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रीवा के तराई अंचल में SDERF का रेस्क्यू, VIDEO: उफनती टमस नदी में बोट का बिगड़ा संतुलन, 3 दिन से फंसे लोग सुरक्षित निकाले - Rewa News

September 3, 2026

रीवा के तराई अंचल में उफनती टमस नदी और तेज बहाव के बीच SDERF की टीम ने रेस्क्यू अभियान चलाया। जिला सेनानी और कलेक्टर के निर्देश पर SDERF निरीक्षक विकास पाण्डेय, DRC और टीम ने SDM व तहसीलदार के साथ मिलकर प्रभावित क्षेत्रों में बोट से पहुंचकर फंसे लोगो

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टीम ने सितलाहा, जवा, जानकहाई, बासुहारन, बनवा, चांदी, नीवा सहित अन्य स्थानों पर बोट के जरिए पहुंचकर ग्रामीणों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की। बीमार और जरूरतमंद लोगों को भी बाहर निकलने के लिए समझाया गया। कई लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।

महाना नदी के संगम पर तेज बहाव, कई बार बिगड़ा बोट का संतुलन

रेस्क्यू अभियान के दौरान टमस नदी उफान पर थी। महाना नदी के संगम पर पानी का बहाव बेहद तेज था। यहां फंसे लोगों तक पहुंचने के दौरान SDERF की बोट को तेज बहाव का सामना करना पड़ा। कई बार बोट का संतुलन बिगड़ गया। पानी की रफ्तार इतनी ज्यादा थी कि कुछ जगहों पर बोट का इंजन भी कमजोर पड़ता नजर आया। इसके बावजूद टीम ने हिम्मत नहीं छोड़ी और सावधानी के साथ बोट को आगे बढ़ाते हुए प्रभावित गांवों तक पहुंच बनाई।

SDERF कमांडर विकास पांडेय ने बताया कि तेज बहाव के बीच टीम ने ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए समझाया। जरूरतमंद लोगों को बोट के माध्यम से बाहर निकाला गया। साथ ही जलभराव वाले गांवों में फंसे लोगों तक दवाइयां, सूखा राशन और सब्जियां भी पहुंचाई गईं।

देउखर-घुनघटा मार्ग तीन दिन से बाधित, फंसे लोगों को निकाला

देउखर से घुनघटा के बीच मार्ग बाधित होने के कारण कई लोग तीन दिन से फंसे हुए थे। SDERF की टीम ने मौके पर पहुंचकर इन्हें सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया। जलभराव के कारण प्रभावित गांवों में आवागमन प्रभावित था, ऐसे में टीम ने बोट के जरिए आवश्यक सामान भी पहुंचाया।

घुनघटा में कई लोगों के बीमार होने की सूचना मिली थी। इसके बाद SDERF की टीम डॉक्टर को भी अपने साथ लेकर गांव पहुंची। डॉक्टर ने वहां बीमार लोगों की जांच कर इलाज किया। इलाज के बाद डॉक्टर को भी सुरक्षित वापस लाया गया। इस दौरान जनप्रतिनिधि और सरपंच भी टीम के साथ मौजूद रहे।

महिलाओं को भी सुरक्षित पहुंचाया

रेस्क्यू अभियान के दौरान जवा से अकौरी तक चार से पांच महिलाओं को अन्य वाहन के माध्यम से सुरक्षित पहुंचाया गया। टीम ने प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की जरूरत के अनुसार मदद उपलब्ध कराई और लगातार ग्रामीणों से सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील की।

गुरगुदा और देवखर के इन लोगों को सुरक्षित निकाला

ग्राम गुरगुदा: जोगेन्द्र केवट, रघुवर केवट, श्यामवती केवट, अजय केवट, बृजकिशोर केवट, बुद्धराज केवट, देवलाल केवट, राजेश केवट, धर्मेंद्र केवट, पप्पू केवट और पंडित केवट।

ग्राम देवखर: रंजीत चर्मकार, कौशल्या नन्दन, रामदुलारी चर्मकार, रामप्रसाद चर्मकार, सविता चर्मकार, शीला चर्मकार और गंगा प्रसाद चर्मकार।

SDERF का रेस्क्यू अभियान शाम 7:15 बजे समाप्त हुआ। इस दौरान टीम ने बाढ़ प्रभावित गांवों में पहुंचकर फंसे लोगों को सुरक्षित निकाला और जरूरतमंदों तक दवा, सूखा राशन, सब्जियां समेत अन्य आवश्यक सामग्री पहुंचाई। अभियान पूरा होने के बाद ग्रामीणों ने SDERF टीम का धन्यवाद किया और टीम के साहसिक प्रयासों की सराहना की।