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20 साल का सब्र और 30,000 करोड़ का मुनाफा! NSE IPO से टेक दिग्गजों को मिला अब तक का सबसे बड़ा जैकपॉट

September 22, 2026

20 साल का सब्र और 30,000 करोड़ का मुनाफा! NSE IPO से टेक दिग्गजों को मिला अब तक का सबसे बड़ा जैकपॉट

NSE IPO का प्राइस बैंड 1700-1785 रुपये तय

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) भारत के अब तक के सबसे बड़े स्टॉक मार्केट डेब्यू में से एक की ओर बढ़ रहा है. ऐसे में, इसके कई पुराने निवेशक इस अहम लिस्टिंग के दौरान अपने शेयर बेचने के बजाय उन्हें अपने पास ही बनाए रखने का फैसला कर रहे हैं. इससे फायदा उठाने वाले बड़े नामों में IT सेक्टर की दिग्गज कंपनियों – इंफोसिस के नारायण मूर्ति और विप्रो के अजीम प्रेमजी – के नाम शामिल हैं.प्रेमजी का फैमिली ऑफिस ‘प्रेमजी इन्वेस्ट’, मूर्ति का फैमिली ऑफिस ‘कैटामरन’, राधाकिशन दमानी और कई अन्य बड़े निवेशक NSE में अपनी हिस्सेदारी बनाए रख रहे हैं. IPO के ऊपरी प्राइस बैंड के हिसाब से इन सभी की कुल हिस्सेदारी की कीमत लगभग 30,000 करोड़ रुपए है.

प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर यानी 1,785 रुपए प्रति शेयर के हिसाब से, इस एनालिसिस में शामिल हिस्सेदारी की कुल कीमत लगभग 29,400 करोड़ रुपए है. इस ग्रुप में प्राइवेट इन्वेस्टमेंट फर्म, फैमिली ऑफिस और जाने-माने इंडीविजुअल इंवेस्टर्स शामिल हैं, जिनमें से कई IPO में अपने शेयर नहीं बेच रहे हैं.खास बात यह है कि NSE का 22,561 करोड़ रुपए का इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) पूरी तरह से 12.64 करोड़ शेयरों की बिक्री (ऑफर फॉर सेल) है. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज को खुद इस इश्यू से कोई रकम नहीं मिलेगी. यह पैसा उन मौजूदा शेयरधारकों को जाएगा जो अपनी हिस्सेदारी बेच रहे हैं. प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर पर, एक्सचेंज की वैल्यूएशन लगभग 4.42 लाख करोड़ रुपये है.

प्रेमजी सबसे आगे

  1. प्रेमजी इन्वेस्ट इस ग्रुप की सबसे बड़ी प्राइवेट इन्वेस्टमेंट कंपनी है. इसकी होल्डिंग कंपनी, PI अपॉर्चुनिटीज फंड I, के पास नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के 5.82 करोड़ शेयर हैं. 1,785 रुपए प्रति शेयर की कीमत के हिसाब से, इस हिस्सेदारी की वैल्यू 10,231.6 करोड़ रुपए है. यह फंड IPO में शेयर नहीं बेच रहा है.
  2. DMart चलाने वाली कंपनी एवेन्यू सुपरमार्ट्स के फाउंडर राधाकिशन दमानी के पास नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के 3.9 करोड़ शेयर हैं. IPO की कीमत के हिसाब से उनकी होल्डिंग की वैल्यू 6,856 करोड़ रुपए है और वे अपनी पूरी हिस्सेदारी बनाए हुए हैं.
  3. 360 ONE के पास अपनी अलग-अलग इन्वेस्टमेंट कंपनियों के ज़रिए लगभग 4 करोड़ शेयर हैं, जिनकी कुल वैल्यू 1,785 रुपए प्रति शेयर के हिसाब से लगभग 7,139.3 करोड़ रुपए है.
  4. टाइगर ग्लोबल के पास अपनी इन्वेस्टमेंट कंपनी के जरिए 56 लाख शेयर हैं, जिनकी वैल्यू IPO की कीमत के हिसाब से 999.6 करोड़ रुपए है.
  5. शेयरहोल्डर्स की लिस्ट में कैटामरन भी शामिल है, जो इंफोसिस के फाउंडर एन.आर. नारायण मूर्ति से जुड़ी इन्वेस्टमेंट फर्म है. कैटामरन के पास NSE के 38.5 लाख शेयर हैं, जिनकी वैल्यू 687 करोड़ रुपए है.इन चारों की कुल होल्डिंग की वैल्यू 29,400 करोड़ रुपए के कुल आंकड़े में से लगभग 25,913 करोड़ रुपए है.
  6. शेयरहोल्डर्स की लिस्ट में कई जाने-माने बिजनेस और मार्केट के नाम भी शामिल हैं. हीरो एंटरप्राइज़ के चेयरमैन सुनील कांत मुंजाल के पास 1.02 करोड़ शेयर हैं, जिनकी कीमत IPO प्राइस के हिसाब से लगभग 1,821.2 करोड़ रुपए है.इन्फोसिस के को-फाउंडर क्रिस गोपालकृष्णन के पास 94.29 लाख शेयर हैं, जिनकी कीमत लगभग 1,683 करोड़ रुपए है.
  7. दूसरे प्रमुख व्यक्तिगत निवेशकों में सिद्धार्थ बालचंद्रन, वनजा सुंदर अय्यर, सिद्धार्थ अय्यर, लता भंसाली, भरत तापड़िया, इग्नेशियस नेविल नोरोन्हा, डॉली खन्ना, रामदेव अग्रवाल और मोतीलाल ओसवाल शामिल हैं.

एक दशक की तैयारी

NSE ने सबसे पहले दिसंबर 2016 में SEBI के पास अपने IPO के कागजात जमा किए थे, लेकिन को-लोकेशन विवाद और उससे जुड़ी रेगुलेटरी कार्यवाही के कारण लिस्टिंग में देरी होती रही. इस लंबी देरी का मतलब था कि कई शुरुआती निवेशकों ने आखिरकार पब्लिक-मार्केट में आने का इंतजार नहीं किया.

सिटीग्रुप, गोल्डमैन सैक्स और नॉरवेस्ट वेंचर पार्टनर्स ने वित्त वर्ष 2022 तक अपनी NSE होल्डिंग्स बेच दी थीं, जबकि एलिवेशन कैपिटल (तब SAIF पार्टनर्स) ने भी पैसे निकालना शुरू कर दिया था. एलिवेशन ने 2007 से एक्सचेंज में हिस्सेदारी रखने के बाद जनवरी-मार्च 2023 तिमाही में 580.46 करोड़ रुपए के NSE शेयर बेचे.

उन निवेशकों के लिए, पैसे कमाने का मौका NSE के IPO स्टेज तक पहुंचने से कई साल पहले ही मिल गया था. वहीं, जो निवेशक लंबे इंतजार के दौरान बने रहे, वे अब काफी ‘पेपर वेल्थ’ (कागज़ी संपत्ति) के मालिक हैं क्योंकि एक्सचेंज अपनी लिस्टिंग की ओर बढ़ रहा है.

कुछ बने रहे, कुछ ने बेच दिया

  1. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के बड़े शेयरहोल्डर्स में होल्डिंग बनाए रखने का फैसला एक जैसा नहीं है. कई इंस्टीट्यूशनल और प्राइवेट निवेशक IPO के जरिए अपनी होल्डिंग का कुछ हिस्सा बेच रहे हैं, जबकि काफी हिस्सेदारी अपने पास भी रख रहे हैं.
  2. सिंगापुर की टेमासेक होल्डिंग्स की कंपनी अरंडा इन्वेस्टमेंट्स के पास ऑफर से पहले 11.25 करोड़ शेयर थे और वह लगभग 1.12 करोड़ शेयर बेच रही है. वह लगभग 10.12 करोड़ शेयर अपने पास रखेगी, जिनकी कीमत IPO प्राइस के हिसाब से लगभग 18,064 करोड़ रुपए है.
  3. महोगनी अपनी हिस्सेदारी का कुछ हिस्सा बेचने के बाद लगभग 8.93 करोड़ शेयर अपने पास रखेगी, जिनकी कीमत लगभग 15,940 करोड़ रुपए है. क्राउन कैपिटल के पास लगभग 4.55 करोड़ शेयर (जिनकी कीमत करीब 8,122 करोड़ रुपए है) रहेंगे, जबकि TA एशिया पैसिफिक एक्विजिशन के पास लगभग 3.23 करोड़ शेयर (जिनकी कीमत करीब 5,766 करोड़ रुपए है) रहेंगे.
  4. मॉर्गन स्टेनली से जुड़ी इन्वेस्टमेंट कंपनी MS स्ट्रैटेजिक, 1.1 करोड़ शेयर बेचने के बाद भी लगभग 1.88 करोड़ शेयर (जिनकी कीमत करीब 3,356 करोड़ रुपए है) अपने पास रखेगी.
  5. ध्यान दें कि ऊपर बताए गए लगभग 29,400 करोड़ रुपए के कुल आंकड़े में उन शेयरहोल्डर्स के पास बचे शेयरों की वैल्यू शामिल नहीं है, जो IPO के जरिए अपनी हिस्सेदारी का कुछ हिस्सा बेच रहे हैं.
  6. यह पैटर्न एक्सचेंज के पुराने शेयरहोल्डर्स के अलग-अलग नजरिए को दिखाता है. कुछ लोग IPO का इस्तेमाल अपने इन्वेस्टमेंट का कुछ हिस्सा बेचकर पैसे निकालने के लिए कर रहे हैं, जबकि दूसरे अपनी हिस्सेदारी को लिस्टेड मार्केट में बनाए रख रहे हैं.

एक अहम लिस्टिंग

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का IPO देश के सबसे बड़े एक्सचेंज के लिस्टेड मार्केट में आने के लिए एक दशक से चल रहे इंतज़ार का नतीजा है. यह इश्यू 21 सितंबर को बंद हुआ. इसमें 8.86 करोड़ शेयरों की पेशकश के मुकाबले 50 करोड़ से ज़्यादा शेयरों के लिए बोलियां मिलीं. इसे 5.71 गुना सब्सक्राइब किया गया, जिसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर (QIB) का हिस्सा 12.68 गुना सब्सक्राइब हुआ.

शेयरों की लिस्टिंग 24 सितंबर को होनी है. 1,785 रुपए की कीमत पर, IPO में एक्सचेंज की वैल्यूएशन लगभग 4.42 लाख करोड़ रुपए आंकी गई है. यह भारत के सबसे बड़े पब्लिक ऑफरिंग्स में से एक है और इससे इसके पुराने शेयरहोल्डर्स को एक ऐसा लिक्विड मार्केट मिलता है जहां वे आगे चलकर अपनी हिस्सेदारी बेचकर पैसे निकाल सकते हैं.

सौरभ शर्मा

सौरभ शर्मा

2008 से शेयर मार्केट, इकोनॉमी और कमोडिटी कवर कर रहे हैं. टीवी9 के साथ जुड़ने से पहले डीएनए, ए​शियानेट, जनसत्ता, दैनिक जागरण और राजस्थान पत्रिका जैसे कई बड़े संस्थानों के साथ भी जुड़े रहे.

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