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Sawan 2026: शंकर स्वरूप से लेकर रुद्राक्ष श्रृंगार तक...सावन में होंगे बाबा विश्वनाथ के इन अलौकिक स्वरूपों में दर्शन

July 27, 2026

Sawan 2026: शंकर स्वरूप से लेकर रुद्राक्ष श्रृंगार तक...  सावन में होंगे बाबा विश्वनाथ के इन अलौकिक स्वरूपों में दर्शन

काशी विश्वनाथ मंदिरImage Credit source: PTI

Kashi Vishwanath Sawan 2026: सावन का पवित्र महीना शुरू होने वाला है. द्रिक पंचांग के अनुसार, इस साल सावन 30 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्तर को सावन माह की पूर्णिमा तक रहेगा. ये एक पूरा माह शिव जी की भक्ति को समर्पित किया गया है. सावन में देशभर के शिव मंदिरों का नजारा देखते ही बनता है. इस दौरान शिव मंदिरों में भारी भीड़ रहती है. भक्त महादेव का जलाभिषेक करते हैं. सावन में काशी विश्वनाथ मंदिर का दृश्य भी अद्भुत होता है. काशी में महादेव ज्योतिर्लिंग के रूम में हैं.

मान्यता है कि काशी नगरी शिव जी के त्रिशूल पर टिकी है. सावन माह में काशी विश्वननाथ मंदिर में बाबा के दर्शन के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है, जिसके मद्देनजर शिव की नगरी काशी में तैयारियां कर ली गईं हैं. श्री काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन की ओर से भक्तों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए व्यापक इंतजाम किए गए हैं. इस साल अगस्त में 03, 10 17 और 24 तारीख को सावन के सोमवार पड़ेंगे. इस दौरान बाबा विश्वनाथ के अलग-अलग चार विशेष श्रृंगार किए जाएंगे.

सावन में किए जाएंगे बाबा विश्वनाथ के 4 विशेष श्रृंगार

श्री काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन ने सावन के सोमवार के दौरान होने वाले बाबा के विशेष श्रृंगारों की सूची जारी कर दी है. प्रत्येक सोमवार को बाबा विश्वनाथ का एक विशेष और दिव्य रूप में श्रृंगार किया जाएगा. सावन के पहले पहले सोमवार यानी 03 अगस्त को बाबा विश्वनाथ का शंकर श्रृंगार किया जाएगा. दूसरे सावन सोमवार को बाबा गौरी शंकर रूप में भक्तों को दर्शन देंगे. तीसरें सोमवार का बाबा का अर्धनारीश्वर श्रृंगार किया जाएगा. चौथे और अंतिम सावन के सोमवार पर रुद्राक्ष श्रृंगार किया जाएगा.

सावन माह में शिव जी की पूजा का महत्व

सनातन धर्म की मान्यताओं के अनुसार, पूरे सावन माह में शिव जी की भक्ति करने से विशेष पुण्य प्राप्त होता है. सावन के सोमवार को भगवान शंकर का विधि-विधान से पूजन और दर्शन करने से सभी मनोकामनाएं जल्दी पूरी हो जाती हैं. सावन में कावड़ यात्रा निकाली जाती है, जिसमें कावड़िये पावन नदियों से जल लाकर महादेव का जलाभिषेक करते हैं और उनसे सुख-समृद्धि की कामना करते हैं.

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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. टीवी9 भारतवर्ष इसकी पुष्टि नहीं करता है.

वरुण कुमार

वरुण कुमार

वरुण कुमार पिछले पांच वर्षों से पत्रकारिता जगत का हिस्सा हैं. साल 2021 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद प्रभासाक्षी न्यूज वेबसाइट से पत्रकारिता की शुरुआत की और फिर एबीपी न्यूज का हिस्सा बने. अब TV9 डिजिटल की धर्म टीम के साथ काम कर रहे हैं.

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