दीपावली पर नवंबर के पहले सप्ताह में लेकसिटी में पर्यटन बूम रहने की उम्मीद है। शहरों से अपने गांवों में त्योहार मनाने आने वालों के कारण रोडवेज व निजी बसों में भी ट्रैफिक फुल रहेगा। ट्रेनों में बुकिंग फुल होने से यात्रियों का दबाव बसों पर बढ़ गया है। न
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उदयपुर ट्रैवलर एसोसिएशन के कार्यकारी अध्यक्ष राकेश जोशी के अनुसार दीपावली पर मुंबई से उदयपुर और आसपास के गांवों में आने वाले यात्रियों की संख्या अधिक रहती है। इस रूट पर सबसे ज्यादा तेजी देखने को मिल रही है। अभी मुंबई रूट पर बसों का किराया 1400 से 2000 रुपए तक है, जबकि ऑनलाइन साइटों पर किराया 3000 से 4000 तक बताया जा रहा है। इसमें वोल्वो व नॉन एसी बसों का किराया शामिल है। अन्य रूटों पर किराया 200 से 300 तक बढ़ने की बात भी सामने आई है। दिल्ली रूट पर किराया 1000 से 1500 रुपए और आगरा रूट पर 1200 से 1500 रुपए तक है।
गांवों में लौटेंगे महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश समेत दूसरे राज्यों में बसे लोग
मुंबई में नौकरी और कारोबार से जुड़े मेवाड़ के कई लोग दीपावली पर अपने गांव लौटते हैं। इनमें भीम, देवगढ़, आमेट, लावासरदारगढ़, गोमती, चारभुजा, सायरा, गोगुंदा, घासा और मावली क्षेत्र के लोग शामिल हैं। इसके अलावा दिल्ली, जयपुर, बीकानेर, हनुमानगढ़, आगरा, गंगानगर, सीकर, चूरू और झुंझुनूं रूट पर भी बुकिंग बढ़ रही है। इन शहरों में नौकरी और शिक्षा के लिए रहने वाले लोग त्योहार पर घर आते हैं।
रोडवेज: आगार डिपो से 86 बसें चल रहीं
रोडवेज के आगार प्रबंधक हरदीप सिंह राव ने बताया कि दीपावली पर सामान्य दिनों की तुलना में अतिरिक्त यात्रीभार रहता है। ऐसे में रूट पर चलकर वापस आने वाली बसों को जरूरत के अनुसार दोबारा रवाना किया जाएगा। फिलहाल आगार से 86 बसें संचालित हो रही हैं। हर साल गुजरात रोडवेज भी इस दौरान रूटों पर बसें चलाने के लिए अनुमति मांगता है। एक्सप्रेस बसों में यात्री अभी से ऑनलाइन टिकट बुक कराने लगे हैं।
जाम की रहेगी आशंका
दीपावली के दौरान गुजराती पर्यटक लेकसिटी पहुंचते हैं। वे धनतेरस के बाद मेवाड़ का रुख करते हैं, जो नाथद्वारा में श्रीनाथजी के दर्शन के बाद राजसमंद-उदयपुर में ठहरते हैं। इनकी वापसी लाभ पंचमी तक होती है। शहर में पर्यटकों और गांवों की ओर जाने वाले यात्रियों की आवाजाही बढ़ने से प्रमुख रास्तों पर ट्रैफिक जाम की आशंका रहेगी।