मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता पारस चंद्र जैन का इंदौर के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। 'पारस पहलवान' के नाम से प्रसिद्ध पारस जैन पांच बार विधायक रहे और कई महत्वपूर्ण विभागों के मंत्री भी रहे।
पूर्व मंत्री पारस जैन का निधन, इंदौर में ली अंतिम सांस
- Published: 03 Aug 2026, 10:28 AM IST
- Last Updated: 03 Aug 2026, 10:28 AM IST
मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता पारस चंद्र जैन का सोमवार को निधन हो गया। वे पिछले कुछ समय से अस्वस्थ थे और इंदौर के एक निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर सामने आते ही भाजपा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई।
पारस पहलवान के नाम से लोकप्रिय
'पारस पहलवान' के नाम से लोकप्रिय पारस जैन लंबे समय तक उज्जैन की राजनीति का अहम चेहरा रहे। उन्होंने मध्य प्रदेश सरकार में वन, स्कूल शिक्षा, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण तथा ऊर्जा जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाली। अपने राजनीतिक जीवन में उन्होंने कुल छह विधानसभा चुनाव लड़े, जिनमें पांच बार जीतकर विधायक बने। हालांकि, वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें टिकट नहीं दिया था।
शिवराज सिंह चौहान ने गहरा दुख जताया
पारस जैन के निधन पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गहरा दुख जताया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि पारस जैन उनके आत्मीय साथी थे और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के समर्पित स्वयंसेवक तथा भाजपा के निष्ठावान कार्यकर्ता रहे। शिवराज ने कहा कि पारस जैन ने मध्य प्रदेश और विशेष रूप से उज्जैन की जनता की पूरी निष्ठा के साथ सेवा की। वे कुशल संगठक, सफल प्रशासक और योग व व्यायाम को बढ़ावा देने वाले जनप्रतिनिधि के रूप में हमेशा याद किए जाएंगे। उन्होंने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
पार्टी के लिए बड़ी क्षति बताया
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने भी पारस जैन के निधन को पार्टी के लिए बड़ी क्षति बताया। उन्होंने कहा कि जनसेवा और संगठन के प्रति उनका समर्पण हमेशा कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा बना रहेगा। उनका योगदान लंबे समय तक याद रखा जाएगा।
उज्जैन-आलोट से भाजपा सांसद अनिल फिरोजिया ने भी शोक व्यक्त करते हुए कहा कि पारस जैन का निधन बेहद दुखद और हृदयविदारक है। उन्होंने बाबा महाकाल से दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने और परिवार को इस कठिन समय में संबल प्रदान करने की प्रार्थना की।
संगठन और सरकार में सक्रिय भूमिका
पारस जैन का निधन मध्य प्रदेश की राजनीति के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है। संगठन और सरकार दोनों में उनकी सक्रिय भूमिका रही। सादगी, सहज व्यवहार और जनता से जुड़े रहने की उनकी शैली ने उन्हें अलग पहचान दिलाई। उनके निधन से उज्जैन सहित पूरे प्रदेश में शोक का माहौल है।