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अब 'हेलो गाइज' बोलिए और कमाइए! बिहार सरकार देगी 1 लाख तक, जानिए पूरा फॉर्मूला

August 20, 2026

Patna News: अगर आप सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर हैं, फेसबुक पेज चलाते हैं, यूट्यूब पर वीडियो बनाते हैं या अपनी वेबसाइट के जरिए कंटेंट लोगों तक पहुंचाते हैं तो आपके लिए बड़ी खुशखबरी है. बिहार सरकार अब कंटेंट क्रिएटर्स को कमाई का ऐसा मौका देने जा रही है, जिसे सुनकर कई सोशल मीडिया क्रिएटर्स के मुंह से निकल सकता है- “हेलो गाइज आज की वीडियो बहुत खास है!

जी हां, अब बिहार में अच्छे व्यूज वाले वीडियो से सिर्फ प्लेटफॉर्म की कमाई ही नहीं, बल्कि सरकार की ओर से भी पैसे मिल सकते हैं. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में बिहार की सोशल मीडिया नीति में संशोधन को मंजूरी दी गई है. इसके तहत सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों पर वीडियो बनाने वाले कंटेंट क्रिएटर्स को उनके वीडियो पर मिलने वाले व्यूज के आधार पर भुगतान किया जाएगा.

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1 लाख व्यूज पर 10 हजार रुपए!

नई व्यवस्था के अनुसार, किसी मान्य वीडियो को 30 दिनों के भीतर जितने व्यूज मिलेंगे, उसी के आधार पर कंटेंट क्रिएटर को भुगतान किया जाएगा. हर 1 लाख व्यूज पर 10 हजार रुपए देने का प्रावधान किया गया है. यानी अगर किसी क्रिएटर के वीडियो पर 5 लाख व्यूज आते हैं तो उसे 50 हजार रुपए तक मिल सकते हैं. वहीं 10 लाख व्यूज तक पहुंचने पर अधिकतम 1 लाख रुपए का भुगतान किया जाएगा. मतलब साफ है- अब व्यूज बढ़े तो कमाई भी बढ़ेगी.

हर वायरल वीडियो पर नहीं बरसेंगे पैसे

हालांकि सरकार की इस योजना में एक बड़ा ट्विस्ट भी है. सिर्फ कैमरा उठाकर हेलो गाइज बोल देने या कोई भी वीडियो वायरल हो जाने से सरकारी भुगतान नहीं मिलेगा. वीडियो को सरकार की योजनाओं, उपलब्धियों और जनकल्याणकारी कार्यों से संबंधित होना होगा. साथ ही कंटेंट क्रिएटर का सरकार द्वारा एम्पैनल यानी सूचीबद्ध होना जरूरी होगा. सरकार समय-समय पर संबंधित फेसबुक पेज, सोशल मीडिया हैंडल और यूट्यूब चैनल के फॉलोअर्स और गतिविधियों की जांच भी करेगी.

फर्जी व्यूज पर भी नजर!

नीति में कंटेंट की गुणवत्ता, प्लेटफॉर्म, व्यूज की वैधता और पंजीकरण की शर्तों का पालन जरूरी बताया गया है. यानी फर्जी व्यूज खरीदकर सरकारी पैसे हासिल करने की कोशिश करने वालों के लिए राह आसान नहीं होगी. सरकार की नजर इस बात पर भी रहेगी कि वीडियो का कंटेंट कैसा है, व्यूज असली हैं या नहीं और क्रिएटर निर्धारित शर्तों का पालन कर रहा है या नहीं.

युवाओं के लिए डिजिटल कमाई का नया रास्ता

सरकार का मकसद अपनी कल्याणकारी योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी सोशल मीडिया के जरिए तेजी से आम लोगों तक पहुंचाना है. इसके साथ ही बिहार के युवाओं और डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स के लिए कमाई का नया अवसर भी तैयार करना है. यानी अब बिहार में कंटेंट क्रिएशन केवल मनोरंजन, लाइक और फॉलोअर्स तक सीमित नहीं रहेगा. सही कंटेंट, अच्छी पहुंच और असली व्यूज वाले क्रिएटर्स के लिए सरकारी भुगतान का दरवाजा भी खुलने वाला है.

सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की ओर से जल्द ही विस्तृत नोटिफिकेशन जारी किए जाने की बात कही गई है. इसमें आवेदन प्रक्रिया, एम्पैनलमेंट की शर्तें, मान्य कंटेंट और भुगतान की पूरी व्यवस्था स्पष्ट की जाएगी. तो कुल मिलाकरअब बिहार के कंटेंट क्रिएटर्स के लिए नया दौर शुरू होने वाला है. कैमरा तैयार रखिए, माइक्रोफोन संभालिए और कंटेंट पर मेहनत कीजिए क्योंकि अब वायरल वीडियो सिर्फ फेम नहीं, सरकारी इनाम भी दिला सकता है.

मोहित पंडित

मोहित पंडित

मोहित पंडित ने साल 2004 से अपनी पत्रकारिता की शुरुआत की. नई बात, सन्मार्ग, सोनभद्र जैसे अखबारों में वे अपनी सेवा दे चुके हैं. वे सीमांचल के समाचारों को सकारात्मक दृष्टिकोण से प्रस्तुत करते हैं और स्थानीय घटनाओं को उच्च स्तर पर रिपोर्ट करने में निपुण हैं. उनकी लेखनी में संवेदनशीलता और नैतिकता झलकती है.

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