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कालका-शिमला रेल रूट पर लैंडस्लाइड के बाद 10 ट्रेनें रद्द, 391 यात्रियों और 40 रेल कर्मचारियों को किया गया रेस्क्यू

August 30, 2026

हिमाचल प्रदेश में लगातार बारिश के बीच शिमला-कालका छोटी लाइन पर चलने वाली 10 ट्रेन रद्द कर दी गईं. यह फैसला सोलन जिले में रेलवे पटरी के एक हिस्से के आसपास की मिट्टी बह जाने के बाद लिया गया. यह रेल मार्ग यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल है. अधिकारियों ने रविवार को बताया कि कोटी और गुम्मन रेलवे स्टेशनों के बीच मिट्टी खिसकने से पटरी का एक हिस्सा हवा में लटका नजर आया. इस स्थिति को देखते हुए रेलवे ने शनिवार रात से इस मार्ग पर चलने वाली ‘टॉय ट्रेन’ का संचालन रोक दिया. नॉर्थ रेलवे ने रविवार को बताया कि कालका-शिमला मार्ग पर पहाड़ी का हिस्सा खिसकने से रेल की आवाजाही प्रभावित हुई और पुल का एक हिस्सा खराब होने के बाद कम से कम 391 यात्रियों और 40 ट्रेन कर्मचारियों को सुरक्षित कालका पहुंचाया गया.

रेलवे ने दी जानकारी

शिमला रेलवे स्टेशन के अधीक्षक संजय गेवर ने बताया कि रविवार को कालका और शिमला के बीच चलने वाली 10 ट्रेन को रद्द कर दिया गया. उन्होंने कहा कि पटरी को सुरक्षित किए जाने और उसकी स्थिति का आकलन करने के बाद ही रेल सेवाएं बहाल करने पर विचार किया जाएगा. रेलवे की ओर से जारी एक अधिसूचना के अनुसार, कोटी और गुम्मन के बीच पुल संख्या 57 के पास पटरी के आसपास की मिट्टी बह गई. ‘टॉय ट्रेन’ सेवा रद्द होने से पहले से टिकट बुक करा चुके यात्रियों को कुछ असुविधा का सामना करना पड़ा. इसका असर शिमला रेलवे स्टेशन पर भी दिखाई दिया. आमतौर पर वीकेंड में पर्यटकों और यात्रियों की भीड़ से गुलजार रहने वाला स्टेशन इस रविवार शांत नजर आया. रोमांचक, लेकिन चुनौतीपूर्ण भूभाग पर बनी 96 किलोमीटर लंबी शिमला-कालका रेल लाइन इंजीनियरिंग का एक अद्भुत नमूना है और पर्यटकों के लिए प्रमुख आकर्षण का केंद्र है. इस रेलमार्ग पर 102 सुरंगें, 800 पुल और 919 घुमावदार मोड़ हैं.

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कई रास्तों पर यातायात ठप

इसके अलावा हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश के बीच रविवार सुबह तक राज्य में कुल 64 सड़कें वाहनों की आवाजाही के लिए बंद रहीं. मौसम विभाग ने अगले चार दिन तक भारी बारिश होने का येलो अलर्ट जारी किया है. राज्य में बारिश के कारण 225 बिजली ट्रांसफॉर्मर और नौ पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं. राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र के अनुसार, मंडी में सबसे अधिक 24 सड़कें, कुल्लू में 16, कांगड़ा और सिरमौर में सात-सात, ऊना में चार, शिमला में तीन, चंबा में दो और लाहौल-स्पीति जिले में एक सड़क बंद है. वहीं, अधिकारियों के अनुसार, 30 जून को मानसून के आने से अबतक बारिश से जुड़ी घटनाओं में करीब 103 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि राज्य को 1,184 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है.