ग्वालियर में कोचिंग के लिए निकली छात्रा इंदौर में मिली: पुलिस ने 14 दिन में 125 से ज्यादा CCTV खंगाले, 500 KM पीछा कर आरोपी को दबोचा - Gwalior News
October 14, 2026
ग्वालियर4 घंटे पहले
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सीसीटीवी फुटेज में आरोपी के साथ जाती हुई नजर आ रही थी नाबालिग छात्रा
मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के उटीला से कोचिंग के लिए निकली 10वीं की 15 वर्षीय छात्रा के लापता होने के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। करीब 14 दिन तक तलाश के बाद पुलिस ने छात्रा को इंदौर के कृष्णा नगर इलाके से सुरक्षित बरामद कर लिया।
पुलिस ने इस मामले में इंदौर निवासी आरोपी अरुण रमेश को गिरफ्तार किया है। मोबाइल फोन बंद होने और सोशल मीडिया अकाउंट से कोई सुराग नहीं मिलने के बाद पुलिस ने CCTV फुटेज की मदद से ग्वालियर से इंदौर तक का रूट मैप तैयार किया।
30 सितंबर को कोचिंग के लिए निकली थी छात्रा
जानकारी के अनुसार 30 सितंबर को उटीला निवासी 10वीं की छात्रा रोज की तरह घर से कोचिंग के लिए निकली थी। दोपहर तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। कोई जानकारी नहीं मिलने पर पुलिस में अपहरण की FIR दर्ज कराई गई। परिजनों ने एक युवक पर संदेह जताया, जिसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि छात्रा और संदेह के दायरे में आए युवक के मोबाइल नंबर बंद थे। सोशल मीडिया से भी कोई जानकारी नहीं मिल रही थी। ऐसे में पुलिस ने CCTV कैमरों की मदद से दोनों की गतिविधियों का पता लगाने की रणनीति बनाई।
125 से ज्यादा कैमरों की मदद से तैयार किया रूट मैप।
रेलवे स्टेशन से मिला पहला सुराग, भोपाल के रास्ते इंदौर पहुंचे
एसडीओपी बेहट मनीष यादव और उटीला थाना प्रभारी नरेंद्र सिंह सिसौदिया के नेतृत्व में पुलिस टीम ने उटीला से ग्वालियर रेलवे स्टेशन तक के CCTV फुटेज खंगाले। इसी दौरान छात्रा एक युवक के साथ रेलवे स्टेशन के टिकट काउंटर पर दिखाई दी। जांच में पता चला कि दोनों ने भोपाल के लिए टिकट लिया था।
पुलिस टीम भोपाल पहुंची और वहां के CCTV फुटेज की जांच की। फुटेज में दोनों ऑटो से नादरा बस स्टैंड पहुंचते और वहां से इंदौर जाने वाली बस में सवार होते दिखाई दिए। इसके बाद पुलिस ने इंदौर में उनकी तलाश शुरू की।
125 से ज्यादा कैमरों की मदद से तैयार किया रूट मैप
इंदौर पहुंचने के बाद पुलिस ने रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, प्रमुख चौराहों और अन्य स्थानों पर लगे 125 से अधिक CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले। फुटेज के आधार पर दोनों की आवाजाही का रूट मैप तैयार किया गया। पुलिस को जानकारी मिली कि दोनों रोबोट चौराहे से श्रद्धा नगर होते हुए कृष्णा नगर की ओर गए थे।
पुलिस के अनुसार, आरोपी दिनभर छात्रा को लेकर शहर के अलग-अलग इलाकों में घूमता रहा। इसके बाद रात करीब 12:30 बजे वह छात्रा को कृष्णा नगर स्थित झोपड़पट्टी के एक घर में ले गया।
देर रात दबिश देकर छात्रा को कराया मुक्त
CCTV फुटेज और स्थानीय स्तर पर मिले इनपुट के आधार पर पुलिस टीम ने कृष्णा नगर में दबिश दी। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने छात्रा को सुरक्षित बरामद कर लिया और आरोपी अरुण रमेश को पकड़ लिया। आरोपी इंदौर के विजयनगर का निवासी बताया गया है।
पुलिस टीम छात्रा और आरोपी को लेकर ग्वालियर लौट आई है। इस कार्रवाई में पुलिस ने 500 किलोमीटर से अधिक दूरी तक मिले सुरागों का पीछा करते हुए अलग-अलग स्थानों के CCTV फुटेज को आपस में जोड़ा।
अब बयान और मेडिकल परीक्षण की प्रक्रिया
पुलिस अब नाबालिग छात्रा का न्यायालय में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 183 के तहत बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया अपनाएगी। पहले दर्ज किए गए बयान के लिए दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 164 का उल्लेख भी किया जाता रहा है। छात्रा का मेडिकल परीक्षण कराकर मामले में तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस का बयान
एसडीओपी बेहट मनीष यादव के अनुसार आरोपी ने मोबाइल बंद कर और अन्य डिजिटल सुरागों से दूरी बनाकर पुलिस की पकड़ से बचने की कोशिश की थी। हालांकि, पुलिस टीम ने अलग-अलग स्थानों के CCTV फुटेज को जोड़कर पूरा रूट मैप तैयार किया और इंदौर से छात्रा को बरामद कर लिया। फिलहाल आरोपी से पूछताछ की जा रही है।
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