world-news

रेलवे स्टेशन का ‘फ्री Wi-Fi’ पड़ा भारी, मोबाइल में वायरस भेजकर बैंक मैनेजर के उड़ाए 4 लाख रुपए

August 7, 2026

मुंबई (उत्तम हिन्दू न्यूज): आजकल रेलवे स्टेशन या सार्वजनिक जगहों पर ‘फ्री वाई-फाई’ का बोर्ड देखकर हर कोई झट से अपना मोबाइल कनेक्ट कर लेता है। लेकिन मुफ्त की यह इंटरनेट सेवा अब आपकी गाढ़ी कमाई लूटने का एक खतरनाक जाल बन चुकी है। मायानगरी मुंबई में एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) पर फ्री वाई-फाई का इस्तेमाल करने की एक छोटी सी गलती के कारण लाखों रुपये का चूना लग गया। यह खौफनाक घटना उन सभी स्मार्टफोन यूजर्स के लिए एक बड़ी चेतावनी है, जो बिना सोचे-समझे पब्लिक वाई-फाई नेटवर्क से जुड़ जाते हैं।

ऐसे रची गई 4 लाख रुपए की हाई-टेक ठगी की साजिश

पुलिस की शुरुआती जांच में यह चौंकाने वाली बात सामने आई है कि इस पूरे खेल की शुरुआत स्टेशन के उसी मुफ्त वाई-फाई नेटवर्क से हुई। साइबर अपराधियों ने सबसे पहले एक बैंक के बड़े अधिकारी (जनरल मैनेजर) के निजी सचिव (पर्सनल सेक्रेटरी) को अपने रडार पर लिया। सचिव ने जैसे ही CSMT स्टेशन पर मुफ्त वाई-फाई से अपना फोन कनेक्ट किया, हैकर्स ने उनके मोबाइल में एक खतरनाक मैलवेयर (वायरस) प्लांट कर दिया। फोन हैक होने के बाद, ठगों ने सचिव की कॉन्टैक्ट लिस्ट का इस्तेमाल किया और रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस (RTO) के फर्जी चालान के नाम पर बैंक अधिकारी समेत कई लोगों को एक दुर्भावनापूर्ण एंड्रॉयड एप्लिकेशन (APK) फाइल भेज दी। इसी खतरनाक लिंक के जरिए बैंक महाप्रबंधक के क्रेडिट कार्ड का एक्सेस लिया गया और बिना अनुमति के 4.27 लाख रुपये साफ कर दिए गए।

अंतरराष्ट्रीय गिरोह का भी हुआ पर्दाफाश, गोवा में चल रहा था काला खेल

साइबर ठगी के इस बढ़ते खौफ के बीच, हाल ही में मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच (यूनिट 2) ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड सिंडिकेट की भी कमर तोड़ी है। पायधुनी पुलिस स्टेशन में दर्ज एक मामले की तफ्तीश में पता चला कि फर्जी बैंक खातों और सिम कार्ड के जरिए ऑनलाइन स्कैम और अवैध गेमिंग का यह पूरा कारोबार गोवा से संचालित किया जा रहा था। वहीं, इस गिरोह को दुबई में बैठे हैंडलर निर्देश दे रहे थे। पुलिस ने पुख्ता खुफिया जानकारी के आधार पर गोवा के कैंडोलिम स्थित एक लग्जरी विला पर छापा मारकर 12 आरोपियों को धर दबोचा। इस रैकेट के पास से 15 लैपटॉप, 128 एटीएम कार्ड, 89 मोबाइल फोन, 76 सिम कार्ड और 22 चेक बुक का भारी-भरकम जखीरा बरामद किया गया है।

खतरनाक APK फाइलें बेचने वाले भी चढ़ चुके हैं हत्थे

मुंबई पुलिस इन दिनों साइबर अपराधियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर धरपकड़ अभियान चला रही है। इससे पहले बीते जुलाई महीने में भी पुलिस ने 63 करोड़ रुपये की एक बड़ी धोखाधड़ी का पर्दाफाश किया था। उस दौरान पुलिस के हत्थे एक ऐसा शातिर दिमाग लगा था, जिसका मुख्य काम ही खतरनाक APK फाइलें बनाकर जालसाजों को बेचना था। फिलहाल CSMT स्टेशन से जुड़े इस नए मामले ने पुलिस की चिंताएं बढ़ा दी हैं और जांच एजेंसियां लगातार आम जनता से अपील कर रही हैं कि वे सार्वजनिक स्थानों पर असुरक्षित वाई-फाई के इस्तेमाल और किसी भी अज्ञात लिंक या अनजान APK फाइल को डाउनलोड करने से बचें।

You Might Be Interested In

  • क्या पंजाब में फिर से होने जा रहा है अकाली-BJP गठबंधन?, चुनाव से पहले PM मोदी से सुखबीर बादल ने की खास मुलाकात
  • CRPF में मानसिक तनाव का दौर, 5 सालों में 281 जवानों ने की खुदकुशी; 2025 में टूटे सभी रिकॉर्ड
  • ट्रंप प्रशासन का दावा, 30 लाख से अधिक अवैध प्रवासियों को अमेरिका से निकाला गया, 15 महीने से एक भी रिहाई नहीं
  • ‘मम्मी मुझ पर गुस्सा करेंगी…’ राहुल ने सोनिया गांधी के डॉग ‘नूरी’ के साथ शेयर किया क्यूट VIDEO
  • भारतीय वायुसेना के लिए 3.25 लाख करोड़ की महाडील, फ्रांस ने दिया 114 राफेल का प्रस्ताव
  • जालंधर के सरकारी स्कूल में लिखे खालिस्तान नारे, प्रिंसिपल के कमरे में झंडा लगाने का दावा; मचा हड़कंप