देश कि राजधानी दिल्ली समेत कई दूसरे इलाकों में इस समय स्वाइन फ्लू यानी H1N1 के केस बढ़ रहे हैं. इसके अधिकतर लक्षण कई बार सामान्य वायरल बुखार जैसे ही लगते हैं. यही वजह है कि लोग अक्सर इसे हल्के में ले लेते हैं. कुछ मरीजों में संक्रमण बिना किसी बड़ी परेशानी के ठीक हो सकता है, लेकिन हर व्यक्ति में बीमारी का असर एक जैसा नहीं होता, खासकर बुजुर्गों, छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और पहले से गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों में ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत होती है. अ
अगर इस स्वाइन फ्लू हो गया है तो केवल बुखार पर नजर रखना ही ठीक नहीं है बल्कि इन 4 लक्षणों पर भी ध्यान देना जरूरी है.
सांस लेने में परेशानी
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दिल्ली के आरएमएल हॉस्पिटल में मेडिसिन विभाग में प्रोफेसर डॉ सुभाष गिरि कहते हैं कि इस समय स्वाइन फ्लू के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. अधिकतर लक्षण हल्के ही होते हैं, लेकिन कुछ लक्षणों पर ध्यान देने की जरूरत है. अगर मरीज को सांस लेने में परेशानी हो रही है. सांस सामान्य से ज्यादा तेज चल रही है तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. गंभीर मामलों में फ्लू संक्रमण फेफड़ों पर असर कर सकता है और निमोनिया का कारण बन सकता है. सांस फूलने के साथ अगर सीने में दर्द हो और लगातार दर्द बढ़े तो डॉक्टर के पास जाना चाहिए.
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अचानक बहुत ज्यादा कमजोरी या चक्कर
बीमारी में कमजोरी होना सामान्य है, लेकिन अगर मरीज इतना कमजोर हो जाए कि उठने-बैठने में मुश्किल हो, लगातार चक्कर आए, बेहोशी हो तो देरी नहीं करनी चाहिए. इस बात का भी ध्यान रखें कि कई बार बुखार या दूसरे लक्षणों में सुधार महसूस होने के बाद अचानक तेज खांसी, बुखार या सांस की परेशानी बढ़ सकती है. इस स्थिति में भी तुरंत अस्पताल जाएं,
होंठ या चेहरा नीला होना
अगर किसी मरीज के होंठ नीले हो रहे हैं तो इसपर ध्यान दें. शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन न मिलने पर होंठों का रंग बदल सकता है. ऐसी स्थिति में तुरंत इमरजेंसी मेडिकल मदद लेनी चाहिए.
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किन लोगों को ज्यादा सावधान रहना चाहिए?
छोटे बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और अस्थमा, फेफड़ों की बीमारी वाले मरीजों को इस समय ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है. इस लोगों में अगर कोई भी गंभीर लक्षण दिख रहा है तो अस्पताल जाने में देरी नहीं करनी चाहिए.
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