13 घंटे पहले
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UPI पेमेंट पर 15 अक्टूबर से लागू होने वाला चार्ज दिवाली तक टाल दिया गया है। इसमें दुकानदार को ₹2,000 से ज्यादा का UPI पेमेंट करने पर 0.4% चार्ज लगना था।
NPCI ने त्योहारी सीजन को देखते हुए इसे टालने का फैसला लिया है। NPCI ने कहा है कि इसे दिवाली के तुरंत बाद लगाया जाएगा, लेकिन अभी तारीख नहीं बताई है।

सरकार के MDR प्रपोजल की 3 बड़ी बातें..
- अगर ग्राहक दुकानदार को ₹2,000 से ज्यादा का UPI पेमेंट करता है, तो दुकानदार को कुल रकम पर 0.4% का MDR चार्ज देना होगा।
- अगर ग्राहक ₹75,000 या उससे ज्यादा का बड़ा पेमेंट करता है, तो प्रतिशत के बजाय अधिकतम ₹300 का फ्लैट चार्ज लागू होगा।
- अगर ग्राहक रेलवे, टेलीकॉम, इंश्योरेंस या फ्यूल पर ₹2,000 से ज्यादा का पेमेंट करता है, तो प्रति ट्रांजैक्शन ₹5 का फ्लैट चार्ज लगेगा।
उदाहरण से समझें कितना पैसा कटेगा
- ₹2,500 के पेमेंट पर: दुकानदार का ₹10 कटेगा।
- ₹5,000 के पेमेंट पर: दुकानदार का ₹20 कटेगा।
- ₹10,000 के पेमेंट पर: दुकानदार का ₹40 कटेगा।
- ₹75,000 या इससे बड़े पेमेंट पर: ज्यादा से ज्यादा ₹300 ही कटेगा।
(यह पैसा दुकानदार के खाते से कटेगा, ग्राहक को अलग से कोई पैसा नहीं देना है।)
फैसला दिवाली तक क्यों टाला गया?
दिवाली के दौरान देश भर के बाजारों में कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक्स, गहने और सामानों की भारी बिक्री होती है। ऐसे में डिजिटल पेमेंट बढ़ जाता है।
कारोबारी संगठनों और पेमेंट कंपनियों का मानना था कि त्योहारों के बीच नया नियम लागू करने से दुकानों पर पेमेंट में रुकावट आ सकती है। इसी बात को ध्यान में रखकर NPCI ने दिवाली तक इस फैसले को आगे बढ़ा दिया है।
देशभर में हुआ था विरोध
सरकार के इस फैसले का देशभर के कारोबारियों और विपक्षी नेताओं ने विरोध किया था। विरोध दो स्तरों पर हुआ। विपक्षी नेताओं ने राजनीतिक और आम लोगों पर असर को लेकर सवाल उठाए, जबकि कारोबारी संगठनों ने लागत बढ़ने और ग्राहकों पर बोझ पड़ने की आशंका जताई। उनका कहना था कि इससे छोटे कारोबारियों को ज्यादा नुकसान होगा।

व्यापारियों ने क्यू आर कोड को काले कपड़े से ढककर MDR चार्ज का विरोध किया था।
मर्चेंट डिस्काउंट रेट क्या होता है?
मर्चेंट डिस्काउंट रेट यानी MDR, यह वह फीस होती है जो कोई व्यापारी या दुकानदार डेबिट/क्रेडिट कार्ड या डिजिटल पेमेंट (UPI) की सुविधा यानी पॉइंट ऑफ सेल मशीन या पेमेंट गेटवे का उपयोग करने के बदले बैंक और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स को देता है।
यह फीस डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और ट्रांसफर नेटवर्क को सही से चलाने की लागत को पूरा करने के लिए लिया जाता है। यह चार्ज व्यापारी को देना होता है, ग्राहक को नहीं।
₹2,000 से ऊपर के मर्चेंट ट्रांजैक्शंस 5% से कम
दुकानदारों को होने वाले कुल यूपीआई पेमेंट में ₹2,000 से बड़े पेमेंट गिनती के लिहाज से 5% से भी कम हैं। लेकिन वैल्यू के लिहाज से यह आंकड़ा बहुत बड़ा हो जाता है। कुल पैसों का लगभग 67% हिस्सा इन्हीं बड़े पेमेंट्स से आता है।
यह हर महीने करीब ₹6 लाख करोड़ बैठता है। यह रकम पूरे देश में होने वाले कुल यूपीआई लेनदेन की वैल्यू का लगभग 20% है। यानी बड़े लेनदेन भले ही संख्या में कम हों, लेकिन बाजार में घूमने वाले पैसों का एक बड़ा हिस्सा इन्हीं से बनता है।

UPI MDR चार्ज का व्यापारियों पर असर
- छोटे व्यापारियों को राहत: जिन व्यापारियों का महीने में कुल UPI कलेक्शन ₹1 लाख तक है, उनसे ₹2,000 से अधिक के ट्रांजैक्शन पर भी कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।
- बड़े व्यापारियों पर 0.4% चार्ज: जिन व्यापारियों की महीने में ₹1 लाख से अधिक कमाई है, उनसे ₹2,000 से बड़े हर पेमेंट पर 0.4% MDR प्लस 18% GST वसूला जाएगा।
- ₹2,000 तक की बिक्री फ्री: बड़े व्यापारियों को भी ₹2,000 या उससे कम राशि के छोटे UPI भुगतानों पर किसी भी प्रकार की फीस या शुल्क नहीं देना होगा।
- ट्रांजैक्शन वाइज तय होगी लिमिट: ₹2,000 की यह छूट पूरे दिन की कुल बिक्री पर नहीं, बल्कि ग्राहक द्वारा किए गए हर एक अलग-अलग पेमेंट पर लागू होगी।
- अधिकतम चार्ज की ₹300 कैपिंग: बड़े भुगतानों के मामले में ₹75,000 या उससे अधिक राशि के किसी भी ट्रांजैक्शन पर अधिकतम ₹300 प्लस 18% GST ही लिया जाएगा।
- खास सेक्टर्स के लिए ₹5 फीस: पेट्रोल पंप, रेलवे, बिल, टेलीकॉम, इंश्योरेंस व एजुकेशन में ₹2,000 से बड़े पेमेंट पर प्रतिशत की जगह केवल ₹5 फ्लैट फीस लगेगी।
- कैटेगरी बदलने का सख्त नियम: अगर छोटा दुकानदार लगातार 3 महीने तक ₹1 लाख से अधिक कलेक्शन लेता है, तो बैंक उसे ऑटोमेटिक बड़े मर्चेंट में शिफ्ट कर देंगे।
- कार्ड पेमेंट की तुलना में सस्ता: क्रेडिट कार्ड (1.5%–2.5%) और डेबिट कार्ड (0.90% तक) के भारी MDR चार्ज के मुकाबले UPI का यह नया चार्ज काफी कम रहेगा।
सरकार ने 2021 में UPI प्रोत्साहन की स्कीम शुरू की थी
सरकार ने UPI को प्रमोट करने और फ्री रखने के लिए 2021-22 से प्रोत्साहन योजना शुरू की थी। इसके तहत ग्राहक से छोटे दुकानदार को होने वाले ₹2,000 तक के UPI पेमेंट पर 0.15% इंसेंटिव दिया जाता था। 2024-25 तक इस पर ₹8,276 करोड़ का इंसेंटिव दिया गया। देश में जून 2026 तक करीब 55.5 करोड़ UPI यूजर्स थे।

अब आगे क्या होगा?
दिवाली खत्म होने के तुरंत बाद NPCI इसके शुरू होने के दिन के बारे में बताएगा। दिवाली 8 नवंबर 2026 को है, इसलिए यह नया नियम नवंबर के दूसरे हफ्ते में शुरू हो सकता है। फिलहाल आम ग्राहकों और दुकानदारों को इस त्योहारी सीजन में बिना किसी नए बदलाव के पेमेंट करने की सुविधा मिलती रहेगी।
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