जनगणना 2027 के दूसरे चरण का काम 16 नवंबर से शुरू हो जाएगा। इसके लिए गणना प्रगणकों एवं सुपरवाइजरों का प्रशिक्षण शुरू हो चुका है। इस प्रशिक्षण शिविर में गणना प्रगणकों और सुपरवाइजरों को पढ़ाया जा रहा है कि भारत 1946 में आजाद हुआ था। जबकि देश के बच्चे-बच्
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यह गलती प्रगणकों को दी गई अनुदेश पुस्तिका में है। यह अकेली गलती नहीं है। पुस्तिका में दर्ज है कि भारत व पाकिस्तान के बीच 1964 में युद्ध हुआ था। इसके साथ ही बांग्लादेश की मुक्ति 1972 में हुई थी। जबकि सही तथ्य यह है कि भारत व पाकिस्तान के बीच युद्ध अप्रैल से सितंबर 1965 तक हुआ था और बांग्लादेश की मुक्ति 16 दिसंबर 1971 को हुई थी।

जिले में कई स्थानों पर जनगणना प्रगणकों का प्रशिक्षण सोमवार से शुरू हुआ।
सभी जनगणना प्रगणकों को जनसंख्या गणना के लिए अनुदेश पुस्तिका दी गई है। इसी के अनुसार उन्हें पढ़ाया जा रहा है। प्रगणकों को मिली इस किताब में कई गलतियां हैं। इसके पेज नंबर 49 पर यह गलतियां की गई हैं।
सवाल यह है कि इतने बड़े कार्य के लिए जो पुस्तिका छपवाई गई, उसमें इतनी बड़ी गलती कैसे छप गई। इसे मिस प्रिंट भी नहीं कहा जा सकता, क्योंकि हर घटना के साथ कोष्ठक में उसका वर्ष लिखा गया है और एक नहीं बल्कि तीन-तीन गलतियां की गई हैं। पूरी किताब में कितनी गलतियां होंगी, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। इन गलतियों पर कोई प्रगणक खुलकर कुछ बोल नहीं रहा है लेकिन सभी प्रगणकों में इसकी खूब चर्चा है।

प्रशिक्षण में शामिल सभी प्रगणकों को पुस्तिका दी गई है।
जानिए इन तथ्यों की जरूरत जनगणना की किताब में क्यों पड़ी
दरअसल इस बार जनगणना में नागरिक की आयु लिखना भी जरूरी है। नई पीढ़ी के लोगों को अपने जन्मतिथि के बारे में जानकारी है। लेकिन बुजुर्ग लोगों में से अधिकतर को इसकी जानकारी नहीं है। जिसके जन्मतिथि की जानकारी नहीं होगी, उसे इतिहास की प्रमुख घटनाओं के वर्ष के बारे में बताकर उसके अनुसार जन्म का वर्ष जानने का प्रयास होगा। यदि जन्म का वर्ष ज्ञात नहीं है और कुल आयु पता है तो उसे दर्ज करने को कहा गया है। इससे जन्मवर्ष खुद पता चल जाएगा।

जनगणना प्रगणकों को दी गई पुस्तिका में महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाओं के गलत वर्ष अंकित हैं।
लेकिन उस परिस्थिति में जब न तो जन्मतिथि ज्ञात थी और न ही उम्र का पता था तो कुछ प्रश्नों के माध्यम से महीने व वर्ष का अनुमान लगाने को कहा गया है। ऐसे व्यक्ति से यह पूछना होगा कि उनके जन्म के समय कोई युद्ध हुआ था, बाढ़ आयी थी, कोई और आपदा थी, सरकार में बदलाव आया था, भूकंप था आदि। यदि इनमें से किसी बात का जिक्र वे करते हैं तो उससे उनकी उम्र का पता लग जाएगा।
लेकिन उदाहरण के लिए जो ऐतिहासिक घटनाएं दी गई हैं, उनमें से तीन प्रमुख घटनाओं से जुड़े तथ्य गलत हें। इन तथ्यों को लेकर मतगणना स्थल पर खूब चर्चा रही। प्रगणकों में इस बात की चर्चा है कि यह गलती कहां से हुई। किताबें प्रगणकों तक पहुंच गईं, कोई चेक करने वाला नहीं था।