बिहार की सियासत में इन दिनों मृत्युंजय तिवारी सुर्खियों में बने हुए हैं. इसकी वजह है कि उनका राष्ट्रीय जनता दल में सभी पदों से इस्तीफा देना. उनके इस्तीफे के बाद ये अटकलें लगाई जा रही हैं कि आखिर लंबे वक्त से राजद से जुड़े तिवारी इस पार्टी को छोड़ने के बाद कहां जाएंगे. मृत्युंजय तिवारी के राजद से इस्तीफा देने के 24 घंटे के अंदर ही उनकी कुछ तस्वीरें सामने आई हैं. इन तस्वीरों ने उनके आगामी सियासी कदम को लेकर कुछ संकेत जरूर दे दिए हैं. जी हां मृत्युंजन कुमार इस्तीफा देने के बाद सीधे मध्य प्रदेश पहुंचे हैं. आइए जानते हैं पूरा मामला....
बीजेपी के वरिष्ठ नेता से मुलाकात
बिहार की राजनीति में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के वरिष्ठ नेता और लंबे समय तक पार्टी का मुखर पक्ष रखने वाले मृत्युंजय तिवारी के इस्तीफे ने नई राजनीतिक चर्चाओं को जन्म दे दिया है. उन्होंने अभी तक किसी दूसरी पार्टी में शामिल होने की आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन भाजपा के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से उनकी मुलाकात ने सियासी गलियारों में अटकलों का दौर तेज कर दिया है.
सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीरों के बाद यह सवाल उठने लगा है कि क्या मृत्युंजय तिवारी जल्द ही अपनी नई राजनीतिक पारी किसी नए दल के साथ शुरू करेंगे, या यह केवल एक शिष्टाचार मुलाकात थी.
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कैलाश विजयवर्गीय से मुलाकात बनी चर्चा का केंद्र
मृत्युंजय तिवारी ने इंदौर में कैलाश विजयवर्गीय से मुलाकात की तस्वीरें साझा करते हुए उन्हें व्यवहारिक, लोकप्रिय और जनप्रिय नेता बताया. उन्होंने मुलाकात के दौरान मिले सम्मान और आत्मीयता के लिए सार्वजनिक रूप से आभार भी व्यक्त किया.
राजनीति में नेताओं की मुलाकातों को अक्सर भविष्य के संकेत के रूप में देखा जाता है. ऐसे में, हाल ही में पार्टी छोड़ चुके नेता की इस मुलाकात ने राजनीतिक अटकलों को और हवा दे दी है. हालांकि, यह भी कहा जा रहा है कि यह मुलाकात उनके RJD से इस्तीफा देने से पहले की है, इसलिए फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी.
Patna, Bihar: On his resignation, former RJD spokesperson Mrityunjay Tiwari says, "...When a loyal, dedicated and honest party worker like me feels that my dignity has been hurt, it naturally pains every party leader and worker. I had also spoken to Tejashwi Yadav, but nobody… pic.twitter.com/E1MID7UM3a
— IANS (@ians_india) July 17, 2026
RJD में लंबे समय तक निभाई अहम भूमिका
मृत्युंजय तिवारी को RJD का प्रमुख ब्राह्मण चेहरा माना जाता रहा है. वे वर्षों तक पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और मीडिया प्रभारी की भूमिका निभाते रहे. वर्ष 2014 में लालू प्रसाद यादव ने उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी थी, जिसके बाद उन्होंने लगातार पार्टी की नीतियों और नेतृत्व का मजबूती से बचाव किया.
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे अनुभवी नेता का पार्टी छोड़ना केवल संगठनात्मक नुकसान नहीं बल्कि प्रतीकात्मक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जाएगा.
उपेक्षा का आरोप लगाकर छोड़ी पार्टी
इस्तीफे के बाद मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि पिछले कई महीनों से उन्हें संगठन में लगातार नजरअंदाज किया जा रहा था. उन्होंने अपनी बात वरिष्ठ नेताओं तक पहुंचाने की कोशिश भी की, लेकिन उनकी शिकायतों पर कोई गंभीर ध्यान नहीं दिया गया.
उनका कहना है कि पार्टी में कुछ नए प्रभावशाली लोगों का दबदबा इतना बढ़ गया है कि पुराने और वरिष्ठ नेता भी खुलकर अपनी बात नहीं रख पा रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने हमेशा पार्टी अनुशासन का पालन किया और कभी संगठन विरोधी गतिविधि में शामिल नहीं हुए, लेकिन सम्मान नहीं मिलने के कारण उन्हें यह फैसला लेना पड़ा.
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क्या बदलेगा बिहार का जातीय समीकरण?
बिहार की राजनीति में सामाजिक और जातीय समीकरण हमेशा निर्णायक भूमिका निभाते रहे हैं. RJD की पहचान लंबे समय तक मुस्लिम-यादव (MY) समीकरण वाली पार्टी के रूप में रही है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में उसने सवर्ण समाज, विशेषकर ब्राह्मण समुदाय में भी अपनी स्वीकार्यता बढ़ाने का प्रयास किया.
ऐसे में यदि मृत्युंजय तिवारी किसी दूसरे राजनीतिक दल का दामन थामते हैं, तो इसका असर केवल एक नेता के दल बदलने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका राजनीतिक संदेश भी व्यापक हो सकता है. खासकर ऐसे समय में जब राज्य में उपचुनाव और आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं.
दूसरे दलों के लिए क्यों अहम हो सकते हैं मृत्युंजय तिवारी?
मृत्युंजय तिवारी केवल संगठनात्मक नेता ही नहीं, बल्कि मीडिया और राजनीतिक विमर्श में भी मजबूत पकड़ रखने वाले नेता माने जाते हैं. लंबे समय तक विपक्ष की राजनीति का चेहरा रहने के कारण उन्हें बिहार की राजनीतिक परिस्थितियों और सामाजिक समीकरणों की अच्छी समझ है.
यदि भविष्य में वे किसी अन्य दल में शामिल होते हैं, तो संबंधित पार्टी को एक अनुभवी प्रवक्ता, रणनीतिकार और सवर्ण समाज के प्रभावशाली चेहरे के रूप में उनका लाभ मिल सकता है.
फिलहाल केवल अटकलें, आधिकारिक फैसला बाकी
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार मृत्युंजय तिवारी ने केवल RJD से इस्तीफा दिया है. उन्होंने किसी नई पार्टी में शामिल होने की आधिकारिक घोषणा नहीं की है और न ही किसी राजनीतिक दल ने उनके प्रवेश की पुष्टि की है.
हालांकि, हालिया मुलाकातों और राजनीतिक गतिविधियों ने यह जरूर स्पष्ट कर दिया है कि बिहार की राजनीति में उनकी अगली चाल पर सभी दलों की नजर बनी हुई है. आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि वे किसी नए राजनीतिक मंच के साथ आगे बढ़ते हैं या स्वतंत्र राजनीतिक भूमिका निभाने का फैसला करते हैं. इतना तय है कि उनका अगला कदम बिहार की सियासत में नई चर्चा को जन्म दे सकता है.
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