सुपौल से सटे पड़ोसी देश नेपाल में हो रही बारिश के बीच कोसी नदी के जलस्तर में एक बार फिर बढ़ोतरी हुई है। रविवार रात 10 बजे कोसी बराज से 2 लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया।
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यह पानी बढ़ते क्रम (Rising) में है। इससे कोसी तटबंध के भीतर बसे गांवों में बाढ़ का पानी फैल रहा है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। हालांकि, फिलहाल बाढ़ से किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं है।
कोसी बराज से रविवार रात 10 बजे डाउनस्ट्रीम (D/S) डिस्चार्ज 2 लाख क्यूसेक दर्ज किया गया। पूर्वी कोसी मुख्य नहर (E.K.M.C.) में डिस्चार्ज शून्य रहा, जबकि पश्चिमी कोसी मुख्य नहर (W.K.M.C.) में 4,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इस तरह कुल डिस्चार्ज 1,84,785 क्यूसेक रहा। वहीं, बराह क्षेत्र से भी पानी बढ़ते क्रम में 1,47,125 क्यूसेक दर्ज किया गया।

इन प्रखंडों के गांव प्रभावित कोसी नदी के बढ़ते जलस्तर का असर सुपौल जिले के तटबंध के भीतर के इलाकों में दिखाई देने लगा है। निर्मली, सरायगढ़-भपटियाही, किशनपुर, मरौना और सुपौल सदर प्रखंड के कई गांव बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में हैं। इन इलाकों में निचले हिस्सों में पानी फैल रहा है। जलस्तर में बढ़ोतरी को देखते हुए प्रशासन और जल संसाधन विभाग की टीम लगातार स्थिति पर नजर रख रही है। तटबंध के भीतर रहने वाले लोगों को किसी भी तरह की अफवाह पर भरोसा नहीं करने और प्रशासन की ओर से जारी सूचनाओं पर ध्यान देने की अपील की जा रही है। DM के निर्देश पर अधिकारी सक्रिय
सुपौल डीएम सावन कुमार के निर्देश पर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जल संसाधन विभाग के अभियंता और संबंधित अंचलाधिकारियों की टीम सक्रिय है। अधिकारियों की टीम प्रभावित इलाकों का जायजा लेने के साथ तटबंध और उसके आसपास की स्थिति पर नजर रख रही है। संवेदनशील स्थानों पर किसी भी तरह की स्थिति उत्पन्न होने पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

सदर और मरौना में जमीन का कटाव जलस्तर में लगातार उतार-चढ़ाव के बीच सुपौल सदर और मरौना अंचल के तटबंध के भीतर कुछ स्थानों पर जमीन का कटाव भी हो रहा है। कटाव को लेकर जल संसाधन विभाग सतर्क है। अभियंताओं की टीम संवेदनशील स्थानों की निगरानी कर रही है, ताकि कटाव बढ़ने की स्थिति में समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें। फिलहाल प्रशासन के अनुसार बाढ़ से किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है। लेकिन कोसी नदी का जलस्तर बढ़ते क्रम में होने के कारण तटबंध के भीतर रहने वाले लोगों के लिए अगले कुछ घंटे महत्वपूर्ण हैं। प्रशासन की टीम लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
निर्मली थाना परिसर में जलजमाव
निर्मली थाना परिसर में जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। थाना परिसर के साथ-साथ थानाध्यक्ष के चैंबर, हाजत, सिरिस्ता और पुलिस बैरक में भी बारिश का पानी प्रवेश कर गया है।
इससे थाना पहुंचने वाले पीड़ितों और अभियुक्तों के साथ पुलिस पदाधिकारियों एवं कर्मियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण स्थिति और गंभीर हो गई है।
एसआई विकास कुमार का वीडियो वायरल थाना परिसर में पानी जमा होने का वीडियो निर्मली थाना में पदस्थापित एसआई विकास कुमार ने बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया है। वीडियो में थाना परिसर के विभिन्न हिस्सों में पानी जमा दिखाई दे रहा है। बारिश का पानी थाना भवन के अंदर तक पहुंचने से पुलिसकर्मियों को कामकाज करने में भी दिक्कत हो रही है।

चैंबर से बैरक तक पानी बारिश के बाद थाना परिसर में जलनिकासी की व्यवस्था नहीं होने से पानी जमा हो गया। स्थिति यह है कि थानाध्यक्ष के चैंबर के अलावा सिरिस्ता, हाजत और पुलिस बैरक भी जलजमाव की चपेट में हैं। पुलिसकर्मियों को पानी के बीच से होकर अपने कार्यस्थल तक पहुंचना पड़ रहा है। वहीं, थाना में शिकायत लेकर पहुंचने वाले लोगों को भी परेशानी हो रही है।
पीड़ित और अभियुक्त भी परेशान थाना परिसर में जलजमाव का असर पुलिसिंग व्यवस्था पर भी पड़ रहा है। विभिन्न मामलों में शिकायत लेकर आने वाले पीड़ितों को पानी के बीच से होकर थाना पहुंचना पड़ रहा है। वहीं, पुलिस कार्रवाई के तहत थाना लाए जाने वाले अभियुक्तों और उनके परिजनों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पुलिस पदाधिकारी और कर्मी भी लंबे समय से जलजमाव की समस्या झेल रहे हैं। भवन निर्माण के लिए विभाग से किया गया आग्रह निर्मली थानाध्यक्ष सियावर मंडल ने बताया कि थाना परिसर में जलभराव की वजह से परेशानी हो रही है। जलनिकासी की व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश के दौरान पानी जमा हो जाता है।
उन्होंने बताया कि थाना भवन की स्थिति को देखते हुए भवन निर्माण के लिए विभाग से आग्रह किया गया है। नया भवन बनने के बाद इस समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है। फिलहाल पुलिसकर्मी जलजमाव के बीच ही अपनी ड्यूटी करने को मजबूर हैं।