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श्योपुर पीएम कॉलेज में छात्रों का दो घंटे प्रदर्शन: शिक्षकों की नियुक्ति-छात्रवृत्ति भुगतान की मांग; 10 दिन में हल नहीं तो अनिश्चितकालीन धरना - Sheopur News

October 13, 2026

श्योपुर के पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस में मंगलवार को एसैप (ASAP) छात्र संघ के बैनर तले विद्यार्थियों ने करीब दो घंटे प्रदर्शन किया। छात्रों ने शिक्षकों की कमी, छात्रवृत्ति में देरी और मूलभूत सुविधाओं की समस्याएं उठाईं।

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प्रदर्शन के बाद प्राचार्य को सात मुख्य मांगों का ज्ञापन सौंपा गया। छात्र संघ ने मांगें पूरी करने के लिए 10 दिन का समय दिया है। ऐसा नहीं होने पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने की चेतावनी दी है।

भूगोल-संस्कृत के शिक्षकों की नियुक्ति की मांग

छात्र संघ ने भूगोल और संस्कृत विषयों के शिक्षकों की नियुक्ति, लॉ कॉलेज में शिक्षकों की कमी दूर करने और अटकी छात्रवृत्तियों का जल्द भुगतान करने की मांग की।

संगठन का कहना है कि दो महीने पहले भी कॉलेज प्रशासन को इन समस्याओं से अवगत कराया गया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

पंखों की मरम्मत से लेकर छात्र सहायता केंद्र बनाने की मांग

ज्ञापन में कक्षाओं और पुस्तकालय के खराब पंखों की मरम्मत कराने की मांग भी शामिल है। इसके अलावा पार्किंग क्षेत्र में पेयजल और शौचालय की व्यवस्था, नियमित साफ-सफाई, विद्यार्थियों के पहचान-पत्र की प्रभावी व्यवस्था और छात्र सहायता केंद्र स्थापित करने की मांग उठाई गई।

छात्र संघ ने कहा कि सहायता केंद्र पर जिम्मेदार कर्मचारी तैनात किए जाएं, ताकि विद्यार्थियों की समस्याओं का समाधान हो सके।

विकसित भारत संकल्प कार्यक्रम में बुलाने पर भी सवाल

छात्र संघ ने 7 अक्टूबर को मेला ग्राउंड में हुए विकसित भारत संकल्प कार्यक्रम में विद्यार्थियों को बुलाने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। संगठन के अनुसार, कॉलेज का नियमित समय सुबह 11 बजे होने के बावजूद विद्यार्थियों को इतिहास विषय की सीसी के नाम पर सुबह 8:30 बजे बुलाया गया।

विद्यार्थियों का आरोप है कि उन्हें कार्यक्रम के वास्तविक उद्देश्य की स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई और बाद में मेला ग्राउंड ले जाया गया।

कई विद्यार्थी 20 से 25 किलोमीटर दूर से कॉलेज पहुंचे थे। छात्र संघ ने इस मामले में प्राचार्य से जवाब मांगा और भविष्य में ऐसी स्थिति नहीं बनने देने की मांग की।

10 दिन में मांगें पूरी नहीं हुईं तो धरना

एसैप छात्र संघ के जिला अध्यक्ष अभिषेक मीणा कलोनी ने कहा कि शिक्षकों की कमी, छात्रवृत्ति में देरी और मूलभूत सुविधाओं का अभाव विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ा मामला है। प्रशासन को आश्वासन देने के बजाय समस्याओं पर ठोस कार्रवाई करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि संगठन ने मांगों के निराकरण के लिए 10 दिन का समय दिया है। तय समय में समाधान नहीं हुआ तो विद्यार्थियों के साथ अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के अधिकारों, सम्मान और बेहतर शैक्षणिक भविष्य के लिए है।