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मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय की बड़ी चूक! SI पदोन्नति सूची में शामिल किए 2 दिवंगत अधिकारियों के नाम| Navbharat Live

July 23, 2026

Updated On: Jul 23, 2026 | 09:28 PM IST

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सार

MP Police News: मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय की बड़ी लापरवाही, 2035 एएसआई की प्रमोशन सूची में शामिल किए 2 दिवंगत अधिकारियों के नाम, पीएचक्यू के रिकॉर्ड अपडेट पर उठे सवाल।

A major administrative lapse has come to light after the Madhya Pradesh Police Headquarters allegedly included the names of two deceased officers in the Sub-Inspector (SI) promotion list

एसआई प्रमोसन लिस्ट में दो दिवंगत अधिकारियों के नाम (सोर्स- सोशल मीडिया)

विस्तार

SI Promotion List Controversy MP: मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय (पीएचक्यू) की ओर से जारी उपनिरीक्षक (एसआई) पदोन्नति सूची ने पूरे पुलिस महकमे को हैरानी में डाल दिया है। लंबे इंतजार के बाद 2035 सहायक उपनिरीक्षकों (एएसआई) और कार्यवाहक उपनिरीक्षकों को एसआई पद पर पदोन्नति दी गई, लेकिन सूची में दो ऐसे अधिकारियों के नाम भी शामिल कर दिए गए, जिनका कई महीने पहले ही निधन हो चुका था। इस चूक के सामने आने के बाद पुलिस मुख्यालय की रिकॉर्ड अपडेट प्रक्रिया और सत्यापन व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

प्रमोशन सूची में शामिल थे दो दिवंगत अधिकारी

20 जुलाई 2026 को जारी पदोन्नति सूची में 798वें क्रमांक पर जुगल किशोर सोनी का नाम दर्ज किया गया, जिन्हें आगर मालवा में पदस्थ बताया गया। जबकि उनका बीमारी के चलते 6 दिसंबर 2025 को ही निधन हो चुका था। इसी तरह 1115वें क्रमांक पर राकेश सिंह बघेल का नाम भी सूची में शामिल किया गया, जिन्हें पन्ना जिले में पदस्थ दर्शाया गया। उनका भी वर्ष 2025 में कार्डियक अरेस्ट से निधन हो गया था। सूची सार्वजनिक होने के बाद पुलिस विभाग के कर्मचारियों के बीच इस गलती को लेकर चर्चा तेज हो गई।

रिकॉर्ड सत्यापन प्रक्रिया पर उठे गंभीर सवाल

पुलिस मुख्यालय का दावा है कि पदोन्नति से पहले जिला और राज्य स्तर पर सेवा रिकॉर्ड, पात्रता और दस्तावेजों का विस्तृत सत्यापन किया जाता है। यह प्रक्रिया सामान्य प्रशासन विभाग के दिशा-निर्देशों और मध्य प्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम-2025 के तहत पूरी होती है। इसके बावजूद दिवंगत अधिकारियों के नाम सूची में शामिल होना रिकॉर्ड अपडेट और डेटा समन्वय में बड़ी चूक माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि मृत्यु जैसी महत्वपूर्ण जानकारी समय पर रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हुई, तो सत्यापन प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

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आगर मालवा के पुलिस अधीक्षक दिलीप कुमार सोनी ने बताया कि कार्यवाहक उपनिरीक्षक जुगल किशोर सोनी के निधन के तुरंत बाद इसकी सूचना संबंधित कार्यालय और पुलिस मुख्यालय को भेज दी गई थी। उनके अनुसार पदोन्नति की पूरी प्रक्रिया मुख्यालय स्तर से संचालित होती है।

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अब यह मामला सामने आने के बाद पुलिस मुख्यालय को दोबारा स्थिति से अवगत कराया जा रहा है। वर्षों के इंतजार के बाद जारी हुई पदोन्नति सूची ने जहां हजारों पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों को खुशी दी, वहीं इस प्रशासनिक चूक ने पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजर इस बात पर है कि क्या पुलिस मुख्यालय संशोधित पदोन्नति सूची जारी करेगा और इस गलती के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

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