
ईशान कोण का महत्वImage Credit source: pexels
वास्तु शास्त्र में घर की हर दिशा का अपना अलग महत्व बताया गया है. इन्हीं में उत्तर-पूर्व दिशा को सबसे शुभ और पवित्र दिशाओं में से एक माना जाता है. इसे ईशान कोण कहा जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ईशान कोण का संबंध भगवान शिव और देवत्व से माना जाता है. यही वजह है कि घर के इस हिस्से को पूजा-पाठ और आध्यात्मिक कार्यों के लिए विशेष माना जाता है. वास्तु के अनुसार, उत्तर-पूर्व दिशा में प्राकृतिक और सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह माना जाता है. इसलिए इस हिस्से को साफ-सुथरा रखने की सलाह दी जाती है. मान्यता है कि ऐसा करने से घर में सुख-शांति बनी रहती है और सकारात्मक माहौल तैयार होता है.
क्या होता है ईशान कोण?
घर की उत्तर और पूर्व दिशा जहां मिलती हैं, उस स्थान को ईशान कोण कहा जाता है. वास्तु शास्त्र में इसे घर का बेहद संवेदनशील और शुभ हिस्सा माना गया है. कई वास्तु मान्यताओं में ईशान कोण को जल तत्व और आध्यात्मिक ऊर्जा से जोड़ा जाता है. यही वजह है कि इस स्थान पर पूजा स्थल, ध्यान या धार्मिक गतिविधियों के लिए जगह बनाने की परंपरा रही है.
भगवान का स्थान क्यों माना जाता है?
धार्मिक मान्यताओं में उत्तर-पूर्व दिशा को देवताओं से जुड़ी दिशा माना गया है. ईशान भगवान शिव का एक नाम भी है, इसलिए इस दिशा को शिव तत्व से जोड़कर देखा जाता है. माना जाता है कि इस दिशा में आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रभाव रहता है. वास्तु की मान्यता के अनुसार, घर का यह हिस्सा जितना खुला, साफ और हल्का रखा जाए, उतना अच्छा माना जाता है.
पूजा घर के लिए क्यों शुभ है ईशान कोण?
वास्तु में पूजा घर के लिए ईशान कोण को प्राथमिकता दी जाती है. माना जाता है कि सुबह के समय सूर्य की किरणें पूर्व दिशा से घर में प्रवेश करती हैं और उत्तर-पूर्व हिस्सा भी इससे प्रभावित होता है. इसी कारण इस दिशा को प्रकाश, शुद्धता और सकारात्मकता से जोड़कर देखा जाता है.
ईशान कोण में क्या रखना शुभ माना जाता है?
वास्तु मान्यताओं के अनुसार, ईशान कोण में पूजा स्थल, धार्मिक तस्वीरें या देवी-देवताओं की प्रतिमाएं रखना शुभ माना जाता है. इस जगह को साफ और सही से रखना भी महत्वपूर्ण बताया गया है. कुछ लोग यहां छोटा मंदिर या आध्यात्मिक महत्व से जुड़ी वस्तुएं रखते हैं.
ईशान कोण में किन चीजों से बचना चाहिए?
वास्तु के अनुसार, उत्तर-पूर्व दिशा में भारी सामान, कबाड़ या ऐसी चीजें रखने से बचना चाहिए जिनका लंबे समय तक इस्तेमाल न होता हो.
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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी वास्तु शास्त्र और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. टीवी9 भारतवर्ष इसकी पुष्टि नहीं करता है.

वरुण चौहान
इलेक्ट्रानिक और डिजिटल मीडिया में करीब एक दशक से ज्यादा का अनुभव. 2008 में एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन (AAFT) नोएडा से पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद कुछ अलग और नया करने की सोच के साथ मीडिया में अपने सफर की शुरुआत की. शुरुआत से ही मेरी रुचि उन विषयों को आम लोगों तक पहुंचाने में रही है, जो भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं से जुड़े हैं. अपने करियर के दौरान Channel One News, Sahara Samay, A2Z News, News Express, National Voice और पंजाब केसरी डिजिटल जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला. इन संस्थानों में काम करते हुए समाचार लेखन, फील्ड रिपोर्टिंग,और डिजिटल कंटेंट को सीखने का अनुभव मिला. फिलहाल देश के सबसे बड़े न्यूज नेटवर्क TV9 भारतवर्ष में धर्म और आस्था से जुड़ी खबरों, धार्मिक आयोजनों, ज्योतिष, वास्तु, पौराणिक कथाओं, मंदिरों की परंपराओं और व्रत-त्योहारों से जुड़े विषयों को सरल, सहज और तथ्यपूर्ण भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी निभा रहा हूं. महाकुंभ 2025 की कवरेज मेरे करियर के महत्वपूर्ण अनुभवों में शामिल है, जहां करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था, अखाड़ों की परंपराओं, संत समाज की गतिविधियों और कुंभ से जुड़े धार्मिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर विस्तार से लिखने का अवसर मिला. इसके अलावा चारधाम यात्रा, सावन, नवरात्रि, दीपावली, होली, छठ पूजा, अमरनाथ यात्रा, रमज़ान और अन्य प्रमुख धार्मिक आयोजनों पर भी लगातार लेखन किया है. भारतीय संस्कृति, धर्म-दर्शन, ज्योतिष, अंक ज्योतिष, वास्तु शास्त्र, पुराणों और लोक आस्थाओं के अध्ययन में विशेष रुचि रखता हूं. मेरा प्रयास हमेशा यही रहता है कि धार्मिक और आध्यात्मिक विषयों को सरल भाषा के माध्यम से पाठकों तक पहुंचाया जाए, ताकि वे अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को बेहतर ढंग से समझ सकें.
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