Special Train vs Normal Train: अक्टूबर महीने से त्योहारों (festival) का सीजन शुरु हो जाता है। ऐसे में दिवाली और छठ जैसे बड़े त्योहारों के दौरान हर कोई ज्यादा सफर करता है, क्योंकि ज्यादातर लोग घर से बाहर किसी दूसरे शहर में रहते हैं। लेकिन दिवाली और छठ जैसे बड़े त्योहारों में लगभग हर कोई घर जाना चाहते हैं, जिससे वो यह त्योहार अपनी फैमिली के साथ मना सकें। लेकिन कई बार ट्रेन की टिकट ही नहीं मिलती है। ऐसे में सरकार ने यात्रियों की सुविधा के लिए कई रुट्स में स्पेशल ट्रेन (Festival Special Train) की सुविधा दी है। लेकिन ऐसे में कई लोगों के मन में सवाल आता है कि कौन सी ट्रेन सफर करने के लिए ज्यादा बेहतर है? चलिए हम बताते हैं कि दोनों ट्रेनों (Special Train vs Normal Train) में क्या अंतर हैं और किससे सफर करना ज्यादा बेहतर है।
आखिर कौन सी ट्रेन बेहतर (Festival Special Train vs Normal Train)?
अगर फेस्टिवल स्पेशल और सामान्य ट्रेनों (Festival Special Train vs Normal Train) के बीच तुलना की जाए। तो दोनों ट्रेनों के किराए, ट्रेन नंबर और सुविधाओं में मुख्य अंतर (difference Special Train vs Normal Train) होता है।
किराया में अंतर (Train Fare)
सामान्य ट्रेनों का किराया रेलवे टैरिफ के हिसाब से तय किया जाता है, वहीं फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनों (Special Train Fare) में सामान्य ट्रेनों की तुलना में लगभग 10% से 30% अधिक का किराया लगता है।
दोनों के ट्रेन नंबर में अंतर
सामान्य ट्रेनों के नंबर आमतौर पर 1, 2, 12 आदि से शुरू होते हैं, जबकि फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनों के नंबर हमेशा '0' से शुरू होने वाले 5 अंकों के होते हैं (जैसे 07340)।
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तत्काल कोटा
फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनें ज्यादातर पूरी तरह आरक्षित (Fully Reserved) होती हैं। इनमें सामान्य ट्रेनों की तरह रियायतें या सामान्यतः तत्काल कोटे की सुविधा नहीं मिलती है, हालांकि मांग को देखते हुए रेलवे प्रीमियम तत्काल की व्यवस्था कर सकता है।
दोनों ट्रेनों की स्पीड
सामान्य ट्रेनें तय समय-सारणी (Time Table) के अनुसार चलती हैं, जबकि स्पेशल ट्रेनों को नियमित ट्रैफिक के बीच समायोजित किया जाता है, जिससे इन्हें कम प्राथमिकता मिलती है और कई बार इनके लेट होने की संभावना अधिक होती है हालांकि, ट्रेन के समय पर पहुंचने या देरी होने की कोई गारंटी सिर्फ स्पेशल ट्रेन है, इस आधार पर नहीं दी जा सकती।
किस ट्रेन में सफर करना बेहतर?
अगर आप त्योहार आने के एक महीने या 2-3 हफ्ते पहले टिकट करते हैं और अगर आपको कंफर्म टिकट मिल रही है तो आपको सामान्य ट्रेन का टिकट करना चाहिए। अगर टिकट करने में देरी हो चुकी है, सामान्य ट्रेन में टिकट नहीं है, तब ही स्पेशल ट्रेन (Festival Train Ticket Booking) को चुने।
इसलिए टिकट बुक करने से पहले IRCTC की वेबसाइट या ऐप पर उपलब्ध ट्रेनें, किराया और सीट की स्थिति जरूर चेक कर लें।
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