उत्तर प्रदेश में उफनाती नदियों और बाढ़ की चुनौती से निपटने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों पर राहत एवं बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है। राहत आयुक्त कार्यालय के अनुसार, अब तक 19,294 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है।
प्रशासन द्वारा अब तक 4.66 लाख से अधिक पके हुए लंच पैकेट और 92,128 सूखा राहत खाद्य पैकेट बांटे जा चुके हैं।
- Published: 06 Sep 2026, 12:34 PM IST
- Last Updated: 06 Sep 2026, 12:42 PM IST
उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति के बीच योगी सरकार का राहत और बचाव तंत्र पूरी मुस्तैदी से काम कर रहा है। प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय टीमों की लगातार निगरानी का सकारात्मक असर दिखाई दे रहा है।
राज्य में 19 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। प्रभावित परिवारों को भोजन, राशन पैकेट और आवश्यक स्वास्थ्य सुरक्षा किट उपलब्ध कराई जा रही है।
1,977 नावों और मोटरबोट से रेस्क्यू, 1,313 शरणालयों की व्यवस्था
जलभराव वाले और फंसे हुए इलाकों में राहत सामग्री पहुंचाने और लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए 1,977 नावों और मोटरबोट्स को काम में लगाया गया है। इसके अलावा, विस्थापित लोगों के रहने के लिए प्रदेश भर में 1,313 बाढ़ शरणालय स्थापित किए गए हैं, जहां फिलहाल 6,538 लोग रह रहे हैं। इन शरणालयों में रहने वाले लोगों के लिए भोजन, विश्राम और अन्य बुनियादी सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा जा रहा है।
4.66 लाख लंच पैकेट और 92 हजार खाद्य पैकेटों का वितरण
बाढ़ से प्रभावित परिवारों को भोजन का संकट न हो, इसके लिए बड़े पैमाने पर खाद्य सामग्री का वितरण किया जा रहा है। प्रशासन द्वारा अब तक 4.66 लाख से अधिक पके हुए लंच पैकेट और 92,128 सूखा राहत खाद्य पैकेट बांटे जा चुके हैं। इससे उन गांवों और टोलों तक भी सहायता पहुंच रही है, जिनका मुख्य मार्गों से संपर्क टूट चुका है।
1,072 मेडिकल टीमें तैनात; 6 लाख से अधिक क्लोरीन टैबलेट बांटी गईं
बाढ़ के पानी के घटने या जमाव के कारण फैलने वाली जलजनित बीमारियों को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह मुस्तैद है। राज्य भर में 1,072 मेडिकल टीमें गठित की गई हैं। दूषित जल से होने वाली बीमारियों से बचाव के लिए 6.13 लाख से अधिक क्लोरीन टैबलेट्स और निर्जलीकरण से बचाव हेतु 2.17 लाख से अधिक ओआरएस पैकेट वितरित किए जा चुके हैं।
प्रदेश के 27 जिले प्रभावित, अलर्ट पर प्रशासन
वर्तमान में प्रदेश के 27 जिले बाढ़ की स्थिति से जूझ रहे हैं, जिनमें अयोध्या, वाराणसी, गोरखपुर, प्रयागराज, बहराइच, बलिया, गाजीपुर, गोंडा, लखीमपुर खीरी, बस्ती, जौनपुर, फर्रुखाबाद और मिर्जापुर जैसे प्रमुख जिले शामिल हैं। राज्य सरकार और जिला प्रशासन इन सभी जिलों में स्थिति पर चौबीसों घंटे पैनी नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से त्वरित तरीके से निपटा जा सके।