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SIR: राज्य के 4606 वोटरों पर संदेह, आयोग ने दिया जांच का आदेश - Ranchi News

September 12, 2026

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रांची12 मिनट पहले

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झारखंड में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए फॉर्म 7 का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल हो रहा है।

राज्य निर्वाचन कार्यालय को विभिन्न जिलों से मिली रिपोर्ट के अनुसार 4606 लोगों के नाम पर बूथ लेबल एजेंट (बीएलए) ने आपत्ति दर्ज की है। विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के बीएलए ने ऐसे लोगों के दस्तावेज गलत होने या इन मतदाताओं के विदेशी होने की आशंका जताते हुए मतदाता सूची से उनके नाम हटाने की मांग की है।

चतरा जिले में ऐसे सर्वाधिक 1774 लोगों के खिलाफ आपत्ति दर्ज कराई गई है। हालांकि इनमें से कई लोगों ने खुद ही अपना नाम डिलीट करने का आग्रह किया है। जिन लोगों के नाम पर आपत्ति दर्ज कराई गई है, उन सबके मामले में राज्य निर्वाचन कार्यालय ने जांच का निर्देश दिया है। इन आपत्तियों का मामला इन दिनों काफी चर्चा में है। सभी जिलों में विभिन्न राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों द्वारा बड़ी संख्या में फॉर्म 7 दाखिल किए जाने से राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर सक्रियता तेज हो गई है।

किस जिले में कितने फॉर्म 7 जमा

जिला फॉर्म 7 मिले

साहिबगंज 99

पाकुड़ 26

दुमका 32

जामताड़ा 40

देवघर 541

गोड्‌डा 78

कोडरमा 12

हजारीबाग 114

रामगढ़ 49

चतरा 1774

गिरिडीह 228

बोकारो 111

जिला फॉर्म 7 मिले

धनबाद 114

पू. सिंहभूम 102

सरायकेला 29

प. सिंहभूम 597

रांची 196

खूंटी 19

गुमला 46

सिमडेगा 17

लोहरदगा 9

लातेहार 124

पलामू 184

गढ़वा 65

जमशेदपुर: कांग्रेस जिला महामंत्री मो. वासिम के मलेशिया में रहने वाले दो बेटे व शादीशुदा बेटी के नाम भी मतदाता सूची में

जमशेदपुर | फर्जीवाड़ा कर एसआईआर में नाम जुड़वाने की कोशिश करने वाले तीन अफगानी नागरिकों के बाद जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है। ये तीनों कांग्रेस के जिला महामंत्री मो. वासिम के घर किराए पर रहते थे। जांच में पता चला कि मो. वासिम के दो बेटे मलेशिया में रहते हैं। वहां की महिलाओं से शादी कर रखी है। फिर भी दोनों के नाम जमशेदपुर पूर्वी विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में दर्ज है। वासिम की बेटी का नाम भी सूची में है। बेटी की शादी हो चुकी है ओर पति दुबई में रहते हैं। लेकिन उनका नाम मतदाता सूची से नहीं हटाया गया है। जांच में पता चला कि इस क्षेत्र के काफी लोग अपनी शादीशुदा बेटियों का नाम मायके की ही मतदाता सूची में रखना चाह​ते हैं।

साहिबगंज के दौरे पर बरहरवा गए मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने भी ऐसे मामले पकड़े थे, जिसमें गलत दस्तावेज के आधार पर वोटर लिस्ट में अपना नाम जुड़वा रहे थे। इस बीच, जमशेदपुर में कुछ अफगानियों के पकड़ में आने के बाद सतर्कता और बढ़ गई है। ये अफगानी गलत दस्तावेज के आधार पर मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वा रहे थे। इनके खिलाफ एफआईआर कराई गई है।

दो जगहों पर नाम होने की स्थिति में भी होता है फॉर्म 7 का उपयोग

फॉर्म 7 का उपयोग केवल किसी अपात्र, मृत या स्थानांतरित व्यक्ति का नाम हटाने के लिए ही नहीं, बल्कि कई बार मतदाता खुद उन मामलों में इसका उपयोग करते हैं, जब उनका नाम दो अलग-अलग जगहों पर दर्ज हुआ रहता है।

दावा एवं आपत्ति प्राप्त करने की अंतिम तिथि: 15 सितंबर 2026

अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन की तिथि: 19 अक्टूबर 2026

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