Sep 12, 2026 03:14 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान

सोशल मीडिया पर एक महिला ने अपनी एक वीडियो शेयर कर अपने करियर की जर्नी के बारे में बताया है। महिला ने दावा किया कि वो एसबीआई में बैंक असिस्टेंट मैनेजर के तौर पर नौकरी कर रही थीं।

एसबीआई में मैनेजर की नौकरी छोड़ शुरू किया ये काम
ज्यातादर लोगों को दूसरों का काम और नौकरी बेहद पसंद आती है। जब सरकारी नौकरी हो, तो लोग मान ही लेते हैं कि आरामदायक काम होगा। अच्छी सैलरी होगी। लेकिन नौकरी में कितना आराम है और कितना काम, ये तो वहां नौकरी करने वाली ही व्यक्ति बता सकता है। क्योंकि सुकून सबको चाहिए। अगर मैं कहूं कि एक महिला ने बैंक की सरकारी नौकरी इसलिए छोड़ दी, क्यों काम का बोझ और तनाव दोनों ही बढ़ रहा था। जी हां, अगर आपको लगता है कि बैंक में काम करने वाले लोगों की आरामदायक नौकरी होती है, आपको इस महिला की कहानी जरूर जाननी चाहिए। सोशल मीडिया पर इस युवती की कहानी काफी वायरल हो रही है। दिलचस्प बात यह है कि युवती ने नौकरी छोड़ने के बाद खुद का स्टार्टअप शुरू किया है। यानी महिला ने अपने करियर की एक नई दिशा दे दी है।
महिला ने शेयर की वीडियो
सोशल मीडिया पर एक महिला ने अपनी एक वीडियो शेयर कर अपने करियर की जर्नी के बारे में बताया है। महिला ने दावा किया कि वो एसबीआई में बैंक असिस्टेंट मैनेजर के तौर पर नौकरी कर रही थीं। महिला ने कहा कि नौकरी सुरक्षित और अच्छी सैलरी वाली थी, लेकिन लगातार तनाव और लंबे समय तक बैठकर काम करने की वजह से उनके हेल्थ पर असर पड़ रहा था। इसके बाद उन्होंने नौकरी छोड़ने का फैसला लिया।
बन गईं योग टीचर
नौकरी छोड़ने के बाद महिला ने अपना खुद का स्टार्टअप शुरू किया है। जी हां, अब वो योग टीचर बन गईं हैं। जी हां, महिला ने उत्तर प्रदेश के मेरठ में अपना योग स्टूडियो शुरू किया है।
शुरू किया खुद का स्टूडियो
इस स्टूडियो का नाम तुला वेलनेस (Tulaa Wellness) है। आपको बता दूं कि बैंक मैनेजर और योग टीचर दोनों ही अलग-अलग करियर के फील्ड हैं। वो कहती हैं किहर व्यक्ति के लिए नौकरी छोड़ना संभव नहीं होता और ऐसा करना जरूरी भी नहीं है। नौकरी करते हुए भी लोग अपने शरीर और मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रख सकते हैं।
काम के साथ करें ये चीजें
अब महिला का पूरा ध्यान योग पर है। वो सलाह देती हैं कि अगर कोई व्यक्ति रोज कई घंटे बैठकर काम करता है और लगातार थकान या तनाव महसूस करता है, तो वह अपनी दिनचर्या में योग, स्ट्रेचिंग और शारीरिक गतिविधियों को शामिल कर सकता है। उन्होंने लोगों से कहा कि बेहतर महसूस करने के लिए अपनी पूरी जिंदगी बदलने की जरूरत नहीं है। रोजमर्रा की व्यस्त जिंदगी के बीच भी शरीर को मजबूत, लचीला और स्वस्थ रखने के लिए छोटे-छोटे कदम उठाए जा सकते हैं।