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Success Story: सब्जी बेचने वाली छात्रा अब बनेगी डॉक्टर, क्रैक किया NEET; दादाजी के निधन पर लिया था दृढ़ संकल्प

July 24, 2026

Jul 24, 2026 10:47 am ISTलाइव हिन्दुस्तान

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आरजू हरियाणा के जींद की रहने वाली हैं। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वो बताती हैं कि उनके जीवन में सबसे बड़ा मोड़ तब आया, जब इलाज न मिलने पर उन्होंने दादाजी को खो दिया था।

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सब्जी बेचने वाली छात्रा अब बनेगी डॉक्टर, क्रैक किया NEET

सपनों को सच करने के लिए हमेशा बड़े संसाधनों की नहीं, बल्कि मजबूत इरादों, मेहनत और लगन की जरूरत होती है। हरियाणा के एक साधारण परिवार से आने वाली आरजू ने अपनी मेहनत और दृढ़ संकल्प से इसे सच साबित कर दिखाया। उन्होंने NEET परीक्षा पास कर न सिर्फ सफलता हासिल की, बल्कि कक्षा 6वीं में लिया डॉक्टर बनने का संकल्प भी पूरा करने की दिशा में पहला बड़ा कदम बढ़ा दिया। आइए, आज की नीट सक्सेस स्टोरीमें जानते हैं आरजू के संघर्ष, मेहनत और सफलता का प्रेरणादायक सफर।

कौन है आरजू

आरजू हरियाणा के जींद की रहने वाली हैं। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वो बताती हैं कि उनके जीवन में सबसे बड़ा मोड़ तब आया, जब इलाज न मिलने पर उन्होंने दादाजी को खो दिया था। वह छठी क्लास में थीं और इस दौरान उनके दादाजी को एक ऐसी बीमारी ने घेर लिया था, जिसका डॉक्टर भी पता नहीं लगा पाए। बड़े-बड़े अस्पतालों में भी उनका इलाज नहीं हो सका और वह छोड़कर चले गए। इस घटना ने उन्हें इतना झकझोर दिया था कि उन्होंने उसी समय ठाना कि वह डॉक्टर बनेंगी, जिससे भविष्य में किसी और के साथ ऐसा न हो। उन्होंने उसी दिन इस लक्ष्य को हासिल करने का संकल्प ले लिया।

सब्जियां भी बेचीं

आर्थिक तंगी और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बावजूद आरजू ने कभी अपने सपने से समझौता नहीं किया। परिवार का हाथ बंटाने के लिए वह रेहड़ी पर सब्जियां बेचती रहीं, लेकिन पढ़ाई भी पूरी मेहनत और लगन से जारी रखी। वीडियो में वो बताती हैं कि उनके घर के आर्थिक हालात ठीक नहीं हैं। उनके पिता सब्जी बेचते हैं। इसलिए आरजू ने भी फैसला किया वह पढ़ाई के साथ-साथ परिवार की जिम्मेदारी भी निभाएंगी। वह अपने पिता की सब्जी की रेहड़ी पर हाथ बंटाती हैं और खाली समय में पढ़ाई करती हैं। सीमित संसाधनों के बीच उन्होंने अपनी दोनों का संतुलन बनाए रखा। तमाम मुश्किलों और संघर्षों का सामना करते हुए उन्होंने आखिरकार NEET परीक्षा में सफलता हासिल कर अपने डॉक्टर बनने के सपने की ओर मजबूत कदम बढ़ाया।

कितने घंटे की पढ़ाई

आरजू ने NEET की तैयारी के दौरान नियमितता और अनुशासन को अपनी सबसे बड़ी ताकत बनाया। वह हर दिन 6 से 8 घंटे पढ़ाई करती थीं और सभी विषयों के लिए अलग-अलग समय तय करती थीं, ताकि हर विषय पर समान रूप से ध्यान दिया जा सके।

तैयारी के दौरान उन्होंने खास तौर पर अपने कमजोर विषयों पर ज्यादा मेहनत की और नियमित रूप से रिवीजन करती रहीं। परीक्षा नजदीक आने पर उन्होंने अधिक से अधिक मॉक टेस्ट दिए और पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र हल किए। इससे उन्हें अपनी गलतियों को समझने, सटीकता बढ़ाने और निर्धारित समय में प्रश्न हल करने का बेहतर अभ्यास मिला। यही रणनीति उनकी NEET परीक्षा में सफलता की अहम वजह बनी।

कितनी आई नीट यूजी 2026 में रैंक

बता दें कि आरजू ने NEET UG 2026 एग्जाम में ऑल इंडिया रैंक (AIR) 6227 हासिल की। आर्थिक चुनौतियों और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच उन्होंने अपने लक्ष्य से कभी भी समझौता नहीं किया और यह उनकी कई साल की मेहनत का परिणाम है। अब उनका सपना मेडिकल कॉलेज में एडमिशन लेकर डॉक्टर बनने का है। उनका मानना है कि एक अच्छे डॉक्टर के तौर पर जरूरतमंद लोगों की सेवा करेंगी।