं आया होगा, लेकिन यह परिणाम बताता है कि निषाद नेतृत्व दूसरे OBC और विपक्षी मतदाताओं को जोड़ने की क्षमता रखता है।

2027 में BJP और SP दोनों के लिए निषाद वोट सबसे महत्वपूर्ण स्विंग समूहों में रहेगा।

क्षत्रिय, ब्राह्मण और वैश्य वोट BJP के लिए अहम

अयाह शाह को पुराने राजनीतिक विश्लेषण में क्षत्रिय प्रभाव वाली सीट भी माना गया है। पुराने अनुमानों में क्षत्रिय और ब्राह्मण मतदाता करीब 35-35 हजार तथा वैश्य करीब 20 हजार बताए गए थे।

इन समुदायों का संयुक्त सवर्ण-व्यापारी वोट BJP के लिए महत्वपूर्ण सामाजिक आधार बन सकता है।

2017 में भाजपा ने विकास गुप्ता के साथ 53 प्रतिशत से अधिक वोट हासिल किए थे। 2022 में पार्टी का वोट शेयर घटा, लेकिन वह फिर भी सीट बचाने में सफल रही।

2027 में BJP के लिए सवर्ण वोट को बनाए रखते हुए निषाद, अन्य OBC और दलित मतदाताओं में हिस्सेदारी कायम रखना जरूरी होगा।

दलित और पाल-लोधी-प्रजापति वोट का असर

अयाह शाह में अनुसूचित जाति मतदाता बड़ा सामाजिक समूह हैं। पुराने चुनावी अनुमानों में संख्या करीब 60 हजार बताई गई थी।

इसके साथ पाल, लोधी और प्रजापति मतदाता ग्रामीण OBC राजनीति में महत्वपूर्ण हैं। इन समुदायों का वोट एक ही दल में स्थायी रूप से बंद नहीं माना जा सकता।

BSP की पुरानी ताकत मुख्य रूप से दलित और दूसरे सामाजिक समूहों के समर्थन से बनी थी। 2012 में पार्टी ने अयाह शाह सीट जीती थी। 2022 में BSP का वोट घटकर 22 हजार के आसपास और 2024 लोकसभा चुनाव में करीब 15 हजार रह गया।

अगर 2027 में BSP कमजोर रहती है, तो उसके पुराने दलित और OBC मतदाताओं का BJP-SP में बंटवारा चुनाव का बड़ा फैक्टर होगा।

यादव और मुस्लिम वोट SP के लिए क्यों जरूरी?

पुराने आकलन में यादव और मुस्लिम मतदाता करीब 20-20 हजार बताए गए थे।

SP के लिए दोनों समुदाय महत्वपूर्ण शुरुआती सामाजिक आधार हो सकते हैं, लेकिन अयाह शाह में केवल यादव-मुस्लिम समीकरण से चुनाव जीतना मुश्किल है।

2022 में SP को 58,225 वोट मिले। यानी पार्टी को निषाद, दलित और दूसरे OBC मतदाताओं का भी पर्याप्त समर्थन मिला।

2027 में SP की रणनीति का मुख्य सवाल यही होगा कि वह यादव-मुस्लिम आधार के साथ निषाद और SC/OBC मतदाताओं में कितनी हिस्सेदारी हासिल करती है।

अयाह शाह विधानसभा चुनाव 2022: BJP ने 13,006 वोट से बचाई सीट

2022 में भाजपा के विकास गुप्ता ने लगातार दूसरी बार अयाह शाह विधानसभा जीती।

उन्हें 71,231 वोट मिले। समाजवादी पार्टी के विशंभर प्रसाद निषाद को 58,225 और BSP के चंदन सिंह को 22,045 वोट मिले।

प्रत्याशीपार्टीवोटवोट प्रतिशत
विकास गुप्ताBJP71,23144.40%
विशंभर प्रसाद निषादSP58,22536.30%
चंदन सिंहBSP22,04513.74%
NOTA1,8841.17%
हेमलताकांग्रेस1,7531.09%
सुशील सिंह पटेलCPI1,6051.00%
BJP की जीत13,006

2017 के मुकाबले भाजपा की बढ़त काफी कम हुई। इसके बावजूद पार्टी 44 प्रतिशत से अधिक वोट लेकर सीट बचाने में सफल रही।

2012 से 2022 तक कैसे बदला अयाह शाह का चुनावी गणित?

अयाह शाह का चुनावी इतिहास बताता है कि सीट पर BSP, BJP और SP तीनों का प्रभाव रहा है, लेकिन पिछले दो विधानसभा चुनाव BJP ने जीते हैं।

चुनावविजेतापार्टीवोटजीत का अंतर
2012अयोध्या प्रसाद पालBSP49,33911,097
2017विकास गुप्ताBJP81,20351,965
2022विकास गुप्ताBJP71,23113,006

2012 में BSP के अयोध्या प्रसाद पाल ने SP के आनंद प्रकाश लोधी को हराया था। 2017 में भाजपा ने बड़ी राजनीतिक छलांग लगाई और विकास गुप्ता ने 51,965 वोट के विशाल अंतर से सीट जीती।

2022 में BJP ने सीट तो बचाई, लेकिन उसकी जीत का अंतर लगभग 39 हजार वोट घट गया।

यह ट्रेंड बताता है कि सीट BJP के पास जरूर है, लेकिन मुकाबला 2017 जितना एकतरफा नहीं रहा।

2024 लोकसभा चुनाव: BJP आगे, अंतर सिर्फ 4,530 वोट

2024 लोकसभा चुनाव अयाह शाह के 2027 वाले राजनीतिक गणित का सबसे महत्वपूर्ण नया संकेत है।

फतेहपुर लोकसभा क्षेत्र के अयाह शाह विधानसभा खंड में भाजपा को 67,820 वोट मिले। समाजवादी पार्टी को 63,290 वोट और BSP को 15,354 वोट मिले।

2024 लोकसभा: अयाह शाह विधानसभा खंडवोटवोट शेयर
BJP67,82043.95%
SP63,29041.01%
BSP15,3549.95%
BJP की SP पर बढ़त4,530

पूरी फतेहपुर लोकसभा सीट SP ने जीती, लेकिन अयाह शाह विधानसभा खंड में BJP आगे रही।

इसका मतलब है कि क्षेत्र में भाजपा का स्थानीय वोट बेस बाकी कुछ विधानसभा खंडों की तुलना में अपेक्षाकृत मजबूत बना रहा।

2019 से 2024 में कितनी घटी BJP की बढ़त?

2019 लोकसभा चुनाव में अयाह शाह विधानसभा खंड में BJP को 83,350 वोट मिले थे, जबकि BSP को 48,846 वोट मिले। BJP की बढ़त 34,504 वोट थी।

2024 में मुख्य मुकाबला BJP और SP के बीच हुआ और भाजपा की बढ़त सिर्फ 4,530 वोट रह गई।

लोकसभा चुनावBJP वोटमुख्य प्रतिद्वंद्वी वोटBJP बढ़त
201983,35048,84634,504
202467,82063,2904,530

यह गिरावट 2027 से पहले BJP के लिए सबसे महत्वपूर्ण चेतावनी है। सीट पर पार्टी का आधार बना हुआ है, लेकिन विपक्ष उसके काफी करीब आ चुका है।

2022 से 2024 में BJP-SP का अंतर कैसे बदला?

चुनावBJP वोटSP वोटअंतर
विधानसभा 202271,23158,225BJP +13,006
लोकसभा 202467,82063,290BJP +4,530

दो चुनावों के बीच BJP-SP का सापेक्ष अंतर 8,476 वोट घटा

लोकसभा और विधानसभा चुनाव की प्रकृति अलग होती है, इसलिए इसे सीधे 2027 का अनुमान नहीं माना जा सकता। लेकिन यह साफ संकेत है कि मुकाबला पहले से अधिक करीबी हुआ है।

BSP का घटता वोट क्यों महत्वपूर्ण?

BSP ने 2012 में अयाह शाह विधानसभा जीती थी। उस चुनाव में पार्टी को 49,339 वोट मिले थे।

2017 में BSP 27,365 वोट पर रही। 2022 में यह आंकड़ा 22,045 और 2024 लोकसभा चुनाव में 15,354 तक आ गया।

चुनावBSP वोट
विधानसभा 201249,339
विधानसभा 201727,365
विधानसभा 202222,045
लोकसभा 2024, अयाह शाह खंड15,354

BSP का वोट घटने से BJP-SP मुकाबला अधिक सीधा हुआ है।

अगर 2027 में BSP अपना पुराना दलित-OBC आधार वापस जुटाती है तो मुकाबला त्रिकोणीय हो सकता है। कमजोर रहने पर उसके मतदाताओं का ट्रांसफर मुख्य चुनावी अंतर तय कर सकता है।

2027 में BJP और SP का चुनावी रास्ता

BJP के पास मौजूदा विधायक, लगातार दो विधानसभा जीत और 2024 लोकसभा चुनाव में भी विधानसभा खंड से बढ़त का फायदा है। पार्टी के लिए सवर्ण + निषाद/गैर-यादव OBC + दलित हिस्सेदारी को बनाए रखना सबसे महत्वपूर्ण होगा।

SP के लिए 2022 और 2024 के बीच अंतर का 13,006 से घटकर 4,530 होना बड़ा अवसर है। पार्टी को निषाद नेतृत्व के साथ यादव-मुस्लिम, दलित और दूसरे OBC मतदाताओं का व्यापक गठजोड़ बनाना होगा।

सामान्य सीट होने के कारण उम्मीदवार की जाति भी 2027 में पूरे सामाजिक समीकरण को बदल सकती है।

2026 की नई वोटर लिस्ट का चुनाव पर असर

2026 की नई सूची में अयाह शाह से 27,062 मतदाता कम हुए हैं।

तुलनासंख्या
2026 वोटर सूची में शुद्ध कमी27,062
2022 BJP जीत का अंतर13,006
2024 BJP-SP अंतर4,530

सूची में हुआ बदलाव पिछले दोनों चुनावी अंतर से बड़ा है। इसलिए 2027 में बूथ स्तर पर मतदाता सत्यापन, संगठन और मतदान प्रतिशत की भूमिका काफी बढ़ जाएगी।

पुराने जातिगत समीकरण भी नई वोटर लिस्ट के बाद हूबहू लागू होंगे, ऐसा मानना उचित नहीं होगा।

2027 में किन फैक्टरों से तय होगा अयाह शाह चुनाव?

चुनावी फैक्टरसंभावित असर
निषाद वोटसबसे महत्वपूर्ण OBC स्विंग समूहों में
अनुसूचित जाति वोटBJP-SP-BSP तीनों के लिए अहम
क्षत्रिय-ब्राह्मण वोटBJP के सवर्ण आधार की बड़ी धुरी
पाल-लोधी-प्रजापतिगैर-यादव OBC समीकरण में महत्वपूर्ण
यादव-मुस्लिम वोटSP के शुरुआती आधार में अहम
BSP का प्रदर्शनदोतरफा या त्रिकोणीय मुकाबला तय करेगा
प्रत्याशी की जातिवोट ट्रांसफर पर सीधा असर
2024 का 4,530 वोट अंतरबेहद करीबी मुकाबले का संकेत
2026 वोटर लिस्टबूथवार पुराने समीकरण में बदलाव
ग्रामीण मुद्देजातिगत सीमाओं से बाहर वोट प्रभावित कर सकते हैं

अयाह शाह विधानसभा के जातिगत समीकरण में फिलहाल कौन आगे?

हाल के चुनावों के आधार पर BJP को मामूली शुरुआती बढ़त मानी जा सकती है। पार्टी ने 2017 और 2022 दोनों विधानसभा चुनाव जीते और 2024 लोकसभा चुनाव में भी अयाह शाह खंड से आगे रही।

लेकिन बढ़त लगातार कम हुई है। 2017 विधानसभा में BJP 51,965 वोट से आगे थी, 2022 में अंतर 13,006 और 2024 में सिर्फ 4,530 वोट रह गया।

इसलिए सीट को BJP की सुरक्षित सीट मानना सही नहीं होगा। SP स्पष्ट चुनौती की स्थिति में है और BSP का प्रदर्शन पूरे मुकाबले की दिशा बदल सकता है।

अयाह शाह विधानसभा के जातिगत समीकरण और 2027 का चुनावी निष्कर्ष

अयाह शाह विधानसभा के जातिगत समीकरण में निषाद, दलित, क्षत्रिय, ब्राह्मण और दूसरे OBC समुदाय सबसे महत्वपूर्ण हैं। पुराने आकलनों में SC मतदाता करीब 60 हजार, निषाद करीब 34 हजार और ब्राह्मण-क्षत्रिय करीब 35-35 हजार बताए गए थे। इन्हें 2026 की आधिकारिक जातिवार संख्या नहीं माना जाना चाहिए।

2026 की अंतिम मतदाता सूची में अयाह शाह का वास्तविक वोटर बेस 2,51,626 है। SIR के बाद 27,062 मतदाताओं की शुद्ध कमी ने बूथवार पुराने राजनीतिक गणित को भी बदल दिया है।

राजनीतिक रूप से BJP फिलहाल आगे है, लेकिन अंतर घट रहा है। 2022 में पार्टी ने 13,006 वोट से जीत हासिल की, जबकि 2024 लोकसभा चुनाव में उसकी SP पर बढ़त सिर्फ 4,530 वोट रह गई।

2027 में BJP के लिए सवर्ण + निषाद/अन्य OBC + दलित हिस्सेदारी और SP के लिए निषाद + यादव-मुस्लिम + दलित/OBC विस्तार सबसे महत्वपूर्ण सामाजिक फॉर्मूला होगा। BSP यदि अपने पुराने दलित आधार में वापसी करती है तो मुकाबला तीनतरफा हो सकता है।

करीब 2.52 लाख मतदाताओं वाली अयाह शाह विधानसभा में अंतिम फैसला किसी एक जाति से नहीं, बल्कि निषाद वोट की दिशा, दलित वोट के बंटवारे, सवर्ण समर्थन और छोटे OBC समूहों के गठजोड़ से तय होने की संभावना है।

  • समाचार संपादन, ब्रेकिंग अलर्ट और फैक्ट-चेक पर फ़ोकस। ज़मीनी रिपोर्टों को डेटा के साथ जोड़ना पसंद। कॉफ़ी, डेडलाइन और सत्य , तीनों से समझौता नहीं।

UTTAR PRADESH NEWS की अन्य न्यूज पढऩे के लिए Facebook और Twitter पर फॉलो करें