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RBI का बड़ा फैसला आज: कार लोन की EMI पर क्या होगा असर? बुकिंग से पहले ये गणित समझें

October 7, 2026

Published: Wednesday, October 7, 2026, 7:55 [IST]

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति आज यानी बुधवार, 7 अक्टूबर 2026 की सुबह ब्याज दरों पर अपना बड़ा फैसला सुनाने जा रही है। इस ऐलान से ठीक पहले रेपो रेट 5.25 फीसदी पर है, जबकि बाजार इस बात पर बटा हुआ है कि दरें 25 बेसिस पॉइंट (0.25%) बढ़ेंगी या नहीं। अगर आप नई कार खरीदने की सोच रहे हैं, तो आपके मन में सबसे बड़ा सवाल यही होगा कि इसका आपकी EMI पर क्या असर पड़ेगा और क्या आपको कार अभी बुक करनी चाहिए या थोड़ा रुकना चाहिए? आपकी इसी उलझन को दूर करने के लिए हमने नीचे अलग-अलग गणित समझाया है, ताकि आप सही समय पर सही फैसला ले सकें।

आरबीआई के फैसले के साथ-साथ यह समझना भी बेहद जरूरी है कि बैंक नई दरों का असर आपके लोन पर कब से डालेंगे। आमतौर पर नए कार लोन की ब्याज दरें लोन पास (Disbursal) होते वक्त फिक्स हो जाती हैं, लेकिन बैंक दरें तय करते समय ग्राहक के क्रेडिट स्कोर और लोन की अवधि (Tenure) का खास ध्यान रखते हैं। वहीं, रेपो रेट से जुड़े (Repo-linked floating) लोन्स की दरें हर तीन महीने में कम से कम एक बार रीसेट जरूर होती हैं। यही वजह है कि आरबीआई के फैसले के 48 से 72 घंटों के भीतर बैंक अपनी ब्याज दरों की लिस्ट अपडेट कर देते हैं। त्योहारों के दौरान डीलर्स के साथ मिलकर मिलने वाले ऑफर्स सबसे तेजी से बदलते हैं। इसलिए अपने लोन अप्रूवल लेटर (Sanction letter) में रीसेट डेट और मार्जिन (Spread) को ध्यान से चेक कर लें।

RBI Policy Decision 2026: How Interest Rate Hikes Will Impact Your Car Loan EMI and Buying Strategy

RBI policy decision: EMI impact per lakh

अवधि (Tenure) दरें न बदलने पर (8.50% वार्षिक) 0.25% बढ़ोतरी पर (8.75% वार्षिक) हर महीने का अंतर
5 साल ₹2,052 ₹2,062 ₹10
7 साल ₹1,582 ₹1,596 ₹14

इसे असल आंकड़ों के साथ समझें। अगर ब्याज दरें 0.25% बढ़ती हैं, तो 7 साल की अवधि वाले 10 लाख रुपये के कार लोन पर आपकी EMI हर महीने लगभग ₹140 बढ़ जाएगी। वहीं अगर लोन 12 लाख रुपये का है, तो हर महीने करीब ₹168 की अतिरिक्त चपत लगेगी। 5 साल के लोन की बात करें, तो प्रति 10 लाख रुपये पर किस्त लगभग ₹100 बढ़ जाएगी। यह अनुमान बड़े बैंकों द्वारा अच्छे क्रेडिट स्कोर वाले ग्राहकों को दी जाने वाली मौजूदा ब्याज दरों पर आधारित है।

Car‑loan EMIs: Down payment sweet spots

लक्षित EMI (7 साल के लिए) दरें न बदलने पर अधिकतम लोन (8.50%) 0.25% बढ़ोतरी पर अधिकतम लोन (8.75%)
₹10,000/महीना ≈ ₹6.32 लाख ≈ ₹6.26 लाख
₹15,000/महीना ≈ ₹9.48 लाख ≈ ₹9.38 लाख

इन सीमाओं की मदद से आप अपनी डाउन पेमेंट का सही अंदाजा लगा सकते हैं। उदाहरण के तौर पर, अगर आप 8 लाख रुपये की ऑन-रोड कीमत वाली कार खरीद रहे हैं और महीने की किस्त ₹10,000 के अंदर रखना चाहते हैं, तो आपको अभी करीब ₹1.7 से ₹1.8 लाख का डाउन पेमेंट करना होगा। ध्यान रखें कि कुछ चुनिंदा बैंक अभी भी 8 फीसदी से कम ब्याज दर और प्रोसेसिंग फीस माफी जैसे स्पेशल ऑफर दे रहे हैं। इसलिए लोन के पेपर्स साइन करने से पहले इन योजनाओं की वैधता की जांच जरूर कर लें।

अगर आरबीआई आज ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करता (यथास्थिति बनाए रखता है), तो तुरंत कार बुक करना आपके लिए फायदेमंद रहेगा, क्योंकि इससे आप फेस्टिव ऑफर्स और डीलर डिस्काउंट का फायदा लॉक कर सकेंगे। लेकिन अगर दरें बढ़ती हैं, तो बैंकों द्वारा नए रेपो-लिंक्ड रेट्स जारी करने के लिए 48 से 72 घंटे का इंतजार करें। इसके बाद अपनी लोन शर्तों की तुलना नई दरों से करें। बुकिंग अमाउंट जमा करने से पहले फ्लोटिंग लोन से जुड़ी शर्तें—जैसे रीसेट की अवधि, प्रोसेसिंग फीस माफी और प्री-पेमेंट चार्ज—जरूर जांच लें।