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मुंबई की पूर्व मेयर विशाखा राउत की अयोग्यता पर SC में सुनवाई, पार्षद सीट खाली रखने का निर्देश

September 22, 2026

सुप्रीम कोर्ट ने विशाखा राउत के जाति प्रमाण पत्र को अमान्य करने और उनकी अयोग्यता को चुनौती देने वाली याचिका पर चुनाव आयोग प्रिया सरवणकर को नोटिस भेजा है.

मुंबई की पूर्व मेयर विशाखा राउत की अयोग्यता पर SC में सुनवाई, पार्षद सीट खाली रखने का निर्देश

सुप्रीम कोर्ट

पीयूष पांडे

पीयूष पांडे | Edited By: जूही उरूषा खान |  Updated on: Sep 22, 2026 2:55 PM IST

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4 मुख्य बातें

  • विशाखा राउत की याचिका पर SC ने जारी किया नोटिस
  • चुनाव आयोग और प्रिया सरवणकर को नोटिस
  • पार्षद की खाली सीट भरने पर लगाई रोक
  • OBC प्रमाणपत्र अमान्य होने पर हुई थी अयोग्यता

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (22 सितंबर) को शिवसेना (UBT) की कॉर्पोरेटर और मुंबई की पूर्व मेयर विशाखा राउत के ओबीसी (OBC) जाति प्रमाण पत्र के अमान्य होने और उनकी अयोग्यता को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई की. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग और राउत की प्रतिद्वंद्वी शिवसेना (शिंदे गुट) की प्रिया सरवणकर को नोटिस जारी किया है.

सुप्रीम कोर्ट ने विशाखा राउत की पार्षद सीट को खाली रखने का निर्देश दिया है. कोर्ट ने कहा कि राउत के पास पहले जो पार्षद सीट थी उसे भरा न जाए. कोर्ट ने कहा कि लंबित अपील पर अपीलीय अथॉरिटी पूरी तरह से किसी प्रभाव में आए बिना फैसला करे. जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने ये आदेश दिया है.

विशाखा राउत की वकील ने दी दलील

विशाखा राउत याचिका में OBC जाति प्रमाण पत्र अमान्य होने के कारण अपनी अयोग्यता को चुनौती दी थी. सुनवाई के दौरान राउत की वकील इंदिरा जयसिंह ने कहा अपील की कार्यवाही पर रोक लगाई जाए. मेरी प्रतिद्वंद्वी उस पद पर बैठना चाहती हैं और इसकी इजाजत नहीं दी जा सकती. उन्होंने कहा कि उस सीट को खाली रखा जाना चाहिए.

वकील इंदिरा जयसिंह ने कहा हाई कोर्ट के फैसले और चुनाव याचिका दोनों पर रोक लगनी चाहिए. उन्होंने कहा कि जब ​​तक दोनों याचिकाओं पर फैसला नहीं हो जाता, तब तक सीट खाली रखी जा सकती है. उन्होंने कहा कि उनकी कोशिश है कि मेरी अपील पर फैसला आने से पहले ही वो मेरी सीट पर बैठ जाएं.

प्रिया सरवणकर को हराया था

विशाखा राउत ने वार्ड 191 (OBC महिला के लिए आरक्षित) से चुनाव जीता था. उन्होंने एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना की उम्मीदवार प्रिया सरवणकर (विधायक सदा सरवणकर की बेटी) को हराया था. चुनाव के बाद जाति जांच समिति ने विशाखा राउत के ओबीसी (कुनबी) जाति प्रमाणपत्र को अवैध घोषित कर दिया. इसके बाद प्रिया सर्वंकर गुरव ने बीएमसी कमिश्नर से मिलकर राउत को अयोग्य घोषित करने की मांग की थी.

विशाखा राउत कॉर्पोरेटर पद से अयोग्य घोषित

जाति प्रमाणपत्र रद्द होने के कारण महाराष्ट्र सरकार और बीएमसी ने विशाखा राउत को कॉर्पोरेटर पद से अयोग्य घोषित कर दिया और उनकी सीट खाली हो गई. बॉम्बे हाई कोर्ट ने भी इस फैसले को बरकरार रखा था. इस अयोग्यता और हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ जब मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, जहां सुप्रीम कोर्ट ने इस पर सुनवाई करते हुए चुनाव आयोग और शिकायतकर्ता प्रिया सर्वंकर गुरव को नोटिस जारी कर उनका पक्ष मांगा है.

पीयूष पांडे

पीयूष पांडे

प्रमुखत: सुप्रीम कोर्ट, वित्त मंत्रालय और भारतीय निर्वाचन आयोग की खबरों की जिम्मेदारी. पत्रकारिता में 22 वर्षों से ज्यादा का अनुभव. हिंदुस्तान, अमर उजाला, दैनिक भास्कर और आज में सेवाएं दीं. खबरिया चैनल और अखबार के अलावा दैनिक भास्कर के डिजिटल प्लेटफॉर्म में जिम्मेदारी निभाई, जबकि ऑल इंडिया रेडियो के आमंत्रण पर कई विशिष्ट जनों के साक्षात्कार किए.

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