Uttarakhand News: उत्तराखंड तेजी से विश्व की आध्यात्मिक राजधानी बनने की ओर बढ़ रहा है. इस साल की पहली छमाही में चारधाम यात्रा के साथ जागेश्वर, त्रियुगीनारायण, पूर्णागिरि और कैंची धाम जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की संख्या में जबरदस्त उछाल आया है.
Uttarakhand News: उत्तराखंड तेजी से विश्व की आध्यात्मिक राजधानी बनने की ओर बढ़ रहा है. इस साल की पहली छमाही में चारधाम यात्रा के साथ जागेश्वर, त्रियुगीनारायण, पूर्णागिरि और कैंची धाम जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की संख्या में जबरदस्त उछाल आया है.
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uttarakhand spiritual capital Photograph: (NN)
Uttarakhand News: उत्तराखंड विश्व की आध्यात्मिक राजधानी बनने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है. प्रदेश में स्थित चारधाम के साथ-साथ अन्य प्रमुख पौराणिक और धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है. राज्य सरकार की बेहतर नीतियों और धार्मिक स्थलों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के कारण देश और दुनिया भर से आ रहे भक्तों का आंकड़ा नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है.
धार्मिक स्थलों पर उमड़ रही भक्तों की भीड़
इस वर्ष की पहली छमाही में ही राज्य के कई प्रसिद्ध मंदिरों में दर्शन करने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है. जागेश्वर धाम और त्रियुगीनारायण मंदिर में दर्शन करने वाले भक्तों की संख्या पिछले साल के मुकाबले ढाई गुना तक बढ़ चुकी है. इसके अलावा पूर्णागिरि धाम में लगभग डेढ़ गुना और मां धारी देवी मंदिर में करीब दोगुना श्रद्धालु पहुंचे हैं. यह आंकड़े साफ दर्शाते हैं कि उत्तराखंड में धार्मिक पर्यटन का दायरा केवल चारधाम तक सीमित न रहकर पूरे राज्य में फैल रहा है.
धामी सरकार का विजन और बुनियादी ढांचा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड को दुनिया की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने का संकल्प लिया है. इस बड़े लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रदेश के प्रमुख पर्यटक स्थलों को एकीकृत पर्यटन सर्किट से जोड़ा जा रहा है. केदारखंड की तर्ज पर कुमाऊं क्षेत्र के प्राचीन मंदिरों को विकसित करने के लिए मानसखंड मंदिरमाला मिशन पर तेजी से काम चल रहा है. तीर्थस्थलों पर बेहतर सड़कें, सुरक्षित परिवहन और ठहरने की शानदार सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं.
चारधाम यात्रा में बने नए रिकॉर्ड
उत्तराखंड की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा इस साल सफलता के नए आयाम छू रही है. यात्रा शुरू होने के महज 105 दिनों के भीतर ही 45 लाख 84 हजार से अधिक श्रद्धालु चारधाम के दर्शन कर चुके हैं. पर्यटन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार यमुनोत्री धाम की कठिन चढ़ाई के बावजूद वहां दो अगस्त तक 6 लाख 54 हजार से अधिक यात्री पहुंचे, जो धाम के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है. वहीं बद्रीनाथ धाम में भी यात्रा के शुरुआती 100 दिनों में 15 लाख 52 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने शीश नवाया है.
कैंची धाम और आदि कैलाश में आस्था का सैलाब
नैनीताल जिले में स्थित प्रसिद्ध कैंची धाम में बाबा नीब करौरी महाराज के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ रहा है. इस साल की पहली छमाही में 24 लाख 34 हजार से अधिक लोग कैंची धाम पहुंचे हैं. वहीं दूसरी ओर पिथौरागढ़ के आदि कैलाश धाम में भी रिकॉर्ड यात्रियों ने दर्शन किए हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे के बाद से आदि कैलाश में श्रद्धालुओं की संख्या में कई गुना बढ़ोतरी हुई है. महज दो महीने के यात्रा काल में ही 52 हजार से ज्यादा भक्त आदि कैलाश के दर्शन कर चुके हैं.
ऋषिकेश और आसपास के क्षेत्रों में बढ़ा पर्यटन
धार्मिक आस्था के साथ-साथ मुनिकीरेती, तपोवन और शिवपुरी जैसे क्षेत्रों में भी पर्यटकों का भारी आकर्षण देखने को मिल रहा है. ऋषिकेश से सटे इन खूबसूरत इलाकों में इस वर्ष जून तक लगभग 16 लाख सैलानी आ चुके हैं. इसके अलावा कार्तिक स्वामी मंदिर और सुरकंडा देवी मंदिर में भी तीर्थयात्रियों की आवाजाही पहले से काफी ज्यादा बढ़ गई है.
विश्व पटल पर चमक रही देवभूमि की छवि
राज्य में तीर्थयात्रियों की बढ़ती संख्या से स्थानीय रोजगार और व्यापार को भी बहुत बड़ा सहारा मिला है. सरकारी प्रयासों, बेहतर प्रबंधन और पुलिस प्रशासन की चुस्त व्यवस्था के कारण यात्री सुरक्षित और सुगम अनुभव के साथ लौट रहे हैं. मुख्यमंत्री धामी का कहना है कि सरकार प्रधानमंत्री के विजन के अनुसार राज्य के सभी प्राचीन मंदिरों का कायाकल्प करने और बुनियादी सुविधाओं को और मजबूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. आने वाले समय में उत्तराखंड दुनिया भर के श्रद्धालुओं के लिए आस्था का सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभरेगा.
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