Published: Sunday, July 26, 2026, 8:21 [IST]
Tej Pratap Yadav Arrested: बिहार में NEET पेपर लीक को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में बुलाया गया बंद शनिवार को कई जगहों पर तनाव का कारण बन गया। पटना में प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की स्थिति बनी। इसी मामले में आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने उन्हें शनिवार देर शाम मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया, जहां से अदालत ने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
तेज प्रताप यादव बंद के समर्थन में छात्रों के साथ सड़क पर उतरे थे। पुलिस ने पहले उन्हें हिरासत में लिया और बाद में पटना के एक मॉल से गिरफ्तार किया। इस कार्रवाई के बाद बिहार की राजनीति भी गरमा गई। शनिवार को बिहार बंद के दौरान तेज प्रताप यादव पटना के रामगुलाम चौक पहुंचे। यहां उन्होंने प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ धरना दिया। कुछ देर बाद वह छात्रों के साथ रामगुलाम चौक से डाक बंगला चौराहे की तरफ मार्च करने लगे। मार्च के दौरान जब प्रदर्शनकारी एग्जिबिशन रोड के पास पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद तेज प्रताप यादव को हिरासत में ले लिया गया।
शाम को मॉल से हुई गिरफ्तारी
हिरासत में लिए जाने के बाद तेज प्रताप यादव बाद में पटना के एक मॉल में नजर आए। इसी दौरान पटना पुलिस की एक टीम बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों के साथ वहां पहुंची। पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया और अपने साथ ले गई। इसके बाद शनिवार देर शाम उन्हें मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। सुनवाई के बाद उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
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पुलिस वाहन से लटककर दिया बयान
गिरफ्तारी के दौरान तेज प्रताप यादव का एक वीडियो भी सामने आया, जिसमें वह पुलिस वाहन के दरवाजे से लटकते हुए दिखाई दिए। इस दौरान उन्होंने छात्रों के समर्थन में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि वह छात्रों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो छात्रों के अधिकारों के लिए जान देने को भी तैयार हैं।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
प्रदर्शन में शामिल होने से पहले तेज प्रताप यादव ने NEET पेपर लीक के मुद्दे पर छात्रों की मांगों का समर्थन किया था। उन्होंने केंद्र सरकार से शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी दोहराई थी। उनका कहना था कि छात्रों के भविष्य से जुड़े इस मामले में जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और उनकी आवाज सुनी जानी चाहिए। बता दें, 25 जुलाई को शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया और उनकी जगह प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का प्रभार सौंपा गया है।
कई जिलों में सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारी
बिहार बंद का असर सिर्फ पटना तक सीमित नहीं रहा। राज्य के कई जिलों में वामपंथी छात्र संगठनों ने भी प्रदर्शन किया। कुछ स्थानों पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प की स्थिति बनी। राजधानी पटना में डाक बंगला चौराहे पर प्रदर्शन के दौरान पथराव की घटना भी सामने आई। इसके बाद पुलिस ने शहर में सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी। कई इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।
पुलिस के अनुसार, बिहार बंद का असर पूरे राज्य में एक जैसा नहीं रहा। पटना के कुछ इलाकों में प्रदर्शन, तनाव और पथराव की घटनाएं हुईं। वहीं नालंदा, नवादा, जहानाबाद और रोहतास जैसे जिलों में बंद का असर अपेक्षाकृत कम देखने को मिला। पटना में तेज प्रताप यादव की गिरफ्तारी और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद NEET विवाद को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शन ने एक बार फिर राजनीतिक रंग ले लिया है।
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