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Stock Market Today: मिश्रित वैश्विक संकेतों के बीच शेयर बाजार की सपाट शुरुआत, PSU स्टॉक्स में खरीदारी

September 17, 2026

Stock Market Today: मिश्रित वैश्विक संकेतों से भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत गुरुवार को सपाट हुई. सुबह 9:16 पर सेंसेक्स 49 अंक या 0.07 प्रतिशत की मामूली कमजोरी के साथ 74,291 और निफ्टी 19 अंक की मामूली बढ़त के साथ 23,235 पर था.  

PSU स्टॉक्स में सबसे ज्यादा खरीदारी

शुरुआती कारोबार में बाजार की तेजी को सहारा पीएसयू शेयर दे रहे थे. सूचकांकों में निफ्टी पीएसयू बैंक और निफ्टी पीएसई टॉप गेनर्स थे. निफ्टी इन्फ्रा, निफ्टी इंडिया डिफेंस, निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी कमोडिटीज, निफ्टी मेटल, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी कंजप्शन, निफ्टी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग और निफ्टी ऑटो हरे निशान में थे. दूसरी तरफ निफ्टी आईटी, निफ्टी मीडिया और निफ्टी प्राइवेट बैंक लाल निशान में था.

मिडकैप और स्मॉलकैप में भी आया उछाल

लार्जकैप की अपेक्षा मिडकैप और स्मॉलकैप में तेजी के साथ कारोबार हो रहा था. निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 221 अंक या 0.36 प्रतिशत की तेजी के साथ 61,096 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 88 अंक या 0.46 प्रतिशत की मजबूती के साथ 19,478 पर था. 

सेंसेस्क पर इन शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी

सेंसेक्स पैक में बीईएल, इटरनल, बजाज फाइनेंस, टाटा स्टील, अल्ट्राटेक सीमेंट, एशियन पेंट्स, एनटीपीसी, आईटीसी, अदाणी पोर्ट्स, बजाज फिनसर्व, पावर ग्रिड, इंडिगो, मारुति सुजुकी, कोटक महिंद्रा बैंक, ट्रेंट और एसबीआई गेनर्स थे. 

वहीं, लूजर्स में टीसीएस, एचसीएल टेक, एचडीएफसी बैंक, इन्फोसिस, टेक महिंद्रा, आईसीआईसीआई बैंक, भारती एयरटेल, टाइटन, सन फार्मा, एचयूएल और एक्सिस बैंक शामिल थे.

एशियाई बाजारों में क्या है आज स्थिति

वैश्विक बाजारों में मिलाजुला कारोबार हो रहा था. टोक्यो, बैंकॉक, जकार्ता और सोल हरे निशान में थे. वहीं, शंघाई और हांगकांग लाल निशान में थे. वहीं, यूएस फेड की ओर से ब्याज दरों में बढ़ोतरी के कारण अमेरिकी बाजार लाल निशान में बंद हुए, जिसमें मुख्य सूचकांक डाओ जोन्स में 1.21 प्रतिशत की गिरावट देखी गई. 

जानकारों ने कहा कि फेड का ब्याज दरें 25 आधार अंक या 0.25 प्रतिसत बढ़ाने का फैसला पूरी तरह उम्मीद के मुताबिक था. महंगाई ज्यादा होने और मजबूत अर्थव्यवस्था (जिसमें बेरोजगारी दर सिर्फ 4.1 प्रतिशत है) के माहौल में ब्याज दरों को स्थिर रखने का कोई कारण नहीं था. 

उन्होंने आगे कहा कि केविन वॉर्श का यह सख्त रुख वाला संदेश है कि महंगाई बहुत ज्यादा रही है और लंबे समय से ऐसी ही बनी हुई है और कीमतों को स्थिर रखने के लिए यह कदम जरूरी था.

स्रोत- आईएएनएस