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Sagar Poisonous Liquor: जहरीली शराब से 22 मौतें, 112 अस्पताल में भर्ती; 30 नामजद आरोपी, 10 गिरफ्तार - Haribhoomi

September 7, 2026

सागर के बंडा क्षेत्र में जहरीली शराब पीने से अब तक 22 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 112 लोग अस्पतालों में भर्ती हैं। पुलिस ने 30 नामजद आरोपियों पर केस दर्ज कर 10 को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में शराब में मेथेनॉल की मिलावट सामने आई है।

Sagar Poisonous Liquor

19 मौतें, 112 अस्पताल में भर्ती; 30 नामजद आरोपी

  • Published: 07 Sep 2026, 03:20 PM IST
  • Last Updated: 07 Sep 2026, 05:47 PM IST

मध्यप्रदेश: सागर जिले के बंडा क्षेत्र में जहरीली शराब पीने से मौतों का आंकड़ा बढ़कर 22 हो गया है। सोमवार सुबह तीन और लोगों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इनमें धुरमार निवासी 55 वर्षीय महेश रावत, छापरी गांव की 50 वर्षीय श्याम बाई अहिरवार और पापेट गांव के कृष्ण कुमार लोधी शामिल हैं। इससे पहले रविवार रात भोपाल एयरलिफ्ट किए गए राम प्रसाद लोधी की मौत हुई थी। उनके पिता गोविंद लोधी की भी रविवार को मौत हो गई।

फिलहाल 112 लोग अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हैं। बमूरा भेड़ा गांव में ही छह लोगों की मौत हो चुकी है। घटना के बाद गांवों में मातम का माहौल है और मृतकों के अंतिम संस्कार किए जा रहे हैं।

30 लोगों पर FIR, 10 गिरफ्तार
पुलिस ने मामले में करीब 30 नामजद आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की है। इनमें शराब बेचने वाले लोगों के साथ लाइसेंसी ठेकेदार भी शामिल हैं। पुलिस ने अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनसे शराब की सप्लाई और पूरे नेटवर्क के बारे में पूछताछ की जा रही है। फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।

20 रुपए सस्ती शराब से शुरू हुआ मामला
FIR में दर्ज शिकायत के मुताबिक, गांव में अवैध रूप से शराब बेचने वाले लोगों के जरिए एक नया सस्ता ब्रांड पहुंचाया गया था। दुकानदार जुझार लोधी ने बताया था कि शराब बाजार से करीब 20 रुपए सस्ती मिलेगी। एक व्यक्ति ने आशंका जताई थी कि कहीं यह नकली या जहरीली शराब तो नहीं है।

इसके बावजूद राजेंद्र लोधी ने 70 रुपए में देशी शराब का क्वार्टर खरीदा और पी लिया। इसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई। अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। करतार सिंह लोधी और दिग्विजय सिंह लोधी की भी शराब पीने से मौत की बात सामने आई है।

ततरवारा से सप्लाई का दावा
ग्रामीणों का आरोप है कि नौराज ग्राम पंचायत के ततरवारा गांव में लंबे समय से अवैध शराब बनाई जा रही है और आसपास के गांवों में इसकी सप्लाई होती है। हालांकि शराब का वास्तविक स्रोत और नेटवर्क पुलिस जांच का विषय है।

शुरुआती जांच में शराब में मेथेनॉल की मिलावट मिलने की बात सामने आई है। मेथेनॉल जहरीला अल्कोहल है, जिसका इस्तेमाल औद्योगिक कामों में होता है। इसे पीने से गंभीर विषाक्तता और मौत तक हो सकती है।

डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने बमूरा भेड़ा पहुंचकर प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने घटना को लेकर सरकार और पुलिस पर सवाल उठाते हुए एसपी पर FIR दर्ज करने और उन्हें जेल भेजने की मांग की है।