मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने विधानसभा में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक 2026 पेश कर प्रदेश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है. तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री गौतम टेटवाल ने सदन में यह विधेयक प्रस्तुत किया.
मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने विधानसभा में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक 2026 पेश कर प्रदेश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है. तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री गौतम टेटवाल ने सदन में यह विधेयक प्रस्तुत किया.
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मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने विधानसभा में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक 2026 पेश कर प्रदेश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है. तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री गौतम टेटवाल ने सदन में यह विधेयक प्रस्तुत किया. जैसे ही बिल पेश किया गया, विपक्षी दल कांग्रेस ने इसका कड़ा विरोध शुरू कर दिया और सदन में नारेबाजी होने लगी. हंगामे के बीच विधानसभा अध्यक्ष ने विधेयक को रिकॉर्ड पर लेते हुए आगे की प्रक्रिया पूरी कराई. अब इस महत्वपूर्ण विधेयक पर विस्तृत चर्चा अगले दिन होने की संभावना है.
VIDEO | Bhopal: Madhya Pradesh government tables UCC-2026 bill in assembly.
LoP Umang Singhar says, "The government wants to fuel communalism. If they are so concerned, why don't they want to give a 27% reservation to the OBCs? They don't care about the OBCs; they only care… pic.twitter.com/dMC9vLA6rH
— Press Trust of India (@PTI_News) July 20, 2026
सरकार ने बताया ऐतिहासिक फैसला
सत्ता पक्ष का कहना है कि यूसीसी विधेयक प्रदेश में समान कानून व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. सरकार का दावा है कि इससे सभी नागरिकों के लिए समान अधिकार और कानूनी व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में नई शुरुआत होगी. भाजपा नेताओं का मानना है कि यह निर्णय सामाजिक सुधार और न्याय व्यवस्था को मजबूत करने वाला साबित होगा.
Bhopal, Madhya Pradesh: Chief Minister Mohan Yadav says, "Today is a very significant day for the Cabinet for several reasons. The Madhya Pradesh Uniform Civil Code (UCC) 2026 Bill has been approved today. Through this bill, we believe Madhya Pradesh is moving towards… pic.twitter.com/UGhtBBf8Cf
— IANS (@ians_india) July 19, 2026
काले कपड़ों को लेकर बढ़ी राजनीतिक बयानबाजी
विधेयक के विरोध में कांग्रेस विधायक आतिफ अकील काले कपड़े पहनकर विधानसभा पहुंचे. उनके इस विरोध प्रदर्शन ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया. भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यूसीसी लागू होने से कुछ परंपराओं और प्रथाओं पर असर पड़ेगा, इसलिए कुछ लोग इसका विरोध कर रहे हैं. उन्होंने कांग्रेस पर भी सरकार के फैसले का राजनीतिक विरोध करने का आरोप लगाया. हालांकि कांग्रेस ने इन बयानों को भड़काऊ बताते हुए उनकी आलोचना की.
#WATCH | Bhopal: On UCC Bill 2026 introduced in state Assembly, Congress MLA Atif Aqueel says, "Babasaheb and the Constitution have granted us all freedom. Since that freedom exists, just as the ST community was exempted from the UCC, Muslims should also be exempted. Furthermore,… pic.twitter.com/swf0hzJW78
— ANI MP/CG/Rajasthan (@ANI_MP_CG_RJ) July 20, 2026
कांग्रेस ने प्रक्रिया पर उठाए सवाल
विपक्ष का मुख्य विरोध केवल विधेयक की विषय-वस्तु तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसे पेश करने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए गए. नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार सहित कई कांग्रेस विधायकों ने कहा कि यूसीसी विधेयक मूल कार्यसूची में शामिल नहीं था और इसे अंतिम समय में सप्लीमेंट्री कार्यसूची के माध्यम से सदन में लाया गया. कांग्रेस का आरोप है कि सरकार ने पर्याप्त चर्चा और पूर्व सूचना के बिना इस महत्वपूर्ण विधेयक को पेश किया.
कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने भी सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि इतने महत्वपूर्ण कानून को पूरी पारदर्शिता के साथ सदन में लाया जाना चाहिए था. विपक्ष का कहना है कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया का पालन हर स्थिति में होना चाहिए.
सरकार ने आरोपों का दिया जवाब
सरकार की ओर से मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि विधानसभा की सभी प्रक्रियाओं का पूरी तरह पालन किया गया है. उन्होंने कहा कि सरकार किसी भी संवैधानिक प्रक्रिया का उल्लंघन नहीं कर रही है और विधेयक नियमानुसार सदन में प्रस्तुत किया गया है. भाजपा नेताओं का कहना है कि विपक्ष राजनीतिक कारणों से अनावश्यक विवाद खड़ा कर रहा है.
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