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UP Police Constable Result: 32 हजार भर्ती, 76 हजार शॉर्टलिस्ट… हाई कटऑफ ने उड़ाए होश

July 31, 2026

Jul 31, 2026 05:42 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान

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यूपी पुलिस कांस्टेबल परीक्षा का रिजल्ट जारी हो गया है और इसकी हाई कटऑफ ने ज्यादातर उम्मीदवारों के पसीने छुड़ा दिए हैं। इस परीक्षा के लिए डीवी-पीएसटी अगस्त में प्रस्तावित है।

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यूपी पुलिस कॉन्स्टेबल परीक्षा में शामिल होते छात्र

UP Police Constable Result: यूपी के लाखों नौजवानों का वो इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है। यूपी पुलिस कांस्टेबल का रिजल्ट आ चुका है। लेकिन इस रिजल्ट ने जो तगड़ा सरप्राइज दिया है, उसने अच्छे-अच्छों के पसीने छुड़ा दिए हैं। आमतौर पर माना जाता है कि मेरिट एक तय दायरे में रहेगी पर इस बार कटऑफ इतनी हाई-फाई गई है कि इसने पिछली यूपीएसआई भर्ती वाले दिनों की याद दिला दी है। आइए तसल्ली से समझते हैं कि इस बार के नतीजे क्या कहते हैं, आंकड़ों का गणित क्या है और आगे की डगर अभयर्थियों के लिए कैसी होने वाली है।

वैकेंसी के मुकाबले करीब 2.33 गुना शॉर्टलिस्ट

सबसे पहले बात करते हैं उन नंबरों की जिसने सबको चौंका कर रख दिया है। कुल 32 हजार से ज्यादा वैकेंसीज के लिए यह रिजल्ट जारी हुआ है, जिसमें डीवीपीएसटी (डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और फिजिकल स्टैंडर्ड टेस्ट) के लिए लगभग 76,184 बच्चों को बुलावा भेजा गया है। इसका सीधा सा मतलब यह है कि कुल वैकेंसी के मुकाबले करीब 2.33 गुना बच्चों को ही फिजिकल के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है। लेकिन असली खेल तो इस बार कटऑफ ने कर दिया है, जिसकी शायद ही किसी ने इतनी उम्मीद की थी।

लड़कियों ने जमकर मेहतन

अगर हम मेरिट की बारीकी से बात करें, तो 300 नंबर के पेपर में जनरल (अनारक्षित) कैटेगरी के लड़कों की कटऑफ 258 के पार चली गई है, जबकि महिलाओं के लिए यह आंकड़ा 255.8 पर आकर रुका है। देखा जाए तो दोनों के बीच बहुत ज्यादा फासला नहीं है, जो बताता है कि लड़कियों ने भी इस बार जमकर मेहनत की है। वहीं ईडब्ल्यूएस कैटेगरी की बात करें, तो इसमें पुरुषों की कटऑफ 247.9 और महिलाओं की 247.3 रही है। ओबीसी वालों के लिए भी राहत की कोई खास खबर नहीं है, क्योंकि इसमें मेल कैंडिडेट्स की मेरिट 251.6 और फीमेल की 249.2 गई है।

खूब रहा कॉम्पिटिशन

अब आते हैं एससी और एसटी कैटेगरी पर। एससी कैटेगरी में पुरुषों की कटऑफ 239.3 और महिलाओं की 236.3 है। इसी तरह एसटी वर्ग के लड़कों की मेरिट 220.1 और लड़कियों की कटऑफ 211.4 पर रही है। ये सारे आंकड़े साफ-साफ बता रहे हैं कि इस बार का कॉम्पिटिशन किस कदर खतरनाक रहा है।

अब हर उस बच्चे के मन में एक ही सवाल उठ रहा है कि क्या फाइनल मेरिट इससे भी ज्यादा छलांग लगाएगी? अक्सर पुरानी भर्तियों में देखा गया है कि फिजिकल के बाद मेरिट 10 से 15 नंबर और उछल जाती है, जिससे बच्चों का दिल धक-धक करने लगता है। लेकिन एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस बार आपको ज्यादा घबराने की कतई जरूरत नहीं है। यूपीएसआई भर्ती में भी बिल्कुल यही ट्रेंड देखने को मिला था। जब डीवीपीएसटी की मेरिट शुरुआत में ही इतनी आसमान छू रही हो, तो फाइनल कटऑफ में बहुत ज्यादा अंतर नहीं आता है। इसलिए जो बच्चे इस लिस्ट में आ गए हैं, उन्हें बिना किसी खौफ और फिक्र के पूरी तरह से अपने फिजिकल पर फोकस करना चाहिए।

17 अगस्त से डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन

आगे का शेड्यूल भी लगभग साफ हो चुका है। भर्ती बोर्ड पूरी फुल स्पीड में एक्शन मोड में काम कर रहा है। मिली जानकारी के मुताबिक 17 अगस्त से ही डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और पीएसटी की प्रक्रिया प्रस्तावित है। इसके ठीक बाद आपको रनिंग के लिए मैदान में उतार दिया जाएगा। वक्त बहुत कम बचा है, इसलिए अब सारे कागज तैयार रखने और ग्राउंड में पसीना बहाने का समय आ गया है।

फिजिकल पास होना पहली शर्त

एक और दिलचस्प बात जो इस रिजल्ट में निकलकर आई है, वह उन बच्चों के लिए किसी उम्मीद की किरण से कम नहीं है, जिनका नाम फिलहाल इस लिस्ट में नहीं है। अक्सर ऐसा होता है कि इतनी हाई कटऑफ वाले बच्चे पढ़ाई में तो बेहद तेज होते हैं, लेकिन फिजिकल में गच्चा खा जाते हैं। भर्ती बोर्ड ने भी यह साफ कर दिया है कि अगर बुलाए गए बच्चों में से तय वैकेंसी के लायक बच्चे फिजिकल पास नहीं कर पाए, तो इसमें निराश होने वाली कोई बात नहीं है। बोर्ड दोबारा से एक और लिस्ट जारी करके नए बच्चों को शारीरिक परीक्षा के लिए बुला लेगा। इसलिए उम्मीद की डोर अभी पूरी तरह से नहीं टूटी है।

लेखक के बारे में

Himanshu Tiwari

शॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।

परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।

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