Published: Friday, August 21, 2026, 15:35 [IST]
टाटा मोटर्स ने 21 अगस्त 2026 को गाड़ियों की कीमतें बढ़ाने का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। 1 सितंबर से कंपनी की कारें और SUVs ₹25,000 तक महंगी होने जा रही हैं। यह प्राइस हाइक टाटा के पूरे पैसेंजर व्हीकल पोर्टफोलियो पर लागू होगी। कंपनी का कहना है कि इनपुट और कमोडिटी की बढ़ती लागत के चलते यह फैसला लेना पड़ा है। अगर आप टियागो (Tiago), पंच (Punch), अल्ट्रोज़ (Altroz) या नेक्सॉन (Nexon) का बेस या बजट वेरिएंट खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो तुरंत फैसला लें। कीमतें बढ़ने से पहले इसी हफ्ते 10 लाख रुपये से कम की कार अपनी पसंद के रेट पर लॉक कर लें।
ध्यान रखें कि सिर्फ बुकिंग करा लेने से आप बढ़ी हुई कीमत से नहीं बच पाएंगे, क्योंकि असल पेमेंट इनवॉइस जनरेट होने की तारीख के हिसाब से ही होती है। इसलिए डीलर से कहकर 31 अगस्त से पहले कार अलॉट करवाएं और इनवॉइस कटवा लें। एक्स-शोरूम कीमत, इंश्योरेंस और RTO फीस का स्पष्ट ब्रेकअप मांगें। बिलिंग से पहले VIN (व्हीकल आइडेंटिफिकेशन नंबर) अलॉटमेंट की पर्ची जरूर लें। टाटा की बुकिंग शर्तों के मुताबिक, इनवॉइस के दिन जो रेट होगा, वही लागू माना जाएगा। पुरानी कीमतों पर कार मिलने की सुविधा तभी मिलती है, जब कंपनी ने इसके लिए कोई विशेष छूट घोषित की हो।
Tata price hike: 8-10 लाख की कार खरीदने वालों की EMI पर कितना पड़ेगा असर?
हर महीने आपकी जेब पर पड़ने वाला यह असर बहुत बड़ा नहीं होगा, लेकिन अनदेखा भी नहीं किया जा सकता। 10 फीसदी ब्याज दर पर 5 साल के लोन पर ₹25,000 की बढ़ोतरी होने से EMI में करीब ₹531 प्रति महीने का इजाफा होगा। वहीं ₹15,000 की बढ़ोतरी पर लगभग ₹319 और ₹10,000 की बढ़ोतरी पर करीब ₹212 ज्यादा देने होंगे। इस अतिरिक्त बोझ को कम करने के लिए आप अनावश्यक इंश्योरेंस ऐड-ऑन्स और डीलर एक्सेसरीज में कटौती कर सकते हैं। अपनी सहूलियत समझने के लिए नीचे दी गई टेबल देखें:
| कीमत में बढ़ोतरी | हर महीने EMI में बदलाव | अनुमान/शर्तें |
|---|---|---|
| ₹10,000 | ₹212 | 60 महीने, ~10% ब्याज |
| ₹15,000 | ₹319 | 60 महीने, ~10% ब्याज |
| ₹25,000 | ₹531 | 60 महीने, ~10% ब्याज |
पुरानी कीमत पर टाटा की कार कैसे पाएं: बुकिंग, VIN और स्टॉक चेक करने की टिप्स
डीलर से पक्के VIN नंबर और डिलीवरी डेट के साथ प्रोफॉर्म इनवॉइस देने की मांग करें। VIN नंबर को खुद डिकोड करना सीखें: टाटा की कारों में 10वां कैरेक्टर मैन्युफैक्चरिंग ईयर (साल) और 12वां कैरेक्टर मैन्युफैक्चरिंग मंथ (महीना) बताता है। बहुत पुराना स्टॉक लेने से बचें, जब तक कि उस पर भारी डिस्काउंट न मिल रहा हो। कार का रजिस्ट्रेशन कराने से पहले PDI (प्री-डिलीवरी इंस्पेक्शन) जरूर करें। आखिरी समय पर बिलिंग में होने वाली देरी से बचने के लिए RTO अपॉइंटमेंट और इंश्योरेंस पहले ही फाइनल कर लें।
टाटा की बढ़ती कीमतों के बीच मारुति और हुंडई के अगस्त डिस्काउंट का उठाएं फायदा
इस हफ्ते कार खरीदने से पहले बाकी कंपनियों के ऑफर्स की तुलना जरूर करें। हुंडई के डीलर्स अगस्त महीने में चुनिंदा मॉडल्स पर ₹1 लाख तक के फायदे दे रहे हैं। वहीं मारुति सुजुकी का नेक्सा (NEXA) नेटवर्क बलेनो (Baleno), फ्रोंक्स (Fronx) और ग्रैंड विटारा (Grand Vitara) जैसी कारों पर शानदार अगस्त डिस्काउंट दे रहा है। हालांकि, ज्यादा डिमांड वाले हॉट वेरिएंट्स पर छूट थोड़ी कम मिल सकती है। इन ऑफर्स का इस्तेमाल कर आप टाटा की बढ़ी EMI के असर को बेअसर कर सकते हैं, या डीलर से एक्सेसरीज और इंश्योरेंस में बेहतर डील ले सकते हैं।
टायर की लाइफस्पैन: कार खरीदने से पहले ओनरशिप कॉस्ट भी समझें
अपने कार बजट में टायरों के मेंटेनेंस का खर्च भी जरूर जोड़ें। भारत में पैसेंजर कारों के टायर आमतौर पर 40,000 से 50,000 किलोमीटर या लगभग 3 से 5 साल तक चलते हैं, जो इस बात पर निर्भर करता है कि उनकी देखभाल कैसी है और वे कितनी गर्मी में चले हैं। टायर पर लिखा DOT हफ्ता-साल कोड चेक करें और हर 8,000 से 10,000 किलोमीटर पर टायरों की पोजीशन बदलें (रोटेट करें)। प्रीमियम टायर ज्यादा समय तक टिकते हैं और गीली सड़कों पर भी बेहतरीन ग्रिप देते हैं।