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School Closed in Manipur: मणिपुर में बिगड़ी कानून-व्यवस्था के चलते स्कूल-कॉलेज बंद, राज्य सरकार ने जारी किया आदेश

August 20, 2026

एजुकेशन

  • Authored by: वर्षा कुशवाहा
  • Updated Aug 20, 2026, 10:08 AM IST

School Closed in Manipur: मणिपुर में लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने छात्रों, शिक्षकों और शैक्षणिक संस्थान में काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा को देखते हुए तीन दिन तक स्कूल बंद करने का आदेश जारी किया है।

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School Closed in Manipur (Photo - AI)

School Closed in Manipur: मणिपुर में मौजूदा कानून और व्यवस्था की स्थिति को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। यह फैसला स्कूल और कॉलेज के छात्रों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। शिक्षा विभाग द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, राज्य भर के सभी स्कूलों, कॉलेजों और उच्च शिक्षण संस्थानों को अस्थायी रूप से बंद करने की घोषणा की गई है। यह आदेश गुरुवार, 20 अगस्त 2026 से शनिवार, 22 अगस्त 2026 तक लागू रहेगा। राज्यपाल के निर्देश पर जारी इस फैसले का मुख्य उद्देश्य छात्रों, शिक्षकों और शैक्षणिक संस्थानों से जुड़े कर्मचारियों की सुरक्षा को सुनिश्चित करना है।

आदेश से जुड़ी मुख्य बातें

मणिपुर सरकार के सचिवालय (शिक्षा विभाग) द्वारा 19 अगस्त 2026 को जारी इस आदेश में कई महत्वपूर्ण बिंदु शामिल हैं:

सभी बोर्ड के स्कूलों पर लागूयह निर्देश सेकेंडरी शिक्षा बोर्ड, हायर सेकेंडरी शिक्षा काउंसिल, सीबीएसई (CBSE) या अन्य किसी भी बोर्ड से संबद्ध सभी स्कूलों पर समान रूप से लागू होगा।
उच्च शिक्षण संस्थान भी रहेंगे बंदफैसले के दायरे में राज्य के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त यानी एडेड और प्राइवेट कॉलेज, यूनिवर्सिटीज और उच्च शिक्षण संस्थान शामिल हैं।
बंद रहने की अवधिसभी शैक्षणिक संस्थान 20 अगस्त से 22 अगस्त 2026 तक पूरी तरह बंद रहेंगे।

यह आदेश सरकार के कमिश्नर-कम-सेक्रेटरी (शिक्षा) निंगथौजम जेफ्री द्वारा जारी किया गया है। प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों को इस आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

क्यों लिया गया शैक्षणिक संस्थानों को बंद करने का फैसला

बता दें कि मणिपुर में NRC को लागू करने की मांग की जा रही है। मेइतेइ समूह का कहना है कि जनगणना से पहले एनआरसी लागू किया जाए, ताकि 1951 के बाद जो भी लोग पड़ोसी देशों से मणिपुर में आकर बसे हैं उनकी पहचन की जा सके। मुख्य तौर यह मांग राज्य के मूल निवासियों के हितों को ध्यान में रखते हुए की जा रही है। बता दें कि यह मांग केवल मणिपुर में ही नहीं उठी। 2019 से पहले असम में भी एनआरसी लागू करने की मांग उठी थी, जिसमें बिना दस्तावेज वाले प्रवासियों की पहचान की मांग की गई थी। 2019 में इसके लिए एनआरसी को अपडेट किया गया है। इसी स्थिति को देखते हुए छात्रों की सुरक्षा के लिए सरकार द्वारा तीन दिन स्कूल बंद करे का फैसला लिया गया है।

Varsha Kushwaha

वर्षा कुशवाहाauthor

वर्षा कुशवाहा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की एजुकेशन डेस्क पर बतौर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं और पिछले 5 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हैं। जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा पूरा करने के बाद उन्होंने न्यूज रूम में तेजी, सटीकता और गहराई के साथ काम करते हुए अपनी मजबूत संपादकीय पहचान बनाई है। वर्षा की विशेषज्ञता हाइपर-लोकल खबरों, इवेंट कवरेज और स्टेट पॉलिटिक्स से जुड़ी रिपोर्टिंग में भी है। अब तक वर्षा कुशवाहा 8,000 से अधिक खबरें लिख चुकी हैं, जिनमें कई अहम लोकल रिपोर्ट्स, एजुकेशन और करियर की खबरें तथा फीचर-आधारित स्टोरीज शामिल हैं।

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