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- Cashless Treatment Up To Rs 1.50 Lakh For Road Accident Victims, Available In 1268 Hospitals
पटना34 मिनट पहले
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गोल्डन ऑवर में वित्तीय चिंता से मिलेगी मुक्ति
सड़क दुर्घटना में घायल लोगों को अब इलाज के भारी-भरकम खर्च से राहत मिलेगी। बिहार के सभी जिलों में पीएम राहत योजना के तहत पंजीकृत 1268 सरकारी और निजी अस्पतालों में घायलों को 1.50 लाख रुपए तक का त्वरित और कैशलेस इलाज हो सकेगा। परिवहन विभाग ने दुर्घटना के तुरंत बाद यानी ‘गोल्डन ऑवर’ के भीतर त्वरित चिकित्सा सहायता पहुंचाकर जान बचाने के उद्देश्य से इस व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने का निर्देश दिया है।
राज्य में अब तक लगभग 250 दुर्घटना पीड़ितों को इस योजना के जरिए कैशलेस उपचार की सुविधा दी जा चुकी है। आम जनता तक इसकी जानकारी पहुंचाने और कोई भी पात्र पीड़ित सूचना के अभाव में इलाज से वंचित न रहे, इसके लिए जिला स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार अभियान शुरू किया जा रहा है। विभाग ने सभी जिलाधिकारियों, जिला परिवहन पदाधिकारियों और अस्पताल प्रबंधनों को आपस में बेहतर समन्वय बनाकर काम करने के निर्देश जारी किए हैं। सड़क हादसे के बाद पहला घंटा सबसे संवेदनशील होता है। इस दौरान वित्तीय बाधाओं या अग्रिम भुगतान की शर्त के कारण अक्सर समय पर इलाज नहीं मिल पाता। कैशलेस सुविधा उपलब्ध होने से घायलों को बिना पैसे जमा किए तुरंत आईसीयू व इमरजेंसी सेवाएं मिल सकेंगी।
जागरुकता अभियान चलेगा, अस्पतालों में लगेंगे होर्डिंग-फ्लैक्स
योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए परिवहन विभाग ने त्रिस्तरीय रणनीति तैयार की है-
प्रचार-प्रसार : राज्य के सभी सदर अस्पतालों और आयुष्मान भारत योजना से जुड़े अस्पतालों में बड़े-बड़े होर्डिंग व फ्लैक्स लगाए जाएंगे। इनमें कैशलेस सीमा, जरूरी प्रक्रिया और हेल्प लाइन से संबंधित विस्तृत विवरण दर्ज रहेगा।
कार्यशाला : अस्पताल प्रशासन और संबंधित विभागों के अधिकारियों को प्रशिक्षित करने के लिए प्रत्येक जिले में कार्यशालाएं होंगी।
प्रशिक्षण : स्वास्थ्य विभाग, जिला परिवहन कार्यालय और निजी अस्पताल प्रबंधन के बीच समन्वय स्थापित कर आपातकालीन स्थिति में कागजी औपचारिकता को कम करने के निर्देश दिए गए हैं।
उपचार में देरी नहीं होनी चाहिए : परिवहन सचिव
परिवहन विभाग के सचिव राज कुमार ने कहा कि दुर्घटना के बाद आर्थिक कारणों से उपचार में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए। हमारा प्रयास है कि पीएम राहत योजना की जानकारी राज्य के हर नागरिक, अस्पताल प्रबंधन और पदाधिकारी तक पहुंचे ताकि जरूरतमंदों को तत्काल लाभ मिले।
गोल्डन ऑवर में इलाज से बच सकेगी जान
राज्य परिवहन आयुक्त आरिफ अहसन ने कहा कि सड़क दुर्घटना के बाद का पहला घंटा यानी गोल्डन ऑवर बेहद महत्वपूर्ण होता है। इस दौरान तुरंत चिकित्सा सहायता मिलने पर गंभीर रूप से घायल व्यक्ति की जान बचाई जा सकती है। प्रचार-प्रसार से पात्र पीड़ितों तक समय पर लाभ पहुंचाना आसान होगा।
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