Aug 17, 2026 09:50 am ISTलाइव हिन्दुस्तान
मुख्य बातें
- MCX Gold Silver Rates: आज के कारोबार के शुरुआत में MCX पर सोना ₹1,55,079 प्रति 10 ग्राम पर था और चांदी ₹2,37,678 प्रति किलो के स्तर पर कारोबार कर रही थी

सोना चांदी भाव आज
MCX यानी घरेलू वायदा बाजार में सोमवार सुबह सोने और चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिली। अमेरिकी डॉलर में कमजोरी और सितंबर में अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीद कमजोर पड़ने से कीमती धातुओं को सपोर्ट मिला। हालांकि, अमेरिका-ईरान वार्ता में गतिरोध और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर जारी अनिश्चितता ने बाजार की तेजी पर कुछ अंकुश लगाया।
MCX पर सोना-चांदी के तेवर गरम
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सुबह 9:15 बजे तक अक्टूबर एक्सपायरी वाला सोना 0.37% बढ़कर 1,55,079 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। इसी तरह सितंबर वायदा चांदी 0.74% की तेजी के साथ 2,37,678 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी। यानी शुरुआती कारोबार में दोनों कीमती धातुओं में करीब 1% तक की तेजी देखने को मिली।
डॉलर कमजोर हुआ तो सोने को मिला सहारा
सोने की कीमतों में तेजी की प्रमुख वजहों में अमेरिकी डॉलर की कमजोरी और फेड की ब्याज दरों को लेकर बदलती उम्मीदें शामिल हैं। आम तौर पर डॉलर कमजोर होने पर डॉलर में कीमत वाला सोना दूसरे देशों के खरीदारों के लिए अपेक्षाकृत सस्ता हो जाता है। इससे सोने की मांग को समर्थन मिल सकता है। बाजार की नजर अब अमेरिकी महंगाई के अगले आंकड़ों पर है। फेड की पसंदीदा महंगाई मापने वाली PCE प्राइस इंडेक्स रिपोर्ट 26 अगस्त को जारी होनी है।
लेकिन कच्चा तेल बना सोने की तेजी के लिए खतरा
सोने में तेजी के बीच कच्चे तेल की कीमतों ने बाजार की चिंता बढ़ा दी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड करीब 1% चढ़कर 90 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया।महंगे कच्चे तेल से वैश्विक महंगाई बढ़ने का खतरा रहता है। अगर महंगाई लंबे समय तक ऊंची रहती है तो अमेरिकी फेडरल रिजर्व के लिए ब्याज दरों में कटौती करना मुश्किल हो सकता है। इसका असर सोने जैसे ऐसे निवेश पर पड़ सकता है, जिस पर ब्याज नहीं मिलता।
होर्मुज पर ईरान के बयान से बढ़ी चिंता
सोने और तेल दोनों के लिए इस समय अमेरिका-ईरान तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति बेहद महत्वपूर्ण है। ईरान के उप विदेश मंत्री काजिम गरीबाबादी ने दोहराया है कि होर्मुज पर ईरान का नियंत्रण है और इसे बंद या खोलने का फैसला ईरान के अधिकार में है। अगर इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से सप्लाई प्रभावित होती है तो कच्चे तेल की कीमतों में और तेजी आ सकती है। इसका असर वैश्विक महंगाई और केंद्रीय बैंकों की मौद्रिक नीति पर पड़ सकता है।
अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों पर भी नजर
अमेरिका में जुलाई का CPI महंगाई आंकड़ा महीने-दर-महीने 0.1% बढ़ा, जबकि जून में इसमें 0.4% की गिरावट दर्ज हुई थी। सालाना आधार पर CPI महंगाई जून के 3.5% से घटकर जुलाई में 3.4% रही। अब बाजार की नजर 26 अगस्त को आने वाले PCE महंगाई आंकड़ों पर है। यह आंकड़ा फेड की आगामी ब्याज दर नीति को लेकर बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण हो सकता है।
सोने के लिए आगे क्या संकेत?
फिलहाल सोने के लिए दो विपरीत ताकतें काम कर रही हैं। डॉलर की कमजोरी और ब्याज दरों में नरमी की उम्मीद सोने के पक्ष में हैं, जबकि महंगा कच्चा तेल और उससे पैदा होने वाली महंगाई फेड की सख्त नीति की आशंका बढ़ा सकती है। इसके अलावा अमेरिका-ईरान वार्ता और होर्मुज की स्थिति में कोई बड़ा बदलाव सोने और चांदी दोनों की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव ला सकता है।
लेखक के बारे में
Drigraj Madheshia
दृगराज मद्धेशिया पिछले 21 वर्षों से पत्रकारिता जगत का एक विश्वसनीय चेहरा हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' की बिजनेस टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में, वे शेयर बाजार, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी सेक्टर पर अपनी गहरी पकड़ रखते हैं। वह कलम से बाजार की नब्ज टटोलने वाले एक पत्रकार हैं, जो शेयर बाजार से लेकर आपकी जेब (Personal Finance) तक, हर खबर को आसान बनाते हैं। टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के अपने विस्तृत अनुभव के साथ, दृगराज जटिल मार्केट डेटा को आम पाठकों के लिए 'कुछ अलग' और आसान भाषा में पेश करने के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में हिन्दुस्तान, सहारा समय, दैनिक जागरण और न्यूज नेशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। मूलत: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले दृगराज मैथ्स बैकग्राउंड होने के कारण डेटा और कैलकुलेशन में माहिर हैं, जो बिजनेस पत्रकारिता के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है। उन्होंने कॅरियर की शुरुआत गोरखपुर से सहारा समय साप्ताहिक से बतौर फ्रीलांसर की और बहुत ही जल्द सहारा समय उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के हिस्सा बन गए। इसके बाद छत्तीसगढ़ में वॉच न्यूज से जुड़े। टीवी को छोड़ हिन्दुस्तान अखबार के बरेली एडिशन की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा बने। साढ़े सात साल की मैराथन पारी के बाद अगला पड़ाव न्यूज नेशन डिजिटल रहा। इसके बाद एक बार फिर हिन्दुस्तान दिल्ली से जुड़े और अब डिजिटल टीम का हिस्सा हैं। और पढ़ें
